प्रश्न है, क्या आप भी सवर्ण कार्ड खेलोगे?
खेलना पड़ेगा ना! पहले हिंदू कार्ड खेलता था, भारतीय कार्ड सबसे ऊपर रखता था। देश की प्रगति, फिर धर्म, मैं हिंदू हूँ, इसमें कोई जात-पात नहीं देखता था। लेकिन अब लगता है कि जाति को कसकर पकड़कर रखना चाहिए।
>ब्रो ने बिहार में पलायन रोक दिया है
>ब्रो ने बिहार में 1 करोड़ नौकरियों का विज्ञापन निकाल दिया है
>ब्रो ने बिहार में लखपति दीदी बना दी है
>ब्रो ने बिहार में बाढ़ रोक दी है
>ब्रो ने बिहार में खैनी कंपलसरी कर दी है
>ब्रो ने बिहार में शिक्षा को नंबर एक पर ल दिया है
"ब्रो ने बिहार पुलिस से कहकर खुरपेच पर FIR करवा दिया है"!
उपरोक्त सभी ब्रो के बस की बात नहीं है, सिर्फ लास्ट वाला काम ब्रो करता है।
मौर्य बहुत पहुँची हुई चीज़ है। माहीं शब्दों में ये पूरा ब्लेम योगी जी पर डाल रहा है कि चिंतन करेंगे। इसको पूरी आशा है कि यदि भाजपा को गठबंधन करना पड़ गया, या एकदम कम मार्जिन से जीती, तो इनका नाम टोपी से निकला जाएगा। पर ये भ्रम में हैं, इनका इस्तेमाल तो होगा (और हो ही रहा है, इनके पूर्व कथन सुनिए) और बाद में कोई रैंडम व्यक्ति उस पद पर बिठा दिया जाएगा।
वैसे तो MLC चुनावों की चर्चा छात्र चुनावों से भी कम होती है, पर इस बार बिहार-यूपी पर सबकी दृष्टि रही है क्योंकि स्नातक और शिक्षक पर यूजीसी आदि विषयों के साथ-साथ ज़मीनी उपेक्षा का माहौल भी कार्यकर्ताओं में देखने को मिल रहा था।
बिहार में बाँकीपुर की हार की ही तरह, अब RJD के खेमे में गए डॉ संजीव ने पटना से शिक्षक की सीट पर भाजपा को तीस साल बाद हराया है। JDU से 2025 में टिकट न मिलने पर वो राजद गए। सवर्णों ने इस बार अपनी जाति देखी और BJP को हराया। वैसे ही सुरेश राय भूमिहार हैं, भाजपा ने टिकट नहीं दिया, जन सुराज में गए, आज सवर्णों ने उन्हें भी जीत दे दी।
दो और भूमिहार प्रत्याशी स्वतंत्र रूप से जीते। यह भी बताता है कि बिहार में विकल्पहीनता को इंडिपेंडेंट केंडिडेट्स में विकल्प मिल रहा है। सवर्णों ने जहाँ अपने कैंडिडेट देखे, उसे वोट दे कर जिताया। कुल आठ में से चार सीट पर RJD, जन सुराज और स्वतंत्र लोग जीते। यह जीत 2025 की स्वीप के बाद आई है।
वहीं यूपी में, बनारस में (मोदी के आगमन से पूर्व उमड़ा जनसैलाब प्रकरण के बाद) शिक्षक-स्नातक दोनों को गँवाना भाजपा के लिए सीख है। 11 सीटों में भाजपा ने छः जीते/आगे है, पाँच पर सपा। यदि ऐसे ही परिणाम रह जाता है, तो यह भी संकट का ही विषय है।
सनातन, विश्वगुरु, त्रिपुंड, डमरू, खंजरी, भजन क्लबिंग काम नहीं आ रहा क्योंकि लोग समझते जा रहे हैं सत्य को। अक्टूबर निकल चुका है। आने वाले समय में @RHAreforms का ग्राउंड मूवमेंट और तीव्र होने वाला है।
बिहार में हमारे विचारों से प्रभावित लोग गाँव-गाँव टोली बना कर इस जातिवादी, समाज विभाजनकारी भाजपा की करतूतें बता रहे हैं जबकि चुनाव होने में अभी ढाई वर्ष है। यूपी में बाबा ने पूरा बल लगा दिया, पर यदि परिणाम 6-5 रहे, तो यह समय उचित निर्णय और आत्मावलोकन का है।
आगरा समेत चुनावी सीटों के अधिकारियों से पता कीजिए कि चुनाव किस तरह के दवाब में हो रहे हैं। संभव है, परिणाम में अंततः बदलाव हो जाए, पर यदि MLC चुनाव में आपको नाक रगड़नी पड़ रही है, तो विधानसभा की तैयारी देख लीजिए।
मैं छात्र संघ, MLC चुनावों को जनता का मूड या रेफरेंडम नहीं मानता। हालाँकि, प्रचार इतना हुआ तो मैंने यहाँ लिखा है। बिहार की प्रचंड जीत को वर्ष नहीं बीता है और दो निर्दलीय सवर्ण MLC बन जाएँ, RJD से भूमिहार जीत जाए… लगभग असंभव था यह देखना।
बाकी, गेंद अभी भी भाजपा के पाले में है। दिल्ली विश्वविद्यालय जीते हैं तो युवा छात्रों पर यूजीसी का प्रभाव नहीं ही रहा होगा। मोदी जी दो एयर शो करेंगे, गंगा जी से कुर्ते में नहा कर निकलेंगे, सब पलट जाएगा।
बिहार बीजेपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि हाईकोर्ट ने गलत माना कि पिछड़ा वर्ग का सरकारी नौकरियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व है।
सरकार का तर्क है कि 85% आबादी वाले समुदायों से सिर्फ 18% से कम कर्मचारी हैं, और 50% आरक्षण की सीमा को तोड़ने के लिए जाति जनगणना के आधार पर किया गया 'सामाजिक टेस्ट' ही असाधारण परिस्थिति है।
अब अंधभक्त कहते हैं कि कांग्रेस आ गई तो सौ प्रतिशत आरक्षण हो जाएगा उन्हें अपनी आंखों से कीचड़ साफ करना चाहिए।
‼️𝗕𝗝𝗣'𝘀 𝗯𝘂𝗹𝗹𝗱𝗼𝘇𝗲𝗿 𝘁𝗼 𝗯𝗿𝗲𝗮𝗰𝗵 50% 𝗾𝘂𝗼𝘁𝗮 𝗹𝗶𝗺𝗶𝘁 𝗶𝗻 𝗕𝗶𝗵𝗮𝗿‼️
𝗕𝗝𝗣 𝘀𝗮𝘆𝘀 𝗦𝗖,𝗦𝗧,𝗢𝗕𝗖 𝗿𝗲𝗽𝗿𝗲𝘀𝗲𝗻𝘁𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻 𝘀𝗵𝗼𝘂𝗹𝗱 𝗯𝗲 85% -
50% 𝗿𝗲𝘀𝗲𝗿𝘃𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻 𝗰𝗲𝗶𝗹𝗶𝗻𝗴 𝗶𝘀 𝗻𝗼𝘁 𝗶𝗻𝘃𝗶𝗼𝗹𝗮𝗯𝗹𝗲 𝗿𝘂𝗹𝗲.
"Though the share of SC,ST,OBC is 68.52% in government jobs, their reservation should increase further by 15% so that their representation is 85%"
-𝗕𝗝𝗣 𝗴𝗼𝘃𝘁 𝗦𝗟𝗣 𝗶𝗻 𝗦𝘂𝗽𝗿𝗲𝗺𝗲 𝗖𝗼𝘂𝗿𝘁
These are submissions of Bihar BJP government in Supreme Court.
Earlier they used to say that reservation is required as SC,ST,OBC representation is less. But their own data is showing that almost 70% of the government jobs are with SC,ST,OBCs.
But still BJP says, so what? Reservation should be increased by another 15% to make SC, ST, OBC representation at 85%.
𝗥𝗲𝗺𝗲𝗺𝗯𝗲𝗿, 𝗕𝗝𝗣 𝗴𝗲𝘁𝘀 80-90% 𝗼𝗳 𝗚𝗖 𝘃𝗼𝘁𝗲𝘀 𝗶𝗻 𝗛𝗶𝗻𝗱𝗶 𝗯𝗲𝗹𝘁 𝗯𝘂𝘁 𝘀𝘁𝗶𝗹𝗹 𝗱𝗼𝗲𝘀𝗻'𝘁 𝗰𝗮𝗿𝗲 𝗮 𝗯𝗶𝘁 𝘁𝗼 𝗱𝗲𝘀𝘁𝗿𝗼𝘆 𝗚𝗖𝘀 𝘁𝗵𝗿𝗼𝘂𝗴𝗵 𝗽𝗼𝗹𝗶𝗰𝗶𝗲𝘀.
𝗧𝗵𝗲 𝗽𝗿𝗼𝗯𝗹𝗲𝗺 𝗶𝘀 𝗻𝗼𝘁 𝘄𝗶𝘁𝗵 𝘁𝗵𝗲 𝗕𝗝𝗣.
𝗜𝘁 𝗶𝘀 𝘄𝗶𝘁𝗵 𝗚𝗖 𝘃𝗼𝘁𝗲𝗿𝘀.
बिहार की भाजपा सरकार चाहती है आरक्षण 85% हो जाए और उसके बाद की बची सीटें भी जब तक आरक्षित वर्ग न ले ले, तब तक उसे उचित प्रतिनिधित्व न माना जाए। सरकार का स्वयं मानना है कि आरक्षित वर्ग सरकारी नौकरियों में 68.5% में होने के बाद भी प्रतिनिधित्व नहीं मिला है क्योंकि ओपन की केवल 18.5% सीट ही यह वर्ग वे पा रहा है, जबकि जनसंख्या 85% है।
17% मुसलमान हैं, 15% सवर्ण हैं तो मुसलमानों को EBC, OBC आरक्षण दे दिया गया है। और फिर ये लोग कहते हैं कि कॉन्ग्रेस 85% आरक्षण ले आएगी।
ओबीसी रिजर्वेशन हो या मोदी एक्ट, कानून और अधिकारों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं होना चाहिए।
2018 में SC/ST Act पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर फैलाई गई गलतफहमियों के बाद कानून में बदलाव हुआ। प्रश्न इतना है कि किसी भी कानून में प्राकृतिक न्याय और निष्पक्ष जाँच का सिद्धांत क्यों न हो? कानून सुरक्षा दे, किसी के उत्पीड़न का हथियार न बने।
आजकल सपा वालों को हर कोई बजाकर भाग जाता है। ओवैसी को लेकर अखिलेश ने कहा कि यदि उसको वोट दोगे तो भाजपा जीत जाएगी। इस पर ओवैसी ने सप्पा को कहा, अरे भक!
इधर भाजपा वाले सवर्णों को पेल भी रहे हैं। UP समेत कई राज्यों में आरक्षितों को आयु में और अटेम्प्ट में छूट देने के बाद उन्हें सवर्णों की सीटों पर भी अवैध रूप से स्थान दिए जा रहे हैं।
83 सीटों में 77 आरक्षित हैं। मध्य प्रदेश में 73% के लिए, महाराष्ट्र में 72% आरक्षण के लिए हर कोर्ट से हारने के बाद भी मेरिट की डैश मारने पर तुले हुए हैं और फिर हमें ही यह भय भी दिखाया जा रहा है कि अरे भाजपा का विरोध मत करो, सपा आ जाएगी!
कोई पार्टी अपनी स्ट्रेंथ पर नहीं खेल रही। सब एक-दूसरे का भय दिखाकर सत्ता पाना चाहती हैं। मेरिट, विकास, मैनिफेस्टो और विचारधारा जाए भाड़ में!
अजीत भारती जी ब्रो ने सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालयों के अहम निर्णयों के आधार पर मोदी एक्ट के प्रावधानों और संभावित दुरुपयोग पर गंभीर प्रश्न उठाए।
यह अधिनियम अपने आप में असंवैधानिक है। सवर्णों को भी कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।
अजीत भारती जी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वाइट देने के लिए उठे उसमें एक ब्राह्मण विरोधी पत्रकार शामिल हो गया, अनाप शनाप सवाल पूछने लगा फिर क्या अजीत भारती जी अपने मोड में आ गए और उस जातिवादी को ढंग से रगड़ दिया।
मोदी जी स्वयं अपने खिलाफ समाज को एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं। अतः, आप जहाँ कहीं भी हैं, और आप मोदी एक्ट, मोदी समर्थित यूजीसी नियमावली, भाजपा के 72-75% आरक्षण को ले कर एकजुट होना चाहते हैं तो 29 दिसंबर 2026 को दिल्ली पहुँचिए और अपने अधिकारों, समाज और राष्ट्र के लिए खड़े होइए।
"Shh... कुछ मत बोलो, कांग्रेस आएगी तो आरक्षण बढ़ा देगी"-भाजपा भक्त
बता दें कि छत्तीसगढ़ में आरक्षण पहली बार 58% भाजपा सरकार ने बढ़ाया था, 2012 में!
इतना ही नहीं,भाजपा सरकार कोर्ट में तर्क क्या दे रही है?
-"आरक्षण के अंदर मिली सीटों को SC/ST/OBC प्रतिनिधित्व में ना गिना जाए, सिर्फ open सीटों में मिली सीटों को गिना जाए!"
मतलब इस तर्क के हिसाब से तो ये आरक्षण अब 100% भी कर देंगे!
और हमको "Shh.. कांग्रेस आ जायेगी तो आरक्षण बढ़ा देगी", बोलकर बेवकूफ बनाकर रखेंगे!
👏👏😂😂
अजीत जी, आप समझते नहीं! सत्ता में बने रहने के लिए तोड़-जोड़ करना पड़ता है। अब आप ही बताइए गुजरात में दो प्लॉट दे कर यदि एक सांसद मिल जाए, तो इसमें क्या समस्या है?
‼️ 2025 UP पुलिस परीक्षा में शामिल होने वाले GC उम्मीदवार - ध्यान दें ‼️
हम परीक्षा के इस नियम को कोर्ट में चुनौती देने जा रहे हैं, जिसके तहत आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को छूट (आयु, अंक, प्रयासों की संख्या आदि) का लाभ लेने के बावजूद UR सीटों पर दावेदारी करने की अनुमति दी जाती है।
इस परीक्षा का जो भी GC उम्मीदवार petitioner बनना चाहता है, वह कृपया करके हमसे जल्दी संपर्क करे🙏
UPPSC Assistant Teacher (Home Science) result:
Total UR=114
OBC in UR=59
SC in UR=15
EWS in UR=11
GC in UR=29
Means only 25% of UR seats go to GC (75% seats are taken by reserved candidates, 52% only by OBC).
& Reserved candidates take UR seats after taking relaxations!
This is systematic apartheid going on against GC candidates.
Wake up GC!!