शिवहर शहर मे केवल सात लाख है आबादी,
फिर भी यहा प्रशासन के लापरवाही के चलते न जांच सही हो पा रहा है और ना ही टीकाकरण,
मरने वालो का सही डाटा भी नही दिया जा रहा है।
शीवहर सहर प्रशासन सिर्फ गरीबो का चालान काट कर अपना बाह बाही मे लगी रहती है यहा कही भी लौकडाउन का पालन नही हो रहा है यह साम पाचबजे का फोटो है यहा दस बजे अधीकारी लोग फोटो खीचा कर घर मे चले जाते है फीर उसके बाद भगवान मालीक है शहर का