दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी ने दारू पी कर, सड़क के पार जन्मदिन पर उत्सव कर के, घर जाते बिहार के नवयुवकों से पहले बाता-बाती की, फिर सर्विस रिवॉल्वर निकाला, उन्हें बिहारी होने के कारण गालियाँ दी और छाती से बस कुछ इंच दूरी से गोली मारी, जो पहले व्यक्ति को चीरते हुए, दूसरे को लगी।
पहला व्यक्ति मर गया, दूसरा गंभीर स्थिति में है। बिहारी है, तो बिहारी होने मात्र के कारण पुलिस वाला उन्हें मार सकता है। दिल्ली पुलिस को कोई प्रशिक्षण आदि मिलता भी है या नहीं?
ये लोग चलते-फिरते घृणा से भरे बम हैं जो अपने पूर्वग्रह के कारण लोगों की हत्या कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से एक हेट क्राइम है, जिस पर किसी नेता का वक्तव्य नहीं आया है।
बिहार के सांसद-विधायक मुँह में दही जमाए बैठे हैं कि भाजपा कार्यालय से व्हाट्सएप आए तो इस पर कुछ बोलेंगे। भाई नेता हो, तुम्हारा एक ही कार्य है: अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व। यदि वह भी नहीं हो रहा है तो तौलते रहो।
यूरोप में जिस PFAS केमिकल ने 3.5 लाख लोगों को बीमार किया, फैक्ट्री बंद हुई, लोग जेल गए — वही ज़हर अब भारत में बनेगा।
क्योंकि यहाँ PFAS को रेगुलेट करने का कोई कानून नहीं है।
क्या हमारी ज़िंदगी इतनी सस्ती है?
आज चुप रहे तो कल ज़हर हमारे पानी में होगा।
@news24tvchannel@kharge आपको ऑपरेशन करने जाना चाहिए था!
बेचारे जूनियर dr को 8 घंटे ऑपरेशन करना पड़ा!
खैर अब वह भी सीनियर में गिना जाएगा! 🎉👍 ऐसे ही लोगों को आगे बढ़ाते रहिए 🤝
@Khurpenchhealth सरकार ऐसे व्यक्तियों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान कब लागू करेगी जो दूसरों के जीवन को खतरे में डालते हैं, और वह भी फास्ट ट्रैक निर्णय प्रणाली के माध्यम से?
@PMOIndia@narendramodi
@DelhiPwd प्रदुषण प्रदुषण प्रदुषण
1. कंस्ट्रक्शन
2. धुंआ
3. जाम
उपचार
1. पीपल के पेड़ - पीपल के पेड़ और भी पीपल के पेड़
2. पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुगम
3. साईकिल को बढ़ावा
2-3 साल में असर दिखेगा, नहीं तो सड़क धोने का काम तो है ही
@Khurpench_ खुरपेंची जानकारी सही दो
या फिर गुलामों की टोली से हो
ये कलर्क जन्म पंजी से पन्ने फार रहा था
बीच में नए नंबरिंग के लिए
मतलब नए गुलाम जोड़ने थें