To sell public enterprises when economy in a deep decline is a sign of mental bankruptcy and desperation. It cannot be a healthy ideological imperative. Modi government cannot deny that CSO data shows that GDP growth declined quarter by quarter, year by year from 2016 onwards.
भक्तों के मुताबिक यति नरसिंहानंद का अपराध बस इतना है कि उसने BJP की महिला नेताओं के बारे में गंदी बात कही. यति को ये नहीं करना था.
बाकी वो पहले की तरह किसी भी महिला के बारे में खराब बातें कहता रहता, भक्तों का पूरा सपोर्ट होता, उसके लिए चंदा भी जुटाते. बस BJP पर नहीं बोलना था.
अगर आपके आसपास लोग इसे देख खुश हो रहे हैं, तो आपको समझ आना चाहिए कि उन्हें भगवान राम से कोई लेना देना नहीं है..यह वो लोग हैं जिनके ज़ुबान पर भगवान राम का नाम होता है, लेकिन यही लोग देश विदेश में राम को बदनाम कर रहे हैं..यह ना ही राम भक्त हैं, ना ही हिन्दू और इंसान तो बिल्कुल नहीं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत जो 6000 ₹ सालाना मिलते हैं उसी पैसे से इलाज करवा लेना। थोड़ा ज़ख़्मों पर नमक का काम तो ज़रूर करेगा लेकिन ज़मीर ज़िंदा रखने के लिए बहुत ज़रूरी है...