@epanchjanya जब हिंदुओं का वोट चाहिए होता है तब तो झुक जाते है और सरकार में आते ही उन्हीं पर दमन चक्र चलाने लगते है।
इन्हें किसी भी कीमत पर सिर्फ वोट और मंदिरों का पैसा चाहिए है बाकी हिंदुओं से कोई मतलब नहीं है।
@epanchjanya लेकिन युद्व के बाद फिर से अमेरिका ईरान और रूसी तेल पर बैन लगा देगा तब हमे इसे खरीदना बंद करना पड़ेगा जैसे युद्ध के पहले रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद कर दिया था।
अमेरिका के निशाने पर भारतीय ग्रोथ भी है और इस तरह के दबाव आते रहेंगे। कूटनीति कितनी कारगर होगी वही परीक्षा है।
@ocjain4 कुछ भी हो लेकिन ममता बनर्जी अभी भी भारी है। उनके पास 25-30% का एक मुश्त मुस्लिम वोट के साथ साथ लिबरल हिंदू का वोट है। बीजेपी को एक से गिनना है और बिखरे हिंदुओं को एकजुट करना है।
डगर बहुत कठिन है, लेकिन नामुमकिन कुछ भी नहीं।
@epanchjanya जब चोरी के सिस्टम पर लगाम नहीं लगा सकते है और लूटना भी जरूरी हो तो कोई तो तर्क देना पड़ेगा।
कोई तो सिस्टम बना रहे जो आम आदमी। के लिए हो और सस्ता बना रहे । हर सुविधा धीरे धीरे प्रीमियम होती जा रही है और सुविधा लोकल वाली।
अभी और मुश्किल समय आने वाला है कई चीजें मंहगी होगी।
@epanchjanya उनका तंत्र हर संभव कोशिश करता है अपने लक्ष्य को पाने में। वे कट्टर है अपने मजहब के लिए।
हमारा सिस्टम पूरी कोशिश करता है उनके कांडों को दबाने की क्योंकि हम सेक्युलर है। सोशल मीडिया न हो ऐसे मामलों का पता ही न चले । नेता, अधिकारी, मीडिया सब चुप रहते अपने अपने हित के लिए।
@kaankit अगला नंबर कनाडा का ही है । इसलिए उपदेश दिए जा रहे है।
अमेरिका के मामले में सभी पीड़ित पक्षों की एकजुटता जरूरी है। लेकिन जब बात भारत की आएगी तो ये फिर से अपना रंग दिखाने लगेगे और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर खालिस्तान को समर्थन करेंगे।
@kaankit कही पे निगाहे कही पर निशाना।
रूस और ईरान से कई देश व्यापार कर रहे है लेकिन इस समय अमेरिका का पहला निशाना भारत है। भारत की आत्मनिर्भरता, आत्मरक्षा और वैश्विक स्वीकार्यता अमेरिका से बर्दाश्त नहीं हो रही है। बांग्लादेश और पाकिस्तान का खुला समर्थन भी इसी कारण से है।
@kaankit ट्रंप WW2 के बाद का वर्ल्ड ऑर्डर बदलने की कोशिश में है। इसके गंभीर परिणाम हो सकते है। कई समृद्ध और मिनरल रिच छोटे देश सदमे में होगे कि ट्रंप की नजर न लग जाए।
चीन भी इस दौड़ में जल्दी ही शामिल हो सकता है।रसिया भी अपना पुराना रुतबा पाना चाहेगा।
ताइवान और यूरोप का भविष्य कठिन है…..
@kaankit अगर आपके पास तेल है लेकिन ताकत नहीं है, तो अमेरिका आप पर कब्जा कर लेगा। यही वर्ल्ड ऑर्डर है।
और यदि कुछ ताकत है भी तो पहले कमजोर किया जाएगा, फिर शिकार ।
@kaankit पनीर तो ठीक है सब मान ही चुके है कि शुद्ध हो ही नहीं सकता है।
ऐसी कोई खाने की चीज बताइए जो इस दौर में भी शुद्ध मिल रही है।
हर खाने की चीज नकली या मिलावट, पेस्टीसाइड, केमिकल युक्त मिलेगी।