ओसियां में पेयजल संकट की समस्या को लेकर मैं पहले भी लगातार इस मुद्दे को उठाती रही हूँ, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और जलदाय विभाग ने समय रहते कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
आज हालात यह हैं कि पानी के लिए ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है, हाईवे जाम करना पड़ रहा है और भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं कम दबाव से जलापूर्ति हो रही है, कहीं कई दिनों तक पानी नहीं पहुँच रहा और लोगों को महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
हर बार अवैध कनेक्शनों का बहाना बनाकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। यदि शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? और यदि अवैध कनेक्शन ही पूरी समस्या की जड़ हैं, तो फिर आज तक विभाग क्या करता रहा?
पानी कोई सुविधा नहीं, लोगों का बुनियादी अधिकार है। सरकार को औसियां क्षेत्र के पेयजल संकट का स्थायी समाधान तत्काल करना चाहिए, ताकि लोगों को अपने हक़ के पानी के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।
#Osian #WaterCrisis #Rajasthan #JalSankat
ओसियां में पेयजल संकट की समस्या को लेकर मैं पहले भी लगातार इस मुद्दे को उठाती रही हूँ, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और जलदाय विभाग ने समय रहते कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
आज हालात यह हैं कि पानी के लिए ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है, हाईवे जाम करना पड़ रहा है और भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कहीं कम दबाव से जलापूर्ति हो रही है, कहीं कई दिनों तक पानी नहीं पहुँच रहा और लोगों को महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
हर बार अवैध कनेक्शनों का बहाना बनाकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। यदि शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? और यदि अवैध कनेक्शन ही पूरी समस्या की जड़ हैं, तो फिर आज तक विभाग क्या करता रहा?
पानी कोई सुविधा नहीं, लोगों का बुनियादी अधिकार है। सरकार को औसियां क्षेत्र के पेयजल संकट का स्थायी समाधान तत्काल करना चाहिए, ताकि लोगों को अपने हक़ के पानी के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।
#Osian #WaterCrisis #Rajasthan #JalSankat
Warmest congratulations to @DKShivakumar Ji on taking oath as the Chief Minister of Karnataka. His extensive leadership experience and dedication to public service will undoubtedly guide the state toward greater social justice and inclusive growth.
My sincere gratitude also goes to former Chief Minister @siddaramaiah Ji for his dedicated service and lasting contributions to Karnataka’s welfare and development.
Blavatnik School of Government, University of Oxford में संवाद के दौरान अपने विचार रखते हुए मैंने प्रमुखता से इस बात को रेखांकित किया कि आदरणीय @RahulGandhi जी लगातार OBC,महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय व राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं।
मैं OBC समुदाय से आती हूँ। आज मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में जम्मू-कश्मीर की सचिव के रूप में जिम्मेदारी मिली है।
यह केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं है बल्कि उस राजनीति का उदाहरण है जिस राहुल गांधी जी आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ OBC, महिलाएँ, युवा और वंचित वर्ग केवल वोटर नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले नेतृत्व का हिस्सा बनें।
राहुल गांधी जी संगठनात्मक ढाँचे में vertical और horizontal — दोनों स्तरों पर बड़े सुधार कर रहे हैं। “संगठन सृजन अभियान” के माध्यम से जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियों में OBC, SC, युवाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है।
यह केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिनिधिक लोकतंत्र, समावेशी और सामाजिक न्याय आधारित बनाने की प्रक्रिया है।
#DivvyaMahepalMadernnaAtOxford #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford #RahulGandhi #Congress #OBC
Blavatnik School of Government, University of Oxford में संवाद के दौरान अपने विचार रखते हुए मैंने प्रमुखता से इस बात को रेखांकित किया कि आदरणीय @RahulGandhi जी लगातार OBC,महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय व राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं।
मैं OBC समुदाय से आती हूँ। आज मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में जम्मू-कश्मीर की सचिव के रूप में जिम्मेदारी मिली है।
यह केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं है बल्कि उस राजनीति का उदाहरण है जिस राहुल गांधी जी आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ OBC, महिलाएँ, युवा और वंचित वर्ग केवल वोटर नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले नेतृत्व का हिस्सा बनें।
राहुल गांधी जी संगठनात्मक ढाँचे में vertical और horizontal — दोनों स्तरों पर बड़े सुधार कर रहे हैं। “संगठन सृजन अभियान” के माध्यम से जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्तियों में OBC, SC, युवाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है।
यह केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिनिधिक लोकतंत्र, समावेशी और सामाजिक न्याय आधारित बनाने की प्रक्रिया है।
#DivvyaMahepalMadernnaAtOxford #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford #RahulGandhi #Congress #OBC
मथानिया की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठने के बावजूद हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं।
कचरे के ढेर, जाम नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी और बंद सार्वजनिक शौचालय यह दिखाने के लिए काफी हैं कि नगर पालिका व्यवस्था ज़मीन पर किस स्तर पर काम कर रही है।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि शिकायतें लगातार हो रही हैं, खबरें लगातार प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार तंत्र अब भी केवल आश्वासन और औपचारिकताओं तक सीमित दिखाई देता है।
“स्वच्छता अभियान” के दावों और ज़मीनी सच्चाई के बीच का अंतर अब जनता खुली आंखों से देख रही है। यह गंदगी न सिर्फ हमारे क्षेत्र की सूरत बिगाड़ रही है, बल्कि आम जनमानस के स्वास्थ्य और सम्मान के साथ खिलवाड़ भी कर रही है।
प्रशासन को इस दिखावे की राजनीति को तुरंत बंद कर धरातल पर तत्काल स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
#SwachhBharat #Rajasthan #Mathania #Osian
मथानिया की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठने के बावजूद हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं।
कचरे के ढेर, जाम नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी और बंद सार्वजनिक शौचालय यह दिखाने के लिए काफी हैं कि नगर पालिका व्यवस्था ज़मीन पर किस स्तर पर काम कर रही है।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि शिकायतें लगातार हो रही हैं, खबरें लगातार प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार तंत्र अब भी केवल आश्वासन और औपचारिकताओं तक सीमित दिखाई देता है।
“स्वच्छता अभियान” के दावों और ज़मीनी सच्चाई के बीच का अंतर अब जनता खुली आंखों से देख रही है। यह गंदगी न सिर्फ हमारे क्षेत्र की सूरत बिगाड़ रही है, बल्कि आम जनमानस के स्वास्थ्य और सम्मान के साथ खिलवाड़ भी कर रही है।
प्रशासन को इस दिखावे की राजनीति को तुरंत बंद कर धरातल पर तत्काल स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
#SwachhBharat #Rajasthan #Mathania #Osian
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में आयोजित संगठन सृजन अभियान के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर संगठनात्मक मजबूती की दिशा में सार्थक संवाद का हिस्सा बनी। इस शिविर में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भाग ले रहे हैं, जहाँ कार्यकर्ताओं की भूमिका और जनसंपर्क पर विस्तार से चर्चा हुई।
यह अभियान कांग्रेस विचारधारा, संविधानिक मूल्यों और जनसेवा के संकल्प को और सशक्त करेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय श्री @RahulGandhi जी की इस पहल से संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी।
📍कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
#SangathanSrijanAbhiyan #Congress #RahulGandhi #Kangra #DivvyaMadernna
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में आयोजित संगठन सृजन अभियान के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर संगठनात्मक मजबूती की दिशा में सार्थक संवाद का हिस्सा बनी। इस शिविर में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भाग ले रहे हैं, जहाँ कार्यकर्ताओं की भूमिका और जनसंपर्क पर विस्तार से चर्चा हुई।
यह अभियान कांग्रेस विचारधारा, संविधानिक मूल्यों और जनसेवा के संकल्प को और सशक्त करेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय श्री @RahulGandhi जी की इस पहल से संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी।
📍कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
#SangathanSrijanAbhiyan #Congress #RahulGandhi #Kangra #DivvyaMadernna
मोदी जी
Living God ❌
Line of God ✅
🔸 नोटबंदी : जनता लाइन में
🔸 कोरोना : ऑक्सीजन के लिए लाइन
🔸 महंगाई : गैस सिलेंडर के लिए लाइन
🔸 पेट्रोल : जनता लाइन में
“ऐ मिरी गुल-ज़मीं तुझे चाह थी इक किताब की
अहल-ए-किताब ने मगर क्या तिरा हाल कर दिया।”
आज यही हमारे समय की सच्चाई है। बीजेपी शिक्षा के पवित्र आँगन को राजनीति का अखाड़ा बना रही है। किताबों की जगह नफ़रत बोई जा रही है, सवालों की जगह द्वेष पैदा किया जा रहा है।
ए. आर. रहमान जैसे वैश्विक प्रतिभा को भी अगर धर्म के चश्मे से देखा जाने लगे, जिन पर पूरा देश गर्व करता है, तो यह सिर्फ़ किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं है। यह उस सोच पर हमला है जो कला, ज्ञान और मेहनत को मज़हब से ऊपर मानती है।
मुझे डर है कि अगर यही सिलसिला चलता रहा, तो आने वाले वक़्त में सपने देखने वालों को भी देशद्रोही कहा जाएगा और अगर हम अब भी नहीं जागे, तो यह देश सिर्फ़ असहमति-विहीन नहीं, बल्कि स्वप्नवर्जित देश बन सकता है।
प्रेस वार्ता |📍 नई दिल्ली
“ऐ मिरी गुल-ज़मीं तुझे चाह थी इक किताब की
अहल-ए-किताब ने मगर क्या तिरा हाल कर दिया।”
आज यही हमारे समय की सच्चाई है। बीजेपी शिक्षा के पवित्र आँगन को राजनीति का अखाड़ा बना रही है। किताबों की जगह नफ़रत बोई जा रही है, सवालों की जगह द्वेष पैदा किया जा रहा है।
ए. आर. रहमान जैसे वैश्विक प्रतिभा को भी अगर धर्म के चश्मे से देखा जाने लगे, जिन पर पूरा देश गर्व करता है, तो यह सिर्फ़ किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं है। यह उस सोच पर हमला है जो कला, ज्ञान और मेहनत को मज़हब से ऊपर मानती है।
मुझे डर है कि अगर यही सिलसिला चलता रहा, तो आने वाले वक़्त में सपने देखने वालों को भी देशद्रोही कहा जाएगा और अगर हम अब भी नहीं जागे, तो यह देश सिर्फ़ असहमति-विहीन नहीं, बल्कि स्वप्नवर्जित देश बन सकता है।
प्रेस वार्ता |📍 नई दिल्ली