PAC जवान सिर्फ ड्यूटी करने वाली मशीन नहीं हैं।
घंटों की कठिन ड्यूटी के बाद अगर जवानों को रहने की उचित व्यवस्था, स्वच्छ भोजन और मूलभूत सुविधाएँ भी न मिलें, तो यह सिर्फ अव्यवस्था नहीं, बल्कि जवान के सम्मान और मनोबल का सवाल है।@Dgpacup@Uppolice@co10pacup@myogiadityanath
एक और पुलिसकर्मी की मौत… सवाल सिर्फ उसकी मौत का नहीं, उस व्यवस्था का भी है जो अपने ही ज��ानों का दर्द समय रहते नहीं समझ पाती।
ड्यूटी का दबाव, तनाव और विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल हैं।
वर्दी के पीछे भी एक इंसान होता है।
कब तक पुलिस वाले मरते रहेंगे?
#UPPolice #PoliceReforms
एक छुट्टी… शायद एक जिंदगी बचा सकती थी।
महिला सिपाही केसरी वर्मा को छुट्टी न मिलने के कारण समय पर इलाज नहीं हो पाया और उनकी मौत हो गई।
सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं, व्यवस्था की संवेदनशीलता का है।
पुलिसकर्मी भी इंसान हैं। बीमारी में छुट्टी उनका अधिकार है।#UPPolice#PoliceReforms