@TrueStoryUP विचार करने वाली बात है यदि इनको इचिंग से ही बचना था तो फुल बाजू की शर्ट और दुप्पटे से फेस कवर कर सकती थी पूरे तन को ढकने वाले कपड़े पहन सकती थी पर ये इस तरह बुर्का पहनना और किसी धर्म की आइडेंटी लेकर घूमना कहा तक सही है।
@pbhushan1 सही मायने में मनमोहन तो हमे आज मिले है जो हर मुद्दे को भटकाना जानते है परंतु बोलना या उसे ठीक करना नहीं।😏😏😔 समस्याएं उलझती जा रही है निराकरण कही दिख नहीं रहा 😬😬🫣🫣
@MamtaTripathi80 पत्रकार अपनी पत्रकारिता कर रहा है जो जरूरी है वो कवर हो रहा है परंतु हकीकत से तो जनता वाकिफ ही है। ये पब्लिक है सब जानती है कि यहां लाशों के ढेर पर भी बैठ कर लोग अपनी रोटियां सेक लेते है। 🤫🤫😔😔
पुँछ के आतंकी हमले में 5 जाँबाज़ो की शहादत को 24 घंटे हो गए, लेकिन देश के प्रधानमंत्री अपने भ्रष्ट नेताओं से बात करने में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास इन शहीदों के बारे में शोक के दो शब्द कहने और लिखने का समय भी नहीं है.
यही नहीं, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नड्डा और भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से मौन हैं.
कुछ नहीं तो - इन वीरों को श्रद्धांजलि तो दे ही सकते हैं. आख़िर इस मौन का कारण क्या है?
जो हुआ वह बहुत दुखद है लेकिन इस सर्वोच्च बलिदान की अनदेखी सर्वथा ग़लत है
@RohiniGhavari11 @jalaunpolice@myogiadityanath@Uppolice@UPGovt बेहद शर्मनाक घटना है अब इस मासूम बच्ची का क्या कसूर रहा होगा जिसे इस तरह से मौत के घाट उतार दिया होगा या इसके घरवालों का क्या कसूर रहा होगा जिन्हें अपनी मासूम बच्ची से इस तरह बिछड़ना पड़ा होगा। लेकिन इस प्रकार कोई अपनों न खोए जो निकले तो घर से सही सलामत परंतु घर लौट कर न जा पाए।
@priyarajputlive तलाक बोलने के लिए बहुत ही सहज शब्द है पर इसके मायने उतने ही गहरे जो एक इंसान की जिंदगी को उथल पुथल करके रख देता है । जो देता है उसको ही पता होता है वो किस अवस्था में तलाक दे रहा है । "दो दिन जिंदगी है खुशी खुशी जिलों न"