कल ‘मोदी एक्ट लगवा कर पथरी का इलाज करवा लूँगा’ वाला समाचार पढ़ा था। अब जय भीम वाले ये भी कर सकते हैं। लेकिन मोदी जी और @BJP4India को अपने हर राज्य में ‘अम्बेडकर दलित डुओ योजना’ चला कर एक-एक iPhone Duo ‘पढ़ाई’ के लिए दे देना चाहिए। फोन भी है, टैब भी है, इसमें AI यानी अम्बेडकर इंटेलिजेंस भी है।
मेरे केस में जो गालियाँ थीं, उस पर कोई SC/ST एक्ट नहीं बना। किस बात को उन्होंने आधार बनाया? कि मैंने ये क्यों कहा कि चंद्रशेखर रावण को स्वयं को योग्य बनाना होगा कि कोई भी व्यक्ति जो है, अपनी बेटी का ब्याह उसके साथ करे।
तो ये कहने का मतलब ऐसा हुआ कि आप योग्य बनने की जो बात कर रहे हो, वो आपके हाई कास्ट और सेंस ऑफ प्योरिटी से आता है। जबकि योग्य का मतलब है, आपके अंदर वो गुण हैं या नहीं, आपकी शिक्षा क्या है, आपका स्टेटस क्या है।
कोर्ट ने इस मामले में अभी ये नहीं कहा है कि मैं दोषी हूँ या निर्दोष। कोर्ट ने सिर्फ़ ये कहा है कि इस स्टेज पर, सेक्शन 18 की वजह से anticipatory bail नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने ये भी कहा कि ट्रायल कोर्ट मेरे guilt या innocence और merits से प्रभावित नहीं होगा।
मैंने पूरी वीडियो दी है, उसका पूरा context दिया है। जो transcript था, वो भी investigating agency को दिया गया है। पुलिस ने भी कोर्ट में कहा कि सिर्फ़ केस दर्ज होने का मतलब ये नहीं है कि गिरफ्तारी होगी। उसी वीडियो में उस कमेंट से पहले मैंने दलितों के अधिकारों की बात भी की थी, देखा तो वो भी जाना चाहिए।
और सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में कहा है कि सिर्फ़ किसी व्यक्ति को गाली देना अपने आप में SC/ST Act के तहत जातिसूचक अपमान नहीं हो जाता, context देखना ज़रूरी है।
My case can be defended without a lawyer. जज वो वीडियो देख लेंगे, that should be it;
यहाँ Argument flawed नहीं है। मोदी एक्ट flawed है।
मोदी एक्ट, जो मोदी कानून है, उसके बारे में भी discussion होना चाहिए।
यदि वो चाहेंगे कि अगर मेरा ही केस देश के लिए वो उदाहरण बने, जिसके कारण इस पर चर्चा हो, so that लोग इस पर चर्चा करें।
तो मैं उसके लिए भी prepared हूँ। & I know they can very well do it;
I have been critic of the whole judicial processes & अभी कुछ दिन पहले 4 वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ और मार दिया गया। जो उसका rapist था वो murderer था, उस बच्ची के केस में बोल दिया गया कि life is precious, इसलिए हम रेपिस्ट को फाँसी नहीं दे सकते! उस बच्ची की लाइफ भी तो प्रेशियस थी।
अब क्या argument देंगे आप इस बच्ची के केस में!
मेरे और मेरे पूरे परिवार के मोबाइल नंबरों पर लगातार अश्लील गालियाँ, अभद्र भाषा और धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं। मेरी नाबालिग बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
यह केवल गाली-गलौज का मामला नहीं, बल्कि मेरे परिवार को डराने-धमकाने और हमारी सुरक्षा को प्रभावित करने का गंभीर मामला है। मेरे पास संबंधित मोबाइल नंबरों, संदेशों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित हैं।
मैं @DelhiPolice से मांग करता हूँ कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आरोपियों की पहचान की जाए, उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और मेरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
@RahulGandhi@BhimArmyChief@DelhiPolice@CPDelhi@NCWIndia@PMOIndia@narendramodi@CMODelhi
सिर्फ कार्रवाई नहीं, मेरे परिवार को सुरक्षा और न्याय चाहिए।
आप अकेले नहीं है हम लड़ेंगे
12 वर्षीय बच्ची 23 जुलाई से नजफगढ़ से लापता
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच Anti-Human Trafficking Unit (AHTU) को सौंपने का निर्देश दिया है। @swati_gs
कोर्ट ने बच्ची को 10 दिनों के भीतर तलाशने और विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
भारत माता की जय
मोदी राज में सवर्ण ऐसी प्रजाति है जो कमाती देश के लिए है, टैक्स दलितों के हॉस्टल, कोचिंग फीस और कोर्स फीस के लिए देती है और इस भ्रम में जीती है कि भाजपा, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की अलग जगह है।
एक ही देश... एक ही कानून... आरोप भी एक जैसे... तो फिर कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग क्यों?
15 से 20 दिनों में SC/ST Act के तहत दर्ज मामलों की जमीनी हकीकत ये है...
स्वतंत्र भारद्वाज: 14 दिन की न्यायिक हिरासत
अजीत भारती: अग्रिम जमानत याचिका खारिज
राहुल गांधी: कोई बड़ी कार्रवाई नहीं
आशुतोष रांका: कोई बड़ी कार्रवाई नहीं
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, सवाल है 'कानून के निष्पक्ष और समान पालन' का...
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, सवाल है.. क्या देश में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर राजनीतिक और सामाजिक हैसियत देखकर कार्रवाई तय होती है? क्या देश में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर राजनीतिक और सामाजिक हैसियत देखकर कार्रवाई तय होती है?
पूरा विश्लेषण देखिए वीडियो में मेरे सोशल मीडिया चैनल्स पर
#SCSTएक्ट
#ajeetbarati
@ajeetbharti@NijiSachiv@AshutoshRanka@CJP_for_India@BhimArmyChief
ये है कोर्ट का ऑर्डर कि यदि इस पर मोदी एक्ट न लगता तो तुरंत बेल हो जाती क्योंकि इसमें कोई गंभीर बात है ही नहीं। पर मोदी एक्ट लग गया है तो अब उन्हें मेरे द्वारा ‘योग्य बनना होगा’ पर आपत्ति हो गई कि ये बात मैंने जातिवाद से ग्रसित हो कर कहा है कि रावण को किसी भी लड़की के योग्य बनना होगा।
यानी, योग्यता आर्थिक नहीं, रूप-गुण की नहीं, शिक्षा की नहीं, बल्कि कुछ और ही हो गई।
I believe @JPNadda ji should be running to the family with ₹1 cr cheque! Every day, 36 students commit suicide in this country over such failures to get admission, pressure, poor system, exams etc. but no one talks about them.
अजीत भारती से मेरे 10 बात पर मतभेद हो सकते हैं
पर जिस बात पर अजीत भारती पर SCST Act लगया और कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी 🙄
उस हिसाब से तो इस पर SCST से बड़ा कुछ हो तो वो लगना चाहिए !
मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस मुझे गिरफ्तार करे, क्योंकि इससे "मोदी एक्ट" के तहत जो चु#यापा नरेन्द्र मोदी ने रचा है, वोह कमसे कम लोगों के सामने आना चाहिए, की ब्राह्मणों की बहन-बेटियों को कोई भी गाली देकर चला जाएगा, मोदी को कुछ फरक नहीं पड़ता।
-@ajeetbharti
उन्होंने BJP की मदद लेने से भी इनकार कर दिया है और कहा है कि वह अपना केस खुद लड़ने में सक्षम हैं।
ये कोई छेद प्रकाश है, इसको भी प्राइवेट कंपनियों में आरक्षण चाहिए।
बात ऐसे कर रहा है जैसे इसके पिताजी ने सारी कंपनी खोल रखी है। बोल दूंगा पढ़ाई कर के नौकरी लेने को देह पर सांप लेटने लगेगा।
जमीन पर ये आदेश कागज का टुकड़ा बनकर रह गया है।
28 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने साफ आदेश दिया था कि देवी-देवताओं के अपमान पर पुलिस को किसी की शिकायत का इंतजार नहीं करना है, खुद स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज करनी है। WP(C) 943/2021 में यही कहा गया था कि धर्म कोई भी हो, हेट स्पीच और धार्मिक भावनाओं के अपमान पर तुरंत कार्रवाई हो।
पुलिस कब स्वतः संज्ञान लेती है? जब मर्ज़ी हो तब। भगवान का अपमान हो रहा हो तो इंतजार करती है कि कोई शिकायत लेकर आए, जबकि दूसरे मामलों में रातोंरात FIR लिख जाती है। ये दोहरा मापदंड अब छिपाने लायक नहीं बचा।
कोर्ट ने बाद में कहा कि सिर्फ FIR न लगाना अवमानना नहीं माना जाएगा जब तक पुलिस जानबूझकर आंखें न मूंदे। यानी सिस्टम ने खुद को बचाने का रास्ता निकाल लिया। सवाल ये है कि हिंदू देवताओं के अपमान पर आंख मूंदने की ये आदत कब छूटेगी?
स्वतंत्र भारद्वाज को पेश करा कर जेल भेज दिया
हम हाईकोर्ट फाइल कर रहे है
जानते हो जेल में हम ने बहुत मौज़ किया सिनेमा देखा
जेल सुप्रीडेंट बड़े भैया है अपने - गैंदा भैया
स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन रुचि तिवारी के हमलावर अभी तक खुले में घूम रहे हैं
ब्राह्मणों इस देश में आपका कुछ नहीं है। सबसे पिटो अगर किसी को कुछ मुड़कर बोल दिया तो SC ST एक्ट में जेल तय है
मार खाकर चुप रहना ही पड़ेगा।
माननीय @gupta_rekha जी
कब तक देवी देवताओ का अपमान सहेगा हिंदू समाज ?
इस लड़की पर कारवाई कब होगी ?
दिल्ली में निवास करते हिंदू समाज को संगठित होकर पुलिस स्टेशन का घेराव करना चाहिए और जब तक इस कन्वर्टेड नीली मुल्ली और उसके बाप की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक आंदोलन होना चाहिए,
अगर हमारे गुजरात के किसी भी व्यक्ति ने ऐसे घटिया पोस्ट किया होता तो हम लोग ऐसा सबक सिखाते की सपने में भी देवी देवताओ का नाम सम्मान से लेती।
@DelhiPolice मर चुके हो या आत्मा जिंदा है ?
अगर इस लड़की और इसके बाप पर एक्शन नहीं लिया तो भीड़ हमे भी एकत्रित करनी आती है।