अभिनव सर राकेश यादव को एक्सपोज़ नहीं करते, तो SSC CGL टॉपर की खरीद-फरोख्त का खेल महामारी की तरह फैल जाता। खैर अब देखिएअभिनव सर कैसे एक एक परत खोलकर पूरी धोती खोल रहे हैं
@abhinaymaths सर बहुत बहुत धन्यवाद
बेचारा राकेश यादव खान सर को एक्पोज करने निकले थे सब का मकसद एक ही है
बसपा चुनाव लड़ेगी ही। चुनाव के लिए पैसा चाहिए। उधोगपति सपा-आरजेडी-ममता-केजरीवाल-वामदल को दे देते है। बसपा कँहा से लाएगी? आसमान से टपकेंगे?
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सपा नेता लक्ष्मण यादव की एक क्लिप काफी मुझे भेजकर बता रहे है की बहनजी से मिलने के लिए 5 लाख रुपया व टिकट के लिए इतना देना पड़ेगा। सुबह से इसपर जवाब देने के लिए कई मैसेज व कॉल आ चुकी है।
मुझे इस क्लिप का सुबह पता लग गया। बार बार मित्रो की कॉल आ रही थी लेकिन में सुबह से Pay back to Society के अंतर्गत ऐसी एक छात्रा की फीस भरवाने में लगा हूँ जिसके पिता मान्यवर के साथ 1980 से जुड़े हुए है।। कुछ मदद एक बसपा नेता से ही करवाई थी, काफी रह गए। उंसके लिए आज सुबह से प्रयास कर रहा था क्योंकि उसके पिता अम्बेडकरवाद को फैलाने में उन्होंने पूरा जीवन दे दिया। 2018 में केस तक भी उनपर दर्ज हुआ व 2021 में उनका निधन हो गया। उनकी एक लड़की का अंतिम सेमेस्टर था। कई बार आग्रह किया। इसलिए उसमे ज्यादा इंटरेस्ट ले रहा हूँ।
अब मुद्दे पर आते है।
1.तो जनाब;
प्रश्न : पार्टी खड़ी करके चलाने के लिए सबसे ज्यादा क्या जरूरी है?
उत्तर : अगर वोट कह रहे है तो गलत है। सबसे ज्यादा जरूरी है "पैसा"
मेने देखा कि एक मामूली से पार्षद के चुनाव में 10 से 15 लाख रुपये खर्च होते है। इंहा तक कि पैसा इतना जरूरी है कि;
"केजरीवाल ने शुरू में ऑफर दिया कि वो उन लोगो के साथ लंच करेंगे जो उन्हें चन्दा देगा"
2.देश के 17% व उत्तर प्रदेश के 22% अनुसुचित जाति वर्ग को अपनी यह हैसियत देख लेनी चाहिए कि भारत के बड़े से बड़े या छोटे से छोटे उधोगपति ने भाजपा कोंग्रेस, से अलग सपा , आरजेडी, आम आदमी पार्टी, ममता तक को चन्दा दिया। इंहा तक कि वाम दलों तक को बांड के जरिये चन्दा दिया। लेकिन बसपा ही नही अन्य किसी दलित पार्टी को एक रुपया चन्दा नही दिया।
प्रश्न : क्यो?
उत्तर : क्योंकि वो नही चाहते कि जो कल तक खाट के पास खड़े होने की औकात नही रखते रहे वो राजनीति में अपने आप को बनाकर रखे। उधोगपति कौन है? एससी या एसटी समाज से नही बल्कि उन्ही प्रिविलेज क्लास से है जिन्होंने शोषण किया है। फिर वो चन्दा क्यो देंगे?
3.अब मान्यवर कांशीराम साहब ने एक वोट एक नोट का आह्वान किया। उन्हें पता था कि हमे कोई उधोगपति चन्दा नही देगा। इसलिए मान्यवर ने ग्ररीब जनता से चन्दा लेना शुरू किया। उंसके लिए कूपन जांरी किये गए।
4.मेरा भाई सुरेंद्र सिद्धार्थ 1982 से मान्यवर कांशीराम से जुड़े हुए थे। मेरे घर भी मान्यवर व बहनजी का एक बार आगमन हुआ। मेरा भाई नई दिल्ली के करोलबाग में जूते से जुड़े मैटीरियल लेने हर हफ्ते जाते थे। कई दुकान से खरीदकर मान्यवर के ऑफिस में इकट्ठा करते ओर फिर वापस सहरानपुर आ जाते। इस दौरान मान्यवर से बात होती तो सबसे पहला प्रश्न मान्यवर का होता कि गरीब समाज के लोगो स कितना चन्दा इकट्ठा हुआ। क्योंकि सन्गठन के लिए चन्दा जरूरी है। कई साल तक मेरा भाई मान्यवर से करोलबाग में मिलते रहे।
5.मान्यवर ने कूपन देने शुरू किए। पदाधिकारियो की जिम्मेदारी थी कि मान्यवर से जब भी मिले सबसे पहले कूपन से कितना इकट्ठा हुए उसका विवरण दे। फिर पदाधिकारी किसी नए व्यक्ति को लेकर आते और बताते की मान्यवर साहब इसे हमने जिम्मेदारी दी थी और इन्होंने पार्टी मूवमेंट के लिए इतना पैसा इकट्ठा किया।
6.अब जो क्लिप वायरल हो रही है उसमे प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल व लखनउ के एक कॉर्डिनेटर थोडा इस प्रकार कहते कि;
"पहले पार्टी के लिए चन्दा इकट्ठा करो। 5 लाख इकट्ठा करो। फिर बहनजी से मिलवाता हूँ व टिकट के लिए इतना आपको कूपन से इकट्ठा करना पड़ेगा, जिसके बाद ही पार्टी आपको टिकट देगी"
तो ज्यादा सही रहता। लेकिन यह इतना बड़ा issue नही है। जिन्हें लग रहा है वो बताये की;..
"केजरीवाल ने मिलने के लिए डिनर डिप्लोमेसी क्यो करी। उसपर कितना ज्ञान दिया? बहनजी पार्टी के चुनाव लड़ने के लिए कँहा से पैसा लाएगी? केजरीवाल ने भी चुनाव लड़ने के लिए इसे करा, वो गलत नही लगा।"
7.इसलिए बिना पैसा चुनाव नही लड़ा जाता। सपा ने जया बच्चन को क्यो टिकट दिया? अम्बानी से सम्बन्ध क्यो अच्छे है? उत्तर है चुनाव के खर्च के लिए।
लेकिन लक्ष्मण यादव इसे नही बताएगा। वो नही बताएगा कि सपा व आरजेडी को उधोगपति क्यो चन्दा दे रहे है। वो एससी को बताएगा कि बहनजी पैसा मांग रही है।
8.बाकि;
"सुबह से 20 व्यक्तिओ को कॉल मैसेज कर चुका हूँ। जिसमे 2 ने छात्रा की थोड़ी मदद करी। लेकिन 25 अनुसूचित जाति के व्यक्ति मुझसे कॉल मैसेज करके पूछ रहे है कि क्लिप वायरल हो रही है। इन 25 मे 22 ऐसे है जिन्होंने कभी भी कई बार कहने पर "Pay back to सोसाइटी" नही करी जबकिं अधिकारी तक है।"
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@AnandAkash_BSP
उक्त प्रकरण में वायरल वीडियो काफी समय पूर्व का है, जिसमें थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्ति को दिनांक 08.04.2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कृपया पुराने वीडियो को बार-बार वायरल कर सामाजिक सौहार्द खराब ना करें, अन्यथा आपके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा जाएगी।
कुछ लोग खान सर पर फर्जी SDM-RTO दिखाने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन क्या यह नहीं हो सकता कि खान सर भी धोखे का शिकार हुए हों, जैसे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के कथित फर्जी UPSC चयन की खबर कई न्यूज़ चैनलों ने चला दी थी? @khan__sir_patna#khan
महाराष्ट्र में बाबासाहेब अम्बेडकर के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वाली एक युवती ने मीडिया के सामने आकर हाथ जोड़कर माफी मांगी। युवती के पिता ने भी अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी👇🏻
मैं बड़ा हैरान होता हूं जब कोई महिला बाबासाहेब अम्बेडकर का विरोध करती है तो...!!
बहन जी एक अच्छा फैक्टर रखती थी।
एक समय प्रधानमंत्री पद की दावेदार भी रही थीं।
वो अगर प्रदेश की समस्याओं को और मजबूती से रखें तो और ज्यादा बदलाब आयेगा।
यह बात @exampuroficial के संस्थापक @kmrvivek14 (विवेक सर) द्वारा बोली गई है।
साथियों इस पर आपकी क्या राय है??
मेरा तो यह मानना है कि अगर बहन जी आज भी सरकारी नौकरियों में चल रही अनियमितताओं पर एक ही ट्वीट कर दे तो भी सरकार में हलचल मच सकती है।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह का भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को लेकर झलका दर्द और कहा कि बाहर से आए नेताओं का सम्मान हो रहा हैं और जो भीम आर्मी में झंडा और डंडा लेकर काम कर रहे हैं वो उनको सम्मान नहीं मिल पा रहा हैं वो आज भी भीम आर्मी में दरी बिछा रहे हैं।
आगे विनय रतन सिंह ने कहा कि मुझे आज़ाद समाज पार्टी से अपने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के लिए टिकिट में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी चाहिए जिन्होंने भीम आर्मी के लिए मेहनत की है पसीना बहाया है।
यदि यह पूरा मामला उस विवाद से जुड़ा हुआ निकला, तो पूरे शिक्षक समाज के लिए शर्म और पीड़ा का विषय होगा।
विचारों का मतभेद, वैचारिक संघर्ष और पेशेगत प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन यदि किसी परिवार को अपूरणीय क्षति उठानी पड़े , तो इससे अधिक दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण क्या होगा?
बिहार पुलिस से निवेदन है कि जांच निष्पक्ष हो, किसी दबाव में नहीं।
गलत को सजा मिले, सही को न्याय मिले, और सत्य सामने आए।
मुझे बदनाम किया गया मेरी छवि खराब की गई कि मुख्यमंत्री निवास खाली करने के बाद हम इटालियन टोंटियों खोल कर ले गए...
और ये सब एक IAS अधिकारी और दैनिक जागरण अखबार द्वारा किया गया जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता.. ईश्वर इन्हें सजा देगा।
मुख्यमंत्री निवास को मेरे जाने के बाद गंगाजल से धुलवाया गया 2024 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज के मंदिर में मैने पूजा की उसे गंगलजल से धुलवाया गया।
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक पॉडकास्ट में कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रही मायावती जी ने हमे पूरी तरह से फ्री हैंड दे रखा था और आदेश दिया कि अपराधी कोई भी हो मंत्री हो विधायक हो मेरा या पराया हो किसी को बख़्शाना नहीं है।
ऐसे ही नहीं थोड़ी न बसपा की सरकार में क़ानून व्यवस्था एक दम चुस्त थी क़ानून द्वारा क़ानून का राज चलता था और इसलिए ही आज भी लोग बसपा के लॉ एंड ऑर्डर याद करते हैं।
प्रदेश की जनता को फिर से बसपा की सरकार बनाना चाहिए और मायावती जी सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहिए तभी प्रदेश में महिला सुरक्षा की बात होगी तभी कानून का राज स्थापित होगा।