लंदन में बैडमिंटन टूर्नामेंट में जजों, मंत्रियों के भाग लेने से जुडी फर्जी वायरल ख़बर को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया कि इस ख़बर का खंडन करने के बावजूद यह फर्जी न्यूज़ सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। न्यायपालिका के साथ साथ खेल की बदनामी हो रही है।
वकील ने जस्टिस तेजस कारिया की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला रखा और जल्द सुनवाई की मांग की
दिल्ली HC ने आज सुनवाई का भरोसा दिया
*21 जून को होने वाले #Neet_UG एग्जाम के मद्देनजर सरकार की ओर से लगाए अस्थायी बैन के खिलाफ टेलीग्राम की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा:-
*तत्काल कार्रवाई करना ज़रूरी था।IT एक्ट के सेक्शन 69 A के तहत सरकार किसी प्लेटफार्म को ब्लॉक करने का फैसला ले सकती है
**बैन लगाने के पीछे सरकार की ओर से दिए गए कारण पर्याप्त और उचित है
**सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत निर्धारित प्रक्रिया का सही तरीके से पालन कि��ा
**ऐसा नहीं कहा जा सकता कि अधिकारियों ने बिना सोच-विचार के फैसला लिया था।
*सरकार की ओर से SG मेहता ने कहा कि टेलीग्राम के खिलाफ यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई।इस बैन को वाजिब ठहराने के लिए सरकार के पास पुख्ता सबूत है।
SG मेहता ने कहा -सरकार को मई से टेलीग्राम के खिलाफ शिकायते मिल रही थी।हमने कई बार टेलीग्राम को अपने सिस्टम दुरुस्त करने को कहा है लेकिन उसकी ओर कुछ नहीं किया गया।पेपर लीक से जुड़े संदिग्ध अकाउंट के मामले में सरकार एक टेलीग्राम चैनल को ब्लॉक करती है, नए नाम से चैनल बन जाते हैं!
*दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम की याचिका पर सरकार को नोटिस जारी किया।
*टेलीग्राम ने #NEET-UG की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले केंद्र सरकार की ओर से लगाए अस्थायी बैन के खिलाफ याचिका दायर की है।
*सरकार कल तक जवाब दाखिल करेगी
*कल हाई कोर्ट ढाई बजे फिर सुनवाई करेगा
आधार के दुरुपयोग को रोकने के लिए दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार, सभी राज्यों और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
वकील @AshwiniUpadhyay
की ओर स��� दायर याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश दे कि आधार को केवल पहचान के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जाए,इसे नागरिकता, निवास पता या जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत न हो।
दिल्ली दंगो की व्यापक साजिश के मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील ��माम ने ज़मानत के लिए दूसरी बार कड़कड़डूमा कोर्ट का रुख किया है। दोनो करीब 6 साल से जेल में है।
कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी
दोनों की ज़मानत अर्जी एक ऐसे वक़्त में दाखिल हुई है जब UAPA के तहत दर्ज मामलों में ज़मानत को लेकर, सुप्रीम कोर्ट की दो अलग अलग बेंच की अलग अलग राय सामने आई है।दरअसल जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन ��ी अंजारिया की बेंच ने इस साल जनवरी में उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इंकार कर दिया था।
18 मई को जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयाँ की बेंच ने इस फैसले पर सवाल उठाया था। बेंच का कहना था कि उमर और शरजील को जमानत देने से इंकार करते वक़्त 2021 में दिए तीन जजों की बेंच के फैसले में दी गई व्यवस्था का पालन नहीं किया गया ।'जेल अपवाद और बेल नियम' का सिद्धांत UAPA के मामलों में भी लागू होत��� है
इसके बाद जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली दंगों के ��ो आरोपियों को अंतरिम जमानत देते हुए UAPA के मामलों में ज़मानत से जुड़े बड़े क़ानूनी सवाल को विचार के लिए बड़ी बेंच को भेज दिया था।बड़ी बेंच तय करेगी कि UAPA क़ानून के तहत ज़मानत की क्या कसौटी हो।क्या UAPA कानून के तहत ज़मानत की सख्त शर्तों के बावजूद ट्रायल में देरी के आधार पर ज़मानत दी जा सकती है या नहीं।
राज्य सभा चुनाव में रिटर्निग ऑफिसर की ओर से नामांकन रद्द करने के खिलाफ मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की।
SC ने कहा कि RP एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों से साफ है कि नामांकन रद्द करने के मामले में उम्मीदवार के पास हाई कोर्ट में इलेक्शन पिटीशन दायर करना ही एकमात्र विकल्प है।
SC ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो हाई कोर्ट में इलेक्शन पेटीशन दायर कर सकती है
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा. मीनाक्षी नटराजन ने निर्वाचन अधिकारी की ओर से नामांकन खारिज किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई की मांग की. सिंघवी ने कोर्ट से चुनाव परिणाम घोषित करने पर अभी रोक लगाने की भी मांग की. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया. सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ शुक्रवार को सुनवाई का भरोसा दिया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्���किया के दरम्यान दाखिल की गई याचिका के औचित्य पर भी सवाल खड़ा किया.
पूरी ख़बर:-
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*मध्यप्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। नामाकंन रद्द करने के रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को उन्होंने कोर्ट में चुनौती दी है।
अभी याचिका सिर्फ दायर हुई है, सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि आज साढ़े दस बजे नटराजन के वकील सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग कर सकते है।
**दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यूज़ क्लिक और इसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ EOW की FIR और ED की ECIR दोनों को रद्द कर दिया।
यह मामला विदेशी निवेश (FDI) और फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा था।
*कोर्ट ने इस मामले में ED की कार्रवाई को बदनीयती की भावना से की गई कार्रवाई बताया।
**कोर्ट ने कहा कि ED ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। यह कार्रवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला है
*कोर्ट ने कहा कि ED बिना किसी आधार के लगभग डेढ़ साल जांच करती रही, लेकिन उसे न्यूज़क्लिक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
*कोर्ट ने कहा कि NewsClick को मिला विदेशी निवेश उस समय के नियमों के अनुसार अवैध नहीं था।
कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज को दिल्ली हाई कोर्ट ने ज़मानत दी।
ख़ुर्रम परवेज को NIA ने नवंबर 2021 में टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
NIA ने चार्जशीट में ख़ुर्रम परवेज पर आरोप लगाए है कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठनों से उसके संबंध थे। उसने लश्कर ए तोएबा के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) की भर्ती की। सेना की गतिविधियों, आवाजाही और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की। 2016 में बुरहान वानी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को भड़काया।
*दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर ��िल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।
*कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से ताहिर की उस अर्जी पर जवाब दाखिल करने को कहा है जिसमें उसने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने में हुई 67 दिनों की देरी को माफ करने की मांग की है।
*अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA के तहत दर्ज केस में आरोपी ताहिर हुसैन ने 29 जनवरी को निचली अदालत से ज़मानत खारिज करने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल की।
जैकलीन ने सुकेश चन्द्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ की ठगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में निचली अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने के फैसले को सीधे सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट 11 जून को सुनवाई कर सकता है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल की।
जैकलीन ने सुकेश चन्द्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ की ठगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में निचली अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने के फैसले को सीधे सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है।
सुप्रीम ���ोर्ट 11 जून को सुनवाई कर सकता है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर दो बालिग अविवाहित लोग अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो केवल इसी आधार पर उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।कोर्ट ने कहा कि हर प्रेम संबंध शादी में तब्दील नहीं होता. ऐसे में सिर्फ इसलिए कि शादी नहीं हुई, यह नहीं माना जा सकता कि एक व्यक्ति ने दूसरे को धोखा ही दिया। अभी कोई ऐसा क़ानून नहीं है जो शादी से पूर्व संबंधों को प्रतिबंधित करता ���ै.
पूरी ख़बर यहाँ:-
शादी से पहले शारीरिक संबंध खराब चरित्र की निशानी नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा?
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दिल्ली के सैदुल अजब इलाके में 30 मई को 5 मंजिला इमारत के गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 14 लोग घायल हो गए थे।।इनमे युवा इंजीनियरिंग और मेडिकल के छात्र शामिल थे।
अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में एमिकस क्यूरी ने इस हादसे के लिए एमसीडी को ज़िम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हादसा कई वर्षों से चल रहे अवैध निर्माण और एमसीडी की ओर से कोई क़ानूनी कार्रवाई न होने का नतीजा था
पूरी ख़बर:-
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*सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा की ऑनलाइन कॉपी जांच की व्यवस्था (OSM सिस्टम) मे तकनीकी खामियों की जांच की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE और केंद्र को नोटिस जारी किया।
NSUI अध्यक्ष विनोद झाखड़ के ज़रिए दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां धुंधली थीं, उनके पन्ने गायब थे और कई मामलों में मूल्यांकन सही तरीके से नहीं ��ुआ। NSUI ने मांग की है कि ऐसे छात्रों को नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त अंक दिए जाएं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।जिन छात्रों को अपनी कॉपी की जांच पर शक है, उनकी कॉपी दोबारा जांची जाए और असली उत्तर पुस्तिका भी देखी जाए।
हालांकि, CBSE ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता एक राजनीतिक सं��ठन है। शिक्षा से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। CBSE छात्रों के संपर्क में है।और इससे पहले भी कई मौके पर कॉपी दोबारा जांचने के लिए पोर्टल की समयसीमा को बढ़ाया गया है।