एक एक घुसपैठिया को चिन्हित करने का का शुरू हो चुका है,
घुसपैठियों को चिन्हित कर के उन्हें देश से बाहर भेजेंगे।
इसके लिए बंगाल, असम और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ जल्द ही बैठक होने वाली है।
: अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
सभी सरकारी मदरसों में वन्दे मातरम गाना होगा।
सरकार से पैसा और फण्ड लोगे, और सरकार के आदेश का पालन नहीं करोगे, ऐसा नहीं चलेगा।
: दिलीप घोष, मंत्री, बंगाल सरकार
प्रार्थना के लिए व्यक्ति का मंदिर में होना जरूरी नहीं है, बल्कि व्यक्ति के हृदय में ईश्वर का होना बहुत जरूरी है।
क्योंकि प्रार्थना का सच्चा सार....
मन की पवित्रता और ईश्वर के प्रति निष्ठा में है
न कि किसी विशेष स्थान पर जाने में।
https://t.co/xVKxTndwTe
नाम जप को भगवान् श्री कृष्ण ने सबसे उत्तम यज्ञ की संज्ञा दी है। बड़ी सीधी आराधना है,आपको कुछ नहीं करना,बस भगवान् का नाम जपना है, उसी से परिवर्तन आ जाएगा।
नाम जप में किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होती।
जप यज्ञ,कर्मकाण्डी यज्ञों से हजार गुना ज्यादा फायदा देता है।
#गुरुसियागसिद्धयोग
🙏🙏जय गुरुदेव 🙏🙏
🌍 विश्व ध्यान दिवस 2025 | पुष्कर, राजस्थान 🇮🇳
🌟🧘♀️🌟विश्व ध्यान दिवस 2025 के पावन अवसर पर अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, जोधपुर, शाखा-अजमेर द्वारा पुष्कर में भी गुरुदेव सियाग सिद्धयोग ध्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भगवान विष्णु मंदिर परिसर, मुख्य बाजार पुष्कर में श्रद्धा एवं शांति के वातावरण में संपन्न हुआ।🌟🧘♀️🌟
🍀🌟कार्यक्रम में पूज्य गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग की दिव्य कृपा से साधकों को गहन ध्यान, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। ध्यान सत्र में स्थानीय श्रद्धालुओं, साधकों एवं पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सिद्धयोग ध्यान की सरल, सहज एवं वैज्ञानिक विधि से परिचित हुए।🌟🍀
✨ गुरुदेव सियाग सिद्धयोग ध्यान, आंतरिक शांति, आध्यात्मिक जागरण एवं वैश्विक सद्भाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है ।✨️
🙏जय गुरुदेव 🙏
#WorldMeditationDayWithGSSY #Pushkar #Rajasthan
🌹 Jai Gurudev 🔱
Gurudev Siyag's "SiddhaYoga"
Kundalini Awakening through Shaktipat Initiation (Baptism by the Holy Ghost) Meditation Program at Moscow Russia🇷🇺
on World Meditation Day
Website : https://t.co/ryfj6WoFpE
@HenaBushra@Ilyas_SK_31 "आऔ दिव्यदृष्टि प्राप्त करें,ईश्वर प्रत्यक्ष अनुभूति साक्षात्कार का विषय हैं,कथाकहानी सुनने सुनाने के नहीं हैं,सिद्धयोग का अभ्यास किया नही जा सकता,अपनेआप होता है,सिद्धयोग के अभ्यास का मतलब है,हमेशा धैर्य,
समभाव,कृतज्ञता,आनंद में रहना।"🌹🌹
#WorldMeditationDayWithGSSY
प्रार्थना के लिए व्यक्ति का मंदिर में होना जरूरी नहीं है,
बल्कि व्यक्ति के हृदय में ईश्वर का होना बहुत जरूरी है।
क्योंकि प्रार्थना का सच्चा सार....
मन की पवित्रता और ईश्वर के प्रति निष्ठा में है
न कि किसी विशेष स्थान पर जाने में।
#gurusiyagsiddhayoga