प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
पहले सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया फिर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंका तो वहां ये महिला भड़का गई..
महिला: हमने और यहां आय हुए लोगों ने किसी का क्या अपमान किया..
पत्रकार: कुणाल कामरा का नाम ले रहे थे उन्होंने जो सीता माता के लिए बोला था..
महिला: कुणाल कामरा ने क्या किया गाली दिया..
और मोदी क्या करता है कभी हनुमान जी की पतंग बनाकर उड़ाता है कभी उसको भाजपा पार्टी का झंडा देकर उसको नचवाता है
बीफ एक्सपोर्ट में छाती पीटते हुए कहते है हमें गर्व है कि हम बीफ एक्सपोर्ट में पहले नंबर है।
किसी की हिम्मत है जो मोदी से इसपर सवाल कर दे हम लोग 20 तारीख को संसद तक जाएंगे जिसमें हिम्मत हो रोककर दिखा दे..
कितना और कैसा दृश्य है कि पति 20 दिनों से कुछ खाया नहीं है और वह आंदोलित है पत्नी मिलने आई है तो मुस्कुरा रही है ताकि पति मार्ग से विचलित न हो....
आप कल्पना कीजिए
कन्हैया कुमार के जवाब से अंजना ओम कश्यप भी सहमत हो गईं।
अंजना ओम कश्यप — एनएसयूआई में आपको क्यों सीमित कर दिया गया है ? जब आप बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे थे तो भीड़ बहुत थी लेकिन वोट क्यों नहीं मिला ?
कन्हैया कुमार — हम थोड़ा शरीफ लोग हैं लेकिन पाला हमारा वोट चोरों से पड़ गया है🔥🔥
साम दाम और दण्ड भेद में हम थोड़ा अभी कच्चे हैं।
अंजना ओम कश्यप— बीजेपी चुनाव लड़ने के लिए ताक़त झोकती है और आपका इंटरव्यू हो रहा है इसी में आप ख़ुश हैं
कन्हैया — आपका काम है इंटरव्यू लेना और हमारा काम है इंटरव्यू देना , आप भी तो टीआरपी और व्यू के लिए ही तो बुलाती है।
हम कोई आपके रिश्तेदार थोड़ी हैं।
पहली बार किसी रिपोर्टर को ' इंकलाब
ज़िंदाबाद ' जैसे नारे पर एतराज करते देख रहा हूं.
ABP न्यूज की इस रिपोर्टर को इंकलाब ज़िंदाबाद जैसे नारे से दिक्कत है ?
टीवी चैनल का माइक थामने से पहले थोड़ी बहुत तो पढ़ाई की होगी ?
या बस ऐसे ही ?
आज़ादी की लड़ाई के वक्त हसरत मोहानी ने पहली बार ये नारा दिया था. भगत सिंह जैसे देशभक्त ये नारा लगाया करते थे . आज भी सत्ता और सिस्टम के खिलाफ सबसे बुलंद नारा है - इंकलाब जिंदाबाद
He is not a criminal. Why did you drag him away hiding behind sheets?
He didn’t want to go to the hospital. He wanted to join the Parliament march. But what these police have done- he was not a criminal. The way they took him away hidden under sheets- if you were so concerned about his health, you should have taken him with respect.
In every state, in every district, set up a Jantar Mantar! And protest there just like it has been going on here for a month.
"1 किलो पनीर तयार करण्यासाठी साधारणपणे पाच ते सहा लिटर दूध लागते. दूधाचा दर प्रतिलिटर 60 रुपये गृहीत धरला, तरी केवळ दुधाची किंमतच सुमारे 300 ते 350 रुपये होते. त्यानंतर प्रक्रिया, पॅकेजिंग, ब्रँडिंग आणि इतर खर्च धरल्यास पनीरची किंमत 400 रुपयांपेक्षा कमी असणे शक्य नाही. मग बाजारात 200 ते 250 रुपयांत पनीर कसे मिळते? एवढ्या कमी पैशात मिळणारे पनीर सुरक्षित असू शकत नाही आणि त्यामध्ये निश्चितच भेसळ असण्याची शक्यता आहे..", असं अन्न व औषध प्रशासन विभागाचे आयुक्त तुकाराम मुंढे म्हणाले...
महाराष्ट्रात कायदा आणि व्यवस्थेला भावपूर्ण श्रद्धांजली म्हणावं लागेल का..
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रेणापूर तालुक्यातील खरोळा येथे अल्पवयीन मुलांना झाडाला बांधून करण्यात आलेल्या अमानुष मारहाणीचा Video
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