NDTV से @ravishndtv के इस्तीफे की खबर के बाद अनायास कापसहेड़ा वाली ‘रवीश की रिपोर्ट’ देखने लगा… यह हिस्सा इसलिए डाल रहा हूं क्योंकि इसकी एक लाइन आज की सत्ता और NDTV की नई सत्ता के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण हैः ‘Please tell Manmohan Singh to Watch Ravish Ki Report…’
@richaanirudh Mam tab aap bhi anchor thi na.. aur woh log shi nhi the isliye inhe laye the. fir aap kehte ho ki hume godi media bolte hai. kyu rote hai fir aap log.
2014 से पहले-गड्ढे में प्रिंस था..आसमान में उड़नतश्तरी थी..स्वर्ग तक जाने की सीढ़ी थी..राखी मल्लिका रोज़ टीवी पर थीं..हर तरफ अमन चैन सुकून था..मीडिया और नेताओं का हनीमून था..पर 2014 में अचानक देश में गरीबी,भ्रष्टाचार,महंगाई,घृणा ने हमला बोल दिया और ये देश बर्बाद हो गया😷 #sarcasm
जहर का कारोबार, ये है रवीश कुमार
नौकरी जाने की आशंका के साथ ही इस व्यक्ति ने गोदी मीडिया का राग अलापना शुरू कर दिया था। इसका पूरा जीवन गोदी में ही बीता है और इसे लगा कि, गोदी में बैठकर लोग ताक़तवर हो जाते हैं। यह व्यक्ति समाज में सडांध पैदा कर रहा है। इसके न रहने पर एनडीटीवी बंद हो जाए, इसकी यह मंशा पूर्ण न हो सकी। यह पत्रकारिता पर धब्बे जैसा है। आज इसे पत्रकारों पर हुए हमले पर बोलना था, लेकिन यह उलटबाँसी कर रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि, भारत को कमजोर करने के एवज में इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बुलाया गया। इससे देश में एक बड़ा वर्ग इसके जहर का शिकार हो रहा है।
@CPDelhi kahe ki dil ki police... dil hai aap logo mein..? public servant ban na tha, political servant ban kar reh gaye ho. #CJP#Delhiprotest@TheNewspinch
छात्रों के मुद्दे और विरोध को हाईजैक करने वाले जानबूझकर मीडिया को टारगेट कर रहे
कहने को तो कहते हैं कि TV मीडिया को कोई देखता नहीं लेकिन इनको भी पता है कि YOUTUBE की गोद में बैठे इनके साथियों की क्रेडिबिलिटी कितनी बची है।
सुनिए मीडिया को टारगेट करने की स्ट्रेटेजी क्यों बनी
3 Points
-Indian State से लड़ने का ऐलान करने वाले राहुल गांधी का PM आवास के बाहर धरना Democracy के लिए Dangerous Precedent है ?
- लोकतंत्र की अति, देश की क्षति है।आंदोलन के नाम पर अराजकता का लाइसेंस गलत।
- आज राहुल का धरना कॉकरोच आंदोलन पर कांग्रेस का 'HIT' है।
@MediaHarshVT तुम लोग स्टूडियो में बैठकर जो बोते रहे, अब उसी का नतीजा सामने आ रहा है। जब बच्चे पिट रहे थे, तब तुम्हें बड़ा मज़ा आ रहा था। जब किसी मुसलमान की मॉब लिंचिंग होती थी, तब भी तुम चुप थे या उसका समर्थन कर रहे थे। एक बार तुम भी घूम आओ।
यह भीड़ छात्रों के हितों के लिए लड़ने वाला हो ही नहीं सकती। यह बर्बर, उन्मादी, ज़हरीली भीड़ है जिसे @ravish_journo जैसे सत्ता की गोदी से बाहर किए गए लोगों ने तैयार किया है। थू है ऐसे नीच लोगों पर। उम्मीद करें कि, @DelhiPolice ने ऐसे लोगों को चिन्हित किया होगा।
@richaanirudh 12 साल का गुस्सा है मीडिया के खिलाफ। क्या आप अंधे हैं?आपको दिखाई नहीं देता कि पिछले 12 सालों से मीडिया ने क्या-क्या किया है? यह सब एक दिन होना ही था। लेकिन आपको लगता था कि सत्ता का साथ है, तो डर किस बात का।हद तो यह है कि आज भी कुछ चैनल बच्चों को आतंकवादी बता हैं।
मतलब जो रिपोर्टर इनकी विचारधारा का न हो उसको मारना सही है? इसीलिए लगातार कह रही हूँ- जो पत्रकार दूसरे पत्रकारों के साथ हो रही हिंसा को जायज़ ठहरा रहे हैं ..एक दिन बचेंगे वो भी नहीं... भीड़तंत्र को सपोर्ट मत कीजिए..🙏 भीड़ की हिंसा गलत ही होती है चाहे वो इस तरफ वालों की हो या उस तरफ वालों की...
तुमसे बड़ा लोकतंत्र का हत्यारा कौन होगा? तुम्हारे बोए जहर से तैयार हुई भीड़ ने तुम्हारे साथ काम किए संवाददाताओं को भी नहीं बख्शा। नाम इसलिए नहीं लिख रहा कि, उसकी पीड़ा बताना है, उसे पीड़ित नहीं दिखाना। असली गोदी मीडिया तुम्हारे जैसे लोग हैं जो सारी जिंदगी गोदी में ही बैठे रहे और गोदी से उतार दिए जाने पर रोने लगे। जरा सा भी शर्म आ रही हो तो अलग-अलग चैनलों के उन रिपोर्टरों से बात करो जिनके साथ भीड़ ने गंदा व्यवहार किया है। शर्म आए तो उनसे माफी मांगो और खुद को पत्रकार कहना बंद कर दो।
@MediaHarshVT जिनका अपना जीवन हमेशा दूसरों के कंधों पर टिका रहता है, वे देशहित में काम करने वाले सफल लोगों को कभी समझ नहीं सकते। मैंने सही कहा था—तुम नपुंसक हो।
@richaanirudh आंदोलन की बात आप न करें, क्योंकि 2011 से पहले भी कई नेताओं ने आंदोलनों के दम पर अपनी पहचान और राजनीतिक आधार बनाया है। चाहे जेपी आंदोलन हो या आडवाणी जी की रथ यात्रा। एक पूरी की पूरी पार्टी राम मंदिर और धर्म के मुद्दे पर सत्ता में आई, और वहाँ भी कई लोगों ने व्यक्तिगत लाभ उठाया।
“कुछ साल पहले तक मेरे मन में बहुत था - हम ‘विश्वगुरु’ बनेंगे पर अब लगता है विश्वगुरु को Contradict करने वाली बातें ज्यादा हो रही हैं !
या तो विश्वगुरु-विश्वगुरु करना बंद करो या ये सब Nonsense बंद करो !”
अनुराधा पौडवाल जी ने ‘मोदी जी’ को आड़े हाथों लिया🔥