तमिलनाडु मॉडल: दलित युवकों की ऑनर किलिंग सबसे बड़ा धब्बा
सामाजिक न्याय और कल्याणकारी राज्य का अब तक सबसे बेहतरीन मॉडल तमिलनाडु का बहुसंख्यक गैर-दलित समाज ब्राह्मण धर्म ( हिंदू धर्म) के सबसे मुख्य और बड़े संहिताकार मनु के सबसे सख्त आदेश आज भी पालन करता है कि किसी सूरत में ‘निम्न वर्ण’ का पुरूष अपने उच्च वर्ण की स्त्री से शादी न करे। ऐसे करने पर मनु सख्त दंड का प्रावधान करता है। तमिलनाडु के गैर-दलित ( बहुसंख्यक ब्राह्मण धर्म के अनुसार शूद्र) दलितों के मामले में इस आदेश का सख्ती से पालन करते हैं। यदि कोई दलित गैर-दलित मनु के इस आदेश का उल्लंघन करके किसी गैर-दलित लड़की से शादी कर लेता है, तो बहुसंख्यक मामलों में उसकी हत्या निश्चित है। गैर-दलित से लड़की से शादी करके दलित पुरूष भारतीय समाज में घोषित सबसे बड़ा अपराध करता है, क्योंकि वह तो चार वर्णों में भी शामिल नहीं है, वह उससे भी बाहर है, दख्खिन टोले का अन्यत्यज है। वह तो वर्ण-जातिवादी समाज में घोषित सबसे बड़े घृणा के पात्र ‘अछूत’ समाज से आता है। जिसको छूना तक घृणित माना जाता हो, वह वह सछूत की लड़की से प्रेम करे, शादी करे, बिस्तर शेयर करे, सछूत का दामाद बने, जीजा बने, फूफा बने, उसकी लड़की से , सेक्स करे,बच्चे पैदा करे यह तो भारतीय समाज का गैर-दलित बर्दाश्त करने के कौन कहे, सोचना कर भी भीतर से हिल जाता है। यदि कोई दलित ऐसे करने की जुर्रत करता है, तो उसकी शंबूक की तरह हत्या करीब-करीब निश्चित है, यह स्थिति तमिनाडु में भी बरकरार है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया, उनकी बेटी इवांका को 39 लाख का उपहार दिया। यह उपहार ट्रंप के पहले कार्यकाल में दिया गया। यह उपहार भारतीय जनता के पैसे से दिए गए। जिनकी कोई सूचना मोदी सरकार ने सार्वजनिक नहीं की थी। बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह जानकारी अमेरिका ने सार्वजनिक की। जो उपहार दिए गए उससे कोई अंदाज लगा सकता है कि किसी स्तर पर जाकर ट्रंप और उनके परिवार को खुश करने के लिए उपहार देकर चापलूसी की गई-
बाइडन प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार, ट्रंप परिवार को भारत से कुल 17 अनरिपोर्टेड (रिपोर्ट न किए गए) उपहार प्राप्त हुए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत $47,000 (लगभग ₹39 लाख) थी। इन उपहारों में एक महंगी फूलदान, ताजमहल का एक मॉडल, कफलिंक्स, मेलानिया ट्रंप के लिए एक डिज़ाइनर चार्म ब्रेसलेट, और इवांका ट्रंप के लिए एक रेशमी गलीचा व चांदी की चारमीनार की मूर्ति शामिल हैं।
ट्रंप ने उसके बदले में अभी हाल में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत के हाथों एक फोटो उपहार स्वरूप अपने हस्ताक्षर के साथ नरेंद्र मोदी को भेजा है। जिसमें दोनों हाथ मिला रहे है।
( स्रोत द इंडियन एक्सप्रेस, 19 अक्टूबर)
तीन तरह के लोग अब कांग्रेस छोड़ देंगे-
1-जो नेता 100 करोड़-हजार करोड़ के मालिक हैं।
2- जो नेता जाति जनगणना, आरक्षण और आबादी के अनुपात में संसाधनों में हिस्सेदारी जैसे सामाजिक न्याय के मुद्दों से नफ़रत करते हैं।
3-जो नेता RSS के विचारों सहमत हैं।
इनकी भाजपा सहज शरणस्थली है।
इस देश के हिंदू तीनों बड़े अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों ( सिखों ( 1984), मुसलमानों ( 2002-गुजरात) और अब ईसाइयों ( 2023 मणिपुर) के खिलाफ बडे़ पैमाने की सामूहिक हिंसा कर चुके।
अडानी की धोखाधड़ी के खिलाफ सपा अध्यक्ष का तीखा हमला क्या इस ओर इशारा कर रहे हैं कि सपा अपनी राजनीति दिशा बदल रही है और खुद को उत्तर प्रदेश में 2024 में भाजपा के एकमात्र विकल्प के रूप मे प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है?
रामचरित मानस और जाति जनगणना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की
अवस्थिति, हाल में घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सामाजिक प्रतिनिधित्व का स्वरूप, सपा के विभिन्न प्रकोष्ठों एवं प्रदेशों के अध्यक्षों के नाम, गोमांस के सवाल पर सपा के राष्ट्रीय महासविच स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान
Thread
“भारतीय समाज को कैसा होना चाहिए और कैसा नहीं होना चाहिए, भारतीय आदमी का कौन सा रूप घृणास्पद है और कौन सा रूप प्यारा है, यदि आप यह जानना चाहते हैं और मनुष्य बनना चाहते हैं, तो आपको दलित साहित्य पढ़ना ही पड़ेगा।” रमेश भंगी
रिपोर्ट-@SiddharthRamu
https://t.co/zSewQF6WlF
हिंदी पट्टी के जिन व्यक्तित्वों ने वर्ण-जाति व्यवस्था और पितृसत्ता को चुनौती दी तथा हिंदी पट्टी में पुनर्जागरण और आधुनिकीकरण करने की महान कोशिश की और प्रगतिशील वैचारिकी को स्थापित करने के लिए अपनी जिंदगी खपा दी, उन व्यक्तित्वों में एक महान व्यक्तित्व ललई सिंह यादव हैं।
'अन्याय जिधर है, उधर शक्ति'
कमजोर लोगों की शांति और सौहार्द की चाह, अक्रामक और अन्यायी, किंतु ताकतवर को न्यायी ठहराने के पक्ष में समर्पण के लिए बाध्य कर देती है और इसमें ही बेहतहर भविष्य की उम्मीद करती है। इन कमजोर लोगों में मैं भी शामिल हूं, बेबश और लाचार। असहाय और निरूपाय।