It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
कोटा शहर…
हज़ारों लड़कियाँ…
एक टेलीग्राम ग्रूप…
ग्रूप का नाम… सनातनियों की नीलामी…
जिसमे 40,000 से ज़्यादा हिंदू लड़कियों के अश्लील विडियो मिलते हैं…
WhatsApp चैट में पचास से ज़्यादा मुस्लिम युवक धर्मांधता से सने हुए…
categorically हिंदू लड़कियों को निशाना बनाना…
पहला टार्गेट सैक्स करना, प्रेगनेंट करना…
दूसरा टार्गेट उसके ज़रिए आगे दूसरी लड़की को फँसाना
तीसरा टार्गेट सबके विडियो बनाकर ज़िंदगी भर ब्लैकमेल करना…
लेकिन दो चार मीडिया चैनलों के अलावा कहीं कोई कवरेज नहीं…
दो चार प्रमुख अख़बारों के अलावा कहीं कोई खबर नहीं…
ध्रुव राठी और रवीश कुमार जैसे लोग केरला स्टोरी जैसी चीजों को प्रोपोगेंडा बोलते हैं…
कोटा वाले केस के बारे में पूछकर देख लो…
इसे भी प्रोपोगेंडा कहेंगे…!!!
देखते हुए आँखें बंद कर लेना… इससे बड़ी कायरता और धूर्तता और कुछ नहीं…!!!
'आज की युवा महिलाएं लेबर पेन से बचना चाहती हैं, इसलिए सिजेरियन डिलिवरी करवा रही हैं'
- ये शर्मनाक बयान राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दिया है
कोटा और बीकानेर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 7 महिलाओं की मौत हो गई थी। वहीं, अब जोधपुर में भी सिजेरियन के बाद दो महिलाओं की हालत गंभीर है।
लेकिन...
इन मौतों के लिए जिम्मेदार अपने घटिया और लापरवाह सिस्टम के लिए माफी मांगने के बदले मंत्री जी ने महिलाओं को ही दोषी करार दे दिया।
ये बेहूदा बयान BJP की महिला विरोधी सोच का नतीजा है। इसके लिए गजेंद्र सिंह खींवसर और नरेंद्र मोदी को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी।
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
कोटा
राहुल गांधी का छात्रों के साथ संवाद इस तरह शुरू हुआ। माहौल तो ऐसा लग रहा है जैसे किसी रॉक स्टार का कॉन्सर्ट हो।
आयोजन स्थल पर छात्रों की भीड़ देखकर लग तो नहीं रहा कि किसी ने छात्रों को यहां आने से मना किया है।
कब तक सहेगा राजस्थान?
असल में खुद मंत्री जी को अच्छे डॉक्टरों की सलाह, अच्छे इलाज, अच्छी दवाओं और भरपूर आराम की जरूरत है। चिकित्सा जैसे विभाग में अतिरिक्त संवेदनशीलता की जरूरत होती है लेकिन यहां बेसिक का भी अभाव है। पहले कोटा और अब बीकानेर में प्रसुताओं की जान पर बनी हुई है। व्यवस्थाओं पर कोई नियंत्रण नहीं है। मंत्री जी प्रिंसिपल साहब से पूछ रहे हैं कि बताइए प्रश्न बताएं सीरियस अवगत में आई थी या पैदल नाचते हुए आई थीं? पता नहीं क्या हो गया है इनको?
कारण कुछ भी हो सकते हैं, लेकिन जो गलत है वो ग़लत है। इनके पास अच्छे डॉक्टर्स की बजाय अच्छे ट्राॅल्स की फ़ौज है जो अभी आएगी और इनके कहे का प्रतिकार करने वालों को गरियाना शुरू करेगी।
मंत्री जी चौथी बार के विधायक हैं। दूसरी बार के मंत्री हैं। राज परिवार टाइप के फैमिली बैकग्राउंड से आते हैं। घर परिवार भी है। फिर ऐसे उदाहरण क्यों प्रस्तुत करते हैं?
ऐसे लोग न तो जनप्रतिनिधि होने चाहिए और न ही मंत्री।
@BhajanlalBjp
RGHS योजना कर्मचारियों के लिए रामबाण है अधिकतर परिवार बीमारी से बर्बाद होते हैं और यह योजना इस संकट में सबसे बड़ी संकट मोचन बनती है,,
सरकार को जल्द से जल्द इसका उपाय ढूंढ कर कर्मचारियों के साथ न्याय करना चाहिए।
प्राइवेट हॉस्पिटल वाले भी मनमानी करते हैं और हजार रुपए की गोली दवाई के ₹5000 लिख लेते हैं,,, एक कर्मचारी इस मजबूरी में नहीं बोलता क्योंकि यदि वह विरोध करेगा तो हॉस्पिटल वाले मना कर देंगे कि हम इस योजना के तहत नहीं देखते या आज के दिन की इतनी ही पर्ची है वो कट गई,,💔🙏
सरकार को एक नियम बना देना चाहिए कि किसी भी कर्मचारी को कोई भी अस्पताल इलाज के लिए मना नहीं करेगा, और कोई भी किसी भी प्रकार के इंजेक्शन टैबलेट वगैरा के लिए मना नहीं करेगा यदि ऐसा करता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, तब ही यह भ्रष्टाचार मिटेगा क्योंकि कर्मचारी अपने आप को सेफ जोन में जब पाएगा तो वह भ्रष्टाचार होने ही नहीं देगा,,,, लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि एक कर्मचारी हॉस्पिटल जाता है तो उसको अपराधी की नजर से देखा जाता है जब वह यह बोलता है कि मेरे को RGHS के तहत दिखाना है, बल्कि सच्चाई यह है कि एक आम पेशेंट के ट्रीटमेंट के बजाय कर्मचारी के कार्ड से 10 गुना ज्यादा पैसे उठा लिए जाते हैं।
सरकार इस भ्रष्टाचार को मिटाएं और कर्मचारियों को हर वक्त इलाज के लिए आस्वस्त करें,,,,यही उम्मीद है।
@officialRGHS@RajCMO@JATbera1@GajendraKhimsar@RESMA_7
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
विकसित देशों में शिक्षकों को लंबी छुट्टियां दी जाती हैं शिक्षण एक अत्यधिक मानसिक श्रम वाला कार्य है.!
35 दिन की छुट्टी को भी ज्यादा बताने वाले लोग दरअसल शिक्षा की गुणवत्ता के दुश्मन है
एक थका हुआ और मानसिक रूप से प्रताड़ित शिक्षक बेहतर भविष्य कैसे गढ़ेगा.?
@RajCMO@madandilawar
सैलरी से हर माह कटौती, लेकिन बीमारी में दौड़-दौड़ कर अस्पताल!
यह कहाँ की न्याय है? RGHS सिर्फ कागजों पर नहीं, हकीकत में भी काम करना चाहिए।
कर्मचारी अपने हक की आवाज उठा रहे हैं।
RGHS को मजबूत कीजिए।
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक@RajCMO@BhajanlalBjp
हर महीने कर्मचारियों के खाते से इस हिस्से की राशि दी जाती है तो इसमें कर्मचारियों की ऐसी कौन सी गलती है जो उनको खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, वैसे भी कर्मचारियों को इलाज के दौरान इस तरीके से देखा जाता है जैसे वह कोई मुफ्त में इलाज ले रहे है....
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
प्रिमियम जमा कराने के बाद भी RGHS योजना का लाभ नहीं मिल रहा कर्मचारियों को --
विपिन प्रकाश शर्मा
प्रदेश महामंत्री
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत
भारत में सातवें नंबर पर रुझान है निवेदन है कि उसको नंबर एक पर लाएं।
विनम्र निवेदन है कि RGHS योजना में शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। #RGHS_कर्मचारियों_का_हक#RGHS_कर्मचारियों_का_हक