लगता है मंगल पाण्डेय को इसी कारण इसबार के सरकार में कोई मंत्रालय नहीं मिला
मंगल पांडेय जी का डस्टबिन में घुसा दिए 300 करोड़ रुपया
1500 रुपया का डस्टबिन 15000 में खरीदा गया है...1000-2000 नहीं संतोष सिंह जी पत्रकार की मानें तो 200000 लाख डस्टबिन खरीदा गया है और जो काम 30 करोड़ में होता उसके लिए 306 करोड़ खर्च किया गया😂
मंगल पांडे जी पर एम्बुलेंस में ही खरीद -फरोख्त करने में भी धांधली का आरोप लगा था
12-13 लाख वाला एम्बुलेंस 27-28 लाख में खरीदा गया था..अब मंत्रालय से जाने के बाद 300 करोड़ का डस्टबिन घोटाला सामने आया है
देखते हैं @Nishantjdu जी मंगल अंकल पर क्या कार्यवाही करते हैं
•मैडम का नाम मुस्कान प्रत्युष है
•मैडम बिहार के जाने माने पैकेज धारी पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष कि बिटिया है
•मैडम के बडे पापा बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय रह चुके है
•मैडम के पापा मेरा बकाया सैलरी नहीं दिए और अपनी बिटिया को चमका कर नेपो पत्रकार बना दिए
•मैडम को पत्रकारिता उतना ही आता है जितना अभिषेक बच्चन को एक्टिंग
•मैडम के पापा अयोध्या के मठ के मठाधिश बने वजह आप जान ही गए होंगे कि अगर पत्रकार मठ का मठाधिस बना होगा तो आखिर क्यों?
•मैडम 2027 यूपी इलेक्शन से पहले यूपी पहुंचकर बाहुबलियो का इंटरव्यू कर रहीं है ताकि पैकेज का खेल बना रहे
•मैडम पत्रकार से बढ़िया रीलबाज है
बड़े सूत्र ने बताया
BJP MPs की एक मीटिंग चल रही थी
मीटिंग ख़त्म हुई, अमित शाह निकलने लगे
मकर द्वार पर समूचा विपक्ष ‘अमित शाह सदन में आओ’ की हुंकार भर रहा था
अमित शाह चुपचाप शार्दूल द्वार से निकल लिए
ऐसा क्या डर, क्या ख़ौफ़ है?
अमित शाह आप भागे भागे क्यों फिर रहे हैं?
The entire government - from Kiren Rijiju to Amit Shah - is parroting the same line: “We are ready to discuss the matter.”
But what “matter” have they agreed to discuss?
Are they willing to answer who authorised the shooting of our students?
Are they willing to discuss the looting of the Ram Mandir?
Is Modi willing to apologise for both?
The government does not get to be selective about which questions it will answer.
अस्पताल में बेड हो ना हो
लेकिन
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का बोर्ड चमकते रहना चाहिए
Welcome to “Governance by marketing”
👏👏👏well done young lady
>ब्रो का नाम अभय कुमार तिवारी है।
>ब्रो TDPL में मनोज तिवारी नाम से Marketing Manager था।
>ब्रो साथ ही झारखंड सरकार में Block Supply Officer, Godda (Poreyahat) भी था।
>ब्रो ने कथित तौर पर दो नामों से काम किया।
>ब्रो ने खुद 13 साल में 12 परीक्षाएं “क्लियर” कीं।
>ब्रो का अपना रिकॉर्ड ही कथित नेटवर्क का सबसे बड़ा advertisement बन गया।
>CID ने ब्रो को 22 July 2026 को Poreyahat से गिरफ्तार किया और किराए के मकान से कथित तौर पर ₹5 लाख cash बरामद की।
>ब्रो ने TDPL को ठेका दिलाने के लिए L. Khiyangte से ₹2 करोड़ + 20% कमीशन का डील किया (संपर्क Dharmendra Kumar के जरिए)।
>Prelims की दर रखी: General ₹5 लाख, SC/ST ₹2-3 लाख।
>Guaranteed selection के नाम पर candidates से ₹25–40 लाख तक वसूले।
>Final Selection की दर बढ़ाई: ₹60-70 लाख प्रति उम्मीदवार।
>Interview में नंबर बढ़ाने के लिए ₹15 लाख प्रति कैंडिडेट वसूले (7 लोगों से ₹1.05 करोड़)।
>TDPL के साथ मिलकर Candidate Codes बनाकर “Set” उम्मीदवारों को खास Interview Board तक पहुंचाया।
>OMR manipulation और answer-key leakage करवाई।
>JSSC CGL का पेपर लीक करवाया, >Candidates को सवाल-जवाब याद करवाए और ₹1.80 करोड़ लिए।
>CDPO परीक्षा में भी ₹10 लाख प्रति कैंडिडेट की Setting की।
>11वीं–13वीं JPSC समेत कई परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करवाई।
>परिवार के कुछ सदस्यों (भाई Akshay Tiwari और पत्नी समेत) को भी कथित तौर पर सरकारी नौकरियां दिलवाईं।
>ब्रो के बयान के बाद पूर्व JPSC चेयरमैन L. Khiyangte गिरफ्तार हुए।
>Arjita Bhattacharya, Jamal Ahmad, Anima Hansda पर भी जांच शुरू हुई।
>TDPL Director Ramveer Singh समेत कई लोग गिरफ्तार हुए।
>पूरा नेटवर्क (बिचौलिये + Coaching + Officials + Computer Operators) सामने आया।
>कुल गिरफ्तारियों की संख्या लगभग 19–20 पहुंच गई।
मैं राम मंदिर जाता हूं तो मेरी लंगोटी तक चेक होती है !
ये लोग बोरा में भर भर के चंदा चुरा कर ले गए !
-करपात्री जी महाराज
श्री राम धन लूट मामले में अयोध्या के संत चम्पत राय और अनिल मिश्रा पर फायर है..ट्रस्ट और सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं..!
सरकार के लिय रामधन गमन मामला गले की फांस बनता जा रहा है..इसका परिणाम 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा क्या..?
Prayagraj, UP: Police Caught A Girl named Pallavi Singh Rajput who targeted wealthy men through Tinder, Bumble and social media, recorded private moments and later used them to extort money by threatening serious criminal cases.
Police say over ₹6 crore was recovered, with multiple fake identities also uncovered.