हमारे देश का विपक्ष संसद की कार्यवाही को बाधित क्यों कर रहा है क्या हम लोगों ने इन बाबतीत करने वाले सांसदों को इसीलिए चुनकर भेजा है जो यह पैसा बर्बाद हो रहा है इसकी भरपाई कौन करेगा आखि�� विपक्षी देश की तरक्की क्यों नहीं होने दे रहा है विकसित भारत क्यों नहीं बनने दे रहा है विपक्ष
हमारे देश का विपक्ष संसद की कार्यवाही को बाधित क्यों कर रहा है क्या हम लोगों ने इन बाबतीत करने वाले सांसदों को इसीलिए चुनकर भेजा है जो यह पैसा बर्बाद हो रहा है इसकी भरपाई कौन करेगा आखिर विपक्षी देश की तरक्की क्यों नहीं होने दे रहा है विक��ित भारत क्यों नहीं बनने दे रहा है विपक्ष
दुनिया भर में कितना प्रतिशत कुरान के बारे में जानते हैं मुसलमान भाई बताने का कष्ट करें सच्चा मुसलमान कुरान के कुरान के अनुसार चल रहा है कितने प्रतिशत मुसलमान कुरान को अपना रहे हैं कितने प्रतिशत मुसलमान इस्लाम और कुरान के नाम पर अपनी ठेकेदारी चला रहे हैं
शनिदेव की न्याय प्रियता के आगे भगवान शिव को भी झुकना पड़ा।
पौराणिक कथा के अनुसार एक समय शनि देव भगवान शंकर के धाम हिमालय पहुंचे। उन्होंने अपने गुरुदेव भगवान शंकर को प्रणाम कर उनसे आग्रह किया," हे प्रभु! मैं कल आपकी राशि में आने वाला हूं अर्थात मेरी वक्र दृष्ट��� आप पर पड़ने वाली है।
शनिदेव की बात सुनकर भगवान शंकर हतप्रभ रह गए और बोले, "हे शनिदेव! आप कितने समय तक अपनी वक्र दृष्टि मुझ पर रखेंगे।"
शनिदेव बोले, "हे नाथ! कल सवा प्रहर के लिए आप पर मेरी वक्र दृष्टि रहेगी। शनिदेव की बात सुनकर भगवन शंकर चिंतित हो गए और शनि की वक्र दृष्टि से बचने के लिए उपाय सोचने लगे।"
शनि से बचने हेतु शिव ने धारा हाथी का रूप शनि की दृष्टि से बचने हेतु अगले दिन भगवन शंकर मृत्यु लोक आए। भगवान शंकर ने शनिदेव और उनकी वक्र दृष्टि से बचने के लिए एक हाथी का रूप धारण कर लिया। भगवान शंकर को हाथी के रूप में सवा प्रहर तक का समय व्यतीत करना पड़ा तथा शाम होने पर भगवान शंकर ने सोचा की अब दिन बीत चुका है और शनिदेव की दृष्टि का भी उन पर कोई असर नहीं होगा। इसके उपरांत भगवान शंकर पुनः कैलाश पर्वत लौट आए।
भगवान शंकर प्रसन्न मुद्रा में जैसे ही कैलाश पर्वत पर पहुंचे उन्होंने शनिदेव को उनका इंतजार करते पाया। भगवान शंकर को देख कर शनिदेव ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। भगवान शंकर मुस्कराकर शनिदेव से बोले,"आपकी दृष्टि का ��ुझ पर कोई असर नहीं हुआ।"
यह सुनकर शनि देव मुस्कराए और बोले," मेरी दृष्टि से न तो देव बच सकते हैं और न ही दानव यहां तक की आप भी मेरी दृष्टि से बच नहीं पाए।"
यह सुनकर भगवान शंकर आश्चर्यचकित रह गए। शनिदेव ने कहा, मेरी ही दृष्टि के कारण आपको सवा प्रहार के लिए देव योनी को छोड़कर पशु योनी में जाना पड़ा इस प्रकार मेरी वक्र दृष्टि आप पर पड़ गई और आप इसके पात्र बन गए। शनि देव की न्याय प्रियता देखकर भगवान शंकर प्रसन्न हो गए और शनिदेव को हृदय से लगा लिया।
#साभार
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देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इन���े नेताओं के ईमानदारी के 'भाषणों' को सुनें... 😂😂😂
जनता से जो लूटा है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है।
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गिलोय एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है...
कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला औ�� इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई।
इसका वानस्पिक नाम( Botanical name) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (tinospora cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुं��रता को भी निखारते हैं...
आइए जानते हैं गिलोय के फायदे…
1. गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता..गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के ब���ुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं।
2. ठीक करती है बुखार...अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।
3. गिलोय के फायदे – डायबिटीज के रोग��यों के लिए
गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।
5. पाचन शक्ति बढ़ाती है....यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है।
6. कम करती है स्ट्रेस...गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है...आपने पूरी पोस्ट पढ़ी , आपका बहुत -बहुत धन्यवाद...
जय सनातन धर्म, जय श्रीराम जय गोविंदा
30 दिन के अंदर फांसी होनी चाहिए महिला अपराध महिला अत्याचार के लिए एक सशक्त निष्पक्ष टास्क फोर्स का गठन होना चाहिए वह केवल केवल ��हिला अपराध महिला अत्याचार पर ही अपनी कार्रवाई कर सके
महिलाओं पर बढ़ते अब रात के लिए सभी माताए सभी बहने सभी बेटियों को चाहे पत्रकार हो अधिवक्ता ह�� अधिकारी हो किसी भी एजेंसी में कायत हो लेखक हो आम हो या खास हो
सभी को सामान्य महिला से लेकर हमारे विधायक प्रतिनिधि महिलाएं सांसद प्रतिनिधि महिलाएं अन्य ग्राम पंचायत से लेकर देश तक सर्वोच्च पद पर विराजमान हमारे देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय सबको एक होकर महिला अपराध पर आवाज बुलंद करनी पड़ेगी ऐसा कानून देश में बनना चाहिए बलात्कारियों