@RamaKRoy गुरुदेव क्या पता अगर किसी बड़े कोचिंग संस्थान ने आपसे संपर्क कर सिविल सर्विस के लिए हिंदी साहित्य पढ़ाने को बोले और लाखों का पैकेज (गुलाम बनाने वाली रकम) दे तो क्या आप इसे इंकार कर पाएंगे? या बहते हुए धन के रसदार में डुबकी लगा देंगे।
: आपका स्वयं घोषित शिष्य।
@AnilYadavmedia1@RanjanSinghh_ बच्चा है गुंडा बनना चाहता है बनने दीजिए, धंधा करना चाहता है करने दीजिए, कुछ रुपया कमाना चाहता है कमाने दीजिए। अपना ही बच्चा है गलती हो जाती है माफ कर दीजिए।
@askshivanisahu जिस हाथ पर कलम के स्याही के दाग होने चाहिए थे ,उसी हाथ पर अपने ही परिवार के खून के दाग हैं। क्या यह दाग अच्छे हैं? क्या यह दाग कभी धूल सकेंगे? हिम युग ,पाषाण युग, के बाद हम लोग अंधेर युग में प्रवेश कर रहे हैं।
@Raamu_Kushwaha अबे चुटिया यह भी तो बताओ किस मामले में मुकदमे थे सारे मामले स्टूडेंट के लिए सवाल उठाने पर हैं कोई क्रिमिनल केस नहीं था। छात्रों की वैकेंसी के लिए रोड पर आए थे इस मामले में दर्ज है।
@RamaKRoy गुरुजी मैं आपकी बातों से पूर्ण रूप से सहमत हूं और आपकी आज्ञा का पालन करूंगा। एकदम सही बोला आपने मैं भी 3:00 बजे तक पढ़ता हूं शुरू करता हूं 12: 00 बजे, ऐसा भाव आता है जैसे मैं बहुत पढ़ाई की है पर उसका परिणाम कुछ नहीं होता।11 बजे दिन तक सोता हूं। समय रेत की तरफ फिसलता जाता है।
@RamaKRoy जो विज्ञान से डर कर हिंदी साहित्य जैसे विषय से पढ़ा हो तो ,उसे विज्ञान पर नहीं बोलना चाहिए। व्यक्ति को अपने विषय पर ही बोलना चाहिए। हमारे बिहार में कहावत है जाने के बार न, मांगे अखबार।
Note: यहां पर बार शब्द का मतलब हमारे जननांग पर उगने वाले घुंघराले बाल है।
@Dr_KD_MS@Noida100 वह भाई बहुत बढ़िया हिंदी मीडियम से पढ़कर भी आपने क्रैक कर लिया नीट, किस कोचिंग से आपने पढ़ाई की थी मेरा छोटा भाई भी नीट की तैयारी करना चाहता है अभी 10th में है क्या सलाह देना चाहेंगे।
@Nargis_Bano78@ProfNoorul पहले बात तो आप नेशनलिटी भारतीय इंडियन चुने तो आपको ऑप्शन में दिखाना ही नहीं चाहिए अबू धाबी NTA का गलत है। और आप सेंटर में केवल शहर को चुनते हैं कोई स्कूल नहीं चुना रहता है।