राहुल का मौक संसद लगा कर ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की योजना धराशाई हो गई। दूसरे प्रकृति ने अपनी स्वीकृति नहीं दी।पूरे देश में मौसम ने 1NOV2026 की योजना को अनिश्चितता के आवरण से ढक दिया। बेचारे विपक्षी और राहुल अब कैसे अपने मकसद को अमलीजामा पहनाने में कामयाब होंगे,मुझे तो शंका है
दिल्ली में केरोसिन छिड़क दिया गया है, आग लगा कर देश को अव्यवस्थित करने की भरपूर कोशिश हो रही है। कितनी सफलता मिलेगी ये तो राम जाने, विपक्ष ने सिविल वार की योजना बनाई है। जनता इस प्रोटेस्ट को कैसे लेती है देखना होगा। इतना तो तय है कि विपक्ष ने डूबने का इंतजाम कर लिया है।
लगातार 100चुनाव हारने वाले नेता बार बार सड़क,संसद और बिना मतलब की भाषणबाजी कर के देश और जनता को परेशान कर रहे हैं। इनका इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जाता। इनको देश की राजनीति से बाहर कर देश में शांति कायम करें। इनको इनकी असफलता की सजा तो मिलनी ही चाहिए।
जय भारत श्रेष्ठ भारत, वंदेभारत
राहुल गांधी "भारत की इकॉनोमी डेड है"
फिर यहाँ महारैला का आयोजन क्यों??
मतलब भारत की अर्थव्यवस्था तो डेड है पर कांग्रेस और विपक्षी दल कैसे मालामाल हैं??
राहुल और अन्य जनता को जवाब दें। 10लाख से अधिक लोगों को दिल्ली में जुटाने के पैसों की व्यवस्था कौन कर रहा है।
भारतीय संस्कृति में करवा चौथ को हमारी महिलाएं सोलहों श्रृंगार कर के अपने पतियों के चिरायु होने की कामना के साथ व्रत रखतीं है। ये हमारे समृद्ध संस्कार और परंपराएं हैं।
करवा चौथ की हार्दिक बधाइयां।
1st Nov 2026 बड़ा ही गहरा घाव देगा, जो जीवन भर रिसता रहेगा।आर पार होना चाहिए,या हम नहीं या तुम नहीं।बड़े बदलाव की संभावना है।किसकी कमर टूटेगी,किसको विजय श्री,समय फैसला करेगा।कौन कितना बड़ा खिलाड़ी है पता चल जाएगा।इतना बड़ा आंदोलन,महा रैली, लंबा मार्च,दिल्ली का रामलीला मैदान गवाह
"आग लगी भी नहीं,धुआँ पहले ही उठ गया "
कड़ा प्रहार होगा, सारी तैयारियां हो चुकी है।1stNov 2026 इतिहास रचेगा।10 लाख लोगों को दिल्ली में जुटाने की योजना बनाई गई है। पूरा बंदोबस्त है। स्वागत की भी व्यवस्था पूरी हो चुकी है। देखना है जन सुनवाई कितनी कारगर होगी।
जय भारत, श्रेष्ठ भारत।
संवर्धन,समर्पण, समर्थन, संस्करण, आंदोलन, अवलोकन, विसर्जन, विस्थापन का अजूबा प्रयोग प्रायोजित कर सत्ता प्राप्ति का संकल्प पूरा करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जन जन के तथाकथित नायक राहुल गांधी आश्वासित होकर मुखरता से आंदोलन खड़ा करेंगे।