Middle Class is asking all governments..
If we pay Global Standard Taxes
Do we have Global Standard facilities ?
Overall our Public Schools, roads, breathing air and drinking water ? States need to answer this.
Personal Income Tax, GST, Tolls, Cess, Fuel Taxes, Local Taxes..
I don’t object to contributing . But after everything I contribute, what am I getting back?
Why can’t India’s middle class get the Singapore deal as a starter— lower taxes, better roads, better transport, better civic infrastructure and greater accountability for every rupee it pays from every authority that extracts a tax in one or other form.
Modi will be remembered as the most anti General Category PM in the history of India.
Hindus, particularly the General Category, gave him tremendous support from the beginning, but he has spat in their faces.
He is hell bent on increasing reservations, making SC/ST Act more stringent, and dividing Hindus through caste census!
राजस्थान में मेडिकल कॉलेजों की मान्यता की होड़ मची है, पर बुनियादी सवाल अनसुने हैं। निजी संस्थान एक के बाद एक मान्यता तो हासिल कर रहे हैं, कहीं मेडिकल कॉलेज खुल गए तो प्रॉपर अस्पताल नहीं, कहीं अस्पताल बना भी तो इतने मरीज नहीं कि छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव मिल सके। इन मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने के लिए फैकल्टी तक उपलब्ध नहीं है।
और भी दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों तक में फैकल्टी की भारी कमी है। जब NMC का निरीक्षण होता है तो कहीं और से फैकल्टी बुलाकर मान्यता तो ले ली जाती है, पर इससे पढ़ाई की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। मेडिकल जैसे पेशे में संख्या नहीं, गुणवत्ता चाहिए, क्योंकि हर डिग्री के पीछे मरीज की जान का सवाल है।
यह अकेला राजस्थान का मसला नहीं, देशभर में यही होड़ मची है, इसी की तस्वीर तब सामने आई जब CBI ने निजी मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी देने में रिश्वतखोरी के आरोप में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और NMC के अपने अधिकारियों को ही गिरफ्तार किया।
भारत जैसे देश में जहां डॉक्टरों की जरूरत सबसे ज्यादा है, वहां भावी डॉक्टरों की योग्यता पर ही सवाल उठना सबसे चिंताजनक है। केन्द्र सरकार, NMC और राज्य सरकारों को बताना चाहिए कि मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और बुनियादी सुविधाएं कागजों पर हैं या हकीकत में।
जब चिकित्सा जैसे गंभीर क्षेत्र का हाल यह है, तो सवाल उठता है कि भारत की मेडिकल साइंस की साख का क्या होगा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतने बड़े संकट पर भी न केंद्र सरकार गंभीर है, न राज्य सरकार, यह चुप्पी सबसे ज्यादा खतरनाक है।
सोचो हम कैसे देश में जी रहे है, जहां फर्जी केस करके लोगों की जिंदगी को बर्बाद करने पर सरकार पैसे देकर झूठा केस करने वालों को ईनाम दे रही है।
अब SCSTAct केस करने पर सरकार 12 लाख की धनराशि देने जा रही है।जबकि सबको पता है 81% केस फर्जी होते है SCSTAct के। फर्जी केस की बाढ़ आयेगी।
>मैडम का नाम पिंकी मीना है
>मैम 2017 बैच की RAS अधिकारी हैं
>जिनकी पहली पोस्टिंग दौसा में SDM बांदीकुई के रूप में हुई
>मैम दौसा की ही रहने वाली हैं
>मैंम का नाम 2021 में दिल्ली और मुंबई एक्स्प्रेस वे घूंस कांड में सामने आया
>मैम को ACB ने गिरफ़्तार कर लिया, मैम साढ़े पाँच साल के लिए सस्पेंड हो गयीं
>मैम की धमाकेदार एंट्री हुई और फिर से उनको उनका प्यारा जिला मिल गया है
>मैम को घूंस मामले में अभी बरी नहीं किया गया है बस ससपेंशन निरस्त हुआ है
>मुझे पूरा भरोसा है मैम जल्द बरी भी हो जायेंगी और मस्त देश सेवा करेंगी
>मैम का आलोचकों के मुँह पर करारा तमाचा है
>देश में सस्पेंशन केवल एक हनीमून पैकेज है जिसमें घोटाला करने के बाद घर पर मजे करने के लिए आधी सैलरी मिलती है
>देश के कानून भ्रष्टाचारी अधिकारियों के फेवर में हैं, इसलिए ये भ्रष्टाचार करने से नहीं डरते
>भ्रष्टाचार करते हैं दबा के कमाते हैं, पकड़े जाने पर घूंस देकर बच जाते, दोबारा मलाई पोस्टिंग पाकर फिर कमाते हैं
Swami Adgadanand Maharaj. A soldier turned renowned spiritual Guru, born in a Bhati Rajput family at Osian, Jodhpur. Best known for writing "Yatharth Geeta", a universally acclaimed commentary on Shrimad Bhagavad Geeta. Awarded as Bharat Gaurav in 1998 at Haridwar Mahakumbh.
एम्स जोधपुर में 12 अगस्त 2026 से जनरल वार्ड, सेमी-प्राइवेट और प्राइवेट रूम के किराए में भारी बढ़ोतरी लागू हो रही है। जनरल वार्ड का किराया 60 रुपए प्रतिदिन, सेमी-प्राइवेट रूम 1200 रुपए प्रतिदिन और प्राइवेट रूम 3500 रुपए प्रतिदिन तो किया ही गया है, साथ ही एडवांस पेमेंट भी क्रमशः 2500, 8500 और 25,000 रुपए तय की गई है। इस नए फैसले से मरीजों एवं परिजनों में निराशा है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब आम आदमी पहले से ही महंगाई और इलाज के बढ़ते खर्च से जूझ रहा है। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार जनता को सस्ते और सुलभ स्वास्थ्य सेवा का भरोसा देती रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में एम्स जैसे प्रीमियर संस्थानों में भी मरीजों की जेब पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।
AIIMS की अपनी प्रतिष्ठा है। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीज, जो एम्स जैसे संस्थानों में भरोसे के साथ इलाज कराने आते हैं, उन्हीं पर यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना संवेदनहीनता है। AIIMS प्रशासन को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
🇵🇰 Pakistan: The court claims that the Hindu girl Chanda converted to Islam of her own will.
Shockingly, the court handed Chanda over to her Muslim abductor who is Raping her.
Please Repost & Raise your voice for Chanda.
"मैं शुभम रेवाड़, अपने अनशन के 13वें दिन से एसएमएस अस्पताल में किसी भी प्रकार का इलाज लेने से पूरी तरह मना करता हूँ और अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग करता हूँ। जब तक राज्य सरकार हमारी जायज मांगों (राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और छात्र संघ चुनाव बहाली) को स्वीकार नहीं करती, तब तक मेरा यह कड़ा रुख जारी रहेगा। यदि इस दौरान मेरे स्वास्थ्य या जीवन को कोई क्षति पहुँचती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।"
#ShubhamRewarRU
#Rajasthanuniversity
बाबा साहेब आंबेडकर का ‘आशीर्वाद’ देखिए…
हमारी शिक्षा व्यवस्था को ‘ऊंचाई’ तक पहुंचाने में उनका योगदान’ देखिए…
ख़बर यूपी के उन्नाव से है: सिकंदरपुर सरौसी के एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने अंग्रेज़ी की शिक्षिका से किताब से कुछ पंक्तियाँ पढ़ने को कहा। शिक्षिका अंग्रेज़ी की कुछ पंक्तियाँ भी नहीं पढ़ सकीं।
भारत की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में झोंकने के लिए आरक्षण का यह जाल बिछाया गया है। इसका विरोध होना चाहिए।
On Behalf of TEAM BHARAT: let me put out our demands before the Union Government!
Sm please judge and see if these demands are reasonable or no!
* Make E10 Petrol available for E10 compliant vehicles
* Reduce the price of E0 petrol to (currently) ₹90/ litre from the current ₹165-170/ litre & Make it available at all pumps.
* Make E20Fuel 20% cheaper from E0: ₹78/ litre! (current rates).
* Put all documents of E20Fuel policy in public domain.
* Get a solution for pre 2023 vehicles that are affected by Ethanol 20 blended petrol.
* No future roll out of further enhancement of Ethanol blended fuel until a 360° infrastructure is ready for consumers.
* Keep shri Nitin Gadkari ji sir away from the Ethanol issue, it is Conflict of Interest and he must be held accountable for the tall claims he has made including giving petrol at ₹15/litre!
#EthanolScam
BETA BADHAO YOJNA
SUGAR DADDY
An entire battalion of @DelhiPolice cops including women officers have put me under house arrest!!
Nitin Gadkari ji sir is scared of #Ethanol.
#EthanolScam
BETA BADHAO YOJNA
SUGAR DADDY
Mp #जबलपुर अगर आप रोज़ #चर्च जाते हैं और #ईसाई धर्म अपनाते हैं, तो हम आपको नौकरी से नहीं निकालेंगे” — #सेंट एलॉयसियस स्कूल, जबलपुर, MP।
#दलित हिंदू कर्मचारियों का आरोप है कि #फादर#जैकब और #जॉनी ने उन पर धर्म बदलने का दबाव डाला।
जिन्होंने इसका विरोध किया, उन्हें धमकाया गया और नौकरी से निकाल दिया गया।
जब उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो #हिंदू संगठनों ने स्कूल के साथ वही किया जो उन्हें करना चाहिए था
राजस्थान में अन्य भारतीय भाषाओं का सम्मान और उनका अध्ययन स्वागत योग्य है। यदि हमारे विश्वविद्यालयों में मराठी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ जैसी समृद्ध भाषाओं के केंद्र खुलेंगे तो इससे भाषाई विविधता मजबूत होगी और 'राष्ट्रीय एकता' (National Integration) की भावना को बल मिलेगा।
लेकिन यह चिंता का विषय है कि आज प्रदेश के मात्र 4 विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा का अलग विभाग है। मैं राज्य सरकार और राजभवन से आग्रह करता हूँ कि बाहरी भाषाओं से पहले प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में 'राजस्थानी' भाषा के विभाग और अध्ययन केंद्र स्थापित कर इसे मजबूत किया जाए।
हमारी कांग्रेस सरकार ने 25 अगस्त 2003 को विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, मेवाती, बृज, वागड़ी, मालवी और शेखावाटी जैसी समृद्ध बोलियों सहित 'राजस्थानी भाषा' को संवैधानिक दर्जा दिलाने की जो मुहिम शुरू की थी। केंद्र सरकार राजस्थानी भाषा को अविलंब 8वीं अनुसूची में शामिल कर संवैधानिक मान्यता दे। मायड़ भाषा का सम्मान और इसका संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजस्थान में मराठी भाषा के अध्ययन केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। यह स्वागतयोग्य है। भारत की हर भाषा हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहर है और हमारे युवाओं को हर भारतीय भाषा सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
लेकिन एक सवाल आज पूरे राजस्थान की आत्मा पूछ रही है, क्या अपनी ही मातृभाषा को सम्मान दिए बिना दूसरी भाषाओं के संवर्धन की बात न्यायसंगत है?
जिस राजस्थान ने डिंगल, पिंगल और समृद्ध लोक साहित्य को जन्म दिया, उसी राजस्थान की अपनी राजस्थानी भाषा आज भी अपने अधिकार और सम्मान की प्रतीक्षा कर रही है।
इसी भावना से मैंने पिछले विधानसभा सत्र में संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत राजस्थानी भाषा को राजस्थान की राजभाषा का दर्जा देने के लिए प्राइवेट मेम्बर बिल प्रस्तुत किया था। दुर्भाग्य से वह पिछले छह महीनों से लीगल सेल में लंबित है।
मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हम सभी संस्कृतियों का सम्मान करते है और हर भारतीय भाषा का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी मातृभाषा की उपेक्षा स्वीकार नहीं कर सकते।
राजस्थान की जनता अब बहाने नहीं, निर्णय चाहती है। राजस्थानी भाषा को उसका सम्मान मिलना ही चाहिए।
@RajCMO@BhajanlalBjp
प्रोफेसर जीडी अग्रवाल!
IIT रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पर्यावरण में Ph.D. और आईआईटी कानपुर के HOD रहे!
चाहते तो विदेश में ऐश की जिंदगी जी सकते थे लेकिन उन्होंने इस देश के कृतघ्न लोगों के लिए लड़ना चुना।
न जाने क्यों उनका दिमाग फिरा कि इस देश को बचा लें तो वह गंगा को बचाने के लिए अनशन पर बैठ गए।
लेकिन हमें गंगा थोड़े ही बचानी थी, हमें तो गंगा के नाम पर चल रहे धंधे को बचाना था! नतीजा? 111 दिन के अनशन के बाद उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।
इस महान विचारक की शहादत इस देश के दलाल मीडिया, उन्मादी लोगों और खोखले राष्ट्रवाद के शोर में बस एक छोटी सी खबर बनकर दब गई।
मुख्यधारा का मीडिया धार्मिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक नूराकुश्ती बेचने में व्यस्त रहा और इस व्यवस्था ने उन्हें चुपचाप निगल लिया।
हम सब मरेंगे क्योंकि हमने कभी सही लोगों को नहीं पहचाना। हम बस दलालों को सिर आंखों पर बिठाते रहे और देश को बचाने निकला एक सच्चा इंसान घुट-घुट कर चला गया।