आदमी साधन से नहीं साधना से श्रेष्ठ बनता है, आदमी भवनों से नहीं भावना से श्रेष्ठ बनता है, आदमी उच्चारण से नहीं उच्च - आचरण से श्रेष्ठ बनता है। 🧖🏻
GOOD morning 🌄
@NijiSachiv सर मैं ननौती का निवासी हूं आप एक गरीब की आवाज बनकर जो उपकार कर रहे हैं
हृदय से आभार 🙏🙏
सर आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए
हर गरीब को आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए
@AHindinews सवर्ण ऊंचे पद पर पहुंच जाते हैं तो वह नमक हराम हो जाते हैं
अपना काम बनता मां चु&दाए जनता....
इसकी सच कहने की औकात नहीं है.... कि सांसद बिधायक जज डाक्टर मास्टर आदि को रिजर्वेशन मिलना बंद हो... कोई भी कास्ट या धर्म का हो
जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन, अजीत भारती ने रखीं प्रमुख मांगें
नई दिल्ली: जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में यूट्यूबर, लेखक एवं पत्रकार अजीत भारती ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कोटा के भीतर कोटा और क्रीमी लेयर, प्रवेश में न्यूनतम अंकों/मेरिट का मानक तथा EWS को अधिक प्रभावी सुविधाएँ देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर इन मुद्दों पर औपचारिक चर्चा का संकेत देना चाहिए।
कोई भी चाटुकार इन तीखे सवालों का जवाब नहीं दे पाएगा।
यह भारत के असल में प्रतिभाशाली और पढ़े-लिखे वर्ग का एकमात्र विरोध-प्रदर्शन है।
यहाँ तक कि 100 दिलीप मंडल भी उनका मुकाबला नहीं कर सकते।
"पंडित जी लोग दलितों को खाट पर नहीं बैठने देते थे, उनके साथ अत्याचार करते थे"-पता नहीं, कहाँ-कहाँ से ऐसी झूठी कहानियाँ बनाई गईं।
एक दलित वाल्मीकि रामायण लिखता है, जिसमें एक क्षत्रिय राजा की कहानी है, जो आदिवासियों को साथ लेकर एक ब्राह्मण राजा का वध करता है और इस कहानी को ब्राह्मण घर-घर जाकर सुनाते हैं, क्षत्राणी मीराबाई के के गुरु जूता गाँठने वाले रविदास हैं, क्षत्रिय राम दलितों के जूठे बेर खा रहे हैं।
ऐसा समाज रहा है हमारा, लेकिन उसके बाद एक नई "कौम" ने जन्म लिया"-"अंबेडकरवादी", और इन्होंने पूरे समाज की ऐसी-तैसी कर दी।
कंगना के बाद एक और शेरनी ने अपने बेबाक
अंदाज से मुझे अपना फैन बना लिया है
भारत से प्रेम करना, विकास की चाह रखना भक्ति है
तो हाँ में अंधभक्त हूँ— ईशा कोप्पिकर
अंधभक्तों की लिस्ट बड़ी होती जा रही है
और चमचों की सोच छोटी ! Must Watch 🔥