कल बिहार के वैभव सूर्यवंशी न सिर्फ सबसे कम उम्र के भारत के इंटरनेशनल क्रिकेटर बन सकते हैं बल्कि क्रिकेट और बिहार के लिए भी नयी उम्मीद दे सकते हैं!
ऐसे समय जब हम यह तक भूलने लगे हैं की मैच कब है, एक बार फिर सूर्यवंशी के प्रति लोगों का जूनून क्रिकेट को देश में जिन्दा कर सकता है!
जिस दिन श्रीलंका A के साथ भारत का मैच था जिसमें वैभव ने सबसे तेज हाफ सेंचुरी बनाई थी,उस दिन मेरे घर के बगल वाले बाजार में एक दुकानदार रात में अफ़सोस कर रहा था की उसे मैच के बारे में जानकरी नहीं थी और उसने वैभव की पारी मिस कर दी! अलग लेवल का रोमांच पैदा हो रहा है इस लड़के के लिए! सिर्फ इसे देखने लोग जाएंगे मैच देखने! टीवी फिर से खोलेंगे! इससे अपेक्षाओं का पहाड़ भी आता है! लेकिन स्टारडम का यह स्वाभाविक साइड इफेक्ट्स हैं!
साथ ही बिहार को सालों बाद अपना एक ग्लोबल ब्रांड अम्बेसेडर मिला है!
क्या कल हम देश के पहले जेन जी सुपरस्टार के सफर एक औपचारिक आगाज देखेंगे?