समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेरे PDA के महबूब नेता गरीब,शोषित,पीड़ित,वंचित,दलित, पिछड़ों,अगड़ों की बुलंद श्री अखिलेश यादव जी के 51वें जन्मदिन को #लोक_कल्याण_दिवस के रूप में मनाते हुए समाजवादी नीतियों एवं कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए
‘विश्व महिला समानता दिवस’ पर हम PDA में ‘A’ के रूप शामिल ‘आधी आबादी’ अर्थात स्त्रियों के लिए अपने ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ के संकल्प को दोहराते है, जो स्त्रियों को सामाजिक रूप से सशक्त व आर्थिक रूप से सबल बनाने की योजना है। जिसमें हर ग़रीब, शोषित, वंचित स्त्री को सीधे अपने खाते में 40,000 रु हर साल मिलेंगे, जो हर साल बढ़ते जाएंगे। इसके अलावा ‘पीडीए प्रतिभाशाला’ के माध्यम से उन्हें हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा; मुफ़्त लैपटॉप व ‘साइकिल’ से उनकी प्रतिभा का सम्मान होगा। मोबाइल का मुफ़्त वितरण उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ेगा। लोहिया आवास व अन्य सुविधाएं मुफ़्त दी जाएंगी। मुफ़्त विशेष एंबुलेंस सेवा व ज़रूरत पड़ने पर मुफ़्त क़ानूनी सहायता भी दी जाएगी। 1090 जैसी महिला सुरक्षा के लिए समर्पित योजना को AI तकनीक से और भी अधिक कारगर बनाया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
’स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ दरअसल ‘आधी आबादी’ की ‘पूरी आज़ादी’ का मिशन है।
भाजपा के राज में नारी को असुरक्षा, उपेक्षा और अपमान के सिवा कुछ नहीं मिला है। भाजपा नारी को नारे के विषय से अधिक कुछ नहीं समझती है।
जब भी कोई भाजपावाला आकर आप से नारी वंदन का नाटक करे तो आप उसे याद दिलाइए :
- लखनऊ अग्निकांड में मारे गये बच्चे की दुखी माँ के साथ मुख्यमंत्री जी ने जो सरेआम अपमान और दुर्व्यवहार किया और चेतावनी भरी आवाज़ में कहा कि ‘भाषण सुनने के मूड में नहीं हैं, उसे पूरे प्रदेश, देश और दुनिया ने देखा।
- हाथरस की बेटी के साथ कैसे अन्याय हुआ।
- कानपुर में कैसे माँ-बेटी को झोपड़ी सहित जलाकर बेरहमी से मारा गया।
- किताब लेकर भागती बच्ची का तस्वीर कौन भूल सकता है।
- खुशी दुबे के साथ किस तरह बदले की भावना जैसा जुल्म करते हुए जेल में डालकर उत्पीड़न किया गया और उसकी बीमार माँ को बेसहारा छोड़ दिया गया।
ये तो गिने-चुने कांड हैं जो जनता के सामने आ गये। भाजपा और उनके सुरंगी-साथी मतलब संगी-साथी किस तरह दक़ियानूसी तंग नज़रिये के शिकार हैं ये सब जानते हैं।
भाजपा और उनके सुरंगी-साथियों की सोच सामंतवादी है।चूंकि सामंतवादी सोच शक्ति पर आधारित होती है, इसीलिए उस सोच ने ही पुरुष को सबल और नारी को अबला माना और उसे नैतिकता के दायरे में बँधकर रहने की सख़्त पाबंदी की बात कही। सामंतवाद में स्त्री को दासी या सेविका के रूप ही देखा जाता है। इसीलिए इन लोगों के संगठनों में भी स्त्री कभी उच्च स्थान नहीं पाती है।
आज की नारी अपनी आवाज़ उठाना चाहती है, जबकि संकीर्ण सोच के भाजपाई चाहते हैं कि वो मौन रहें। ये स्त्रियों के पहनावे और व्यवहार के लिए ही सारे नियम बनाते हैं। सवाल ये है कि भाजपाई आदर्श के सारे मानक सिर्फ़ नारी के लिए ही क्यों निर्धारित करते हैं?
भाजपाई हमारे समाजवादी मूल्यों के इसलिए ख़िलाफ़ हैं क्योंकि हम ‘स्त्री-पुरुष’ की बराबरी की बात करते हैं। समाज के निर्माण का आधार नारी को परिवार की धुरी मानना है। परिवार का विरोध, दरअसल नारी के विरोध का ही एक रूप है।
अयोध्या के राम मंदिर में चोरी के बाद प्रदेश की धार्मिक महिलाओं का भाजपा से पूर्ण रूप से मोहभंग हो गया है। वो भाजपा के पाप की कमाई की एक पाई भी लेने को तैयार नहीं हैं।
2027 में समाजवादी फिर से आएंगे ‘स्त्री सम्मान समृद्धि’ योजना लाएंगे और हर नारी को ख़ुशहाली के नये सफ़र पर आगे बढ़ाएँगे।
हर स्त्री के लिए आज का हमारा यही संदेश व आह्वान है कि :
मुखर बनो, प्रखर बनो!
स्वतंत्र बनो, प्रबल बनो!!
सबल बनो, सफल बनो!!!
Be vocal, be radiant!
Be free, be powerful!!
Be strong, be successful!!!
आजादी के महापर्व स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
इस राष्ट्रीय महापर्व पर मां भारती के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी सेनानियों को कोटि-कोटि वंदन एवं वीर सैनिकों को नमन।
#SwatantrataDiwas2026#स्वतंत्रता_दिवस#IndependenceDay#15August
आजादी के महापर्व स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
इस राष्ट्रीय महापर्व पर मां भारती के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी सेनानियों को कोटि-कोटि वंदन एवं वीर सैनिकों को नमन।
#SwatantrataDiwas2026#स्वतंत्रता_दिवस#IndependenceDay#15August
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!
संविधान से ही स्वाधीनता है। आइए हम सब मिलकर इस स्वतंत्रता दिवस पर संविधान की रक्षा एवं निरंतरता का संकल्प लें।
"हमने बिहार में भी देखा था चुनाव से पहले किस तरह से सरकार ने महिलाओं के खाते में पैसे पहुंचाने का कार्य किया था, महाराष्ट्र में भी किया था, चुनाव से पहले आप लोगों की कॉन्शियस को खरीदने का काम कर रहे हैं।"
- श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
भाजपा के राज में सामाजिक भेदभाव का ये निकृष्टतम रूप है कि हल्द्वानी में जिस मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष माननीय श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी का संबोधन हुआ, उसका कुछ प्रभुत्ववादियों ने सिर्फ़ इसलिए शुद्धीकरण किया क्योंकि आदरणीय खड़गे जी दलित समाज से आते हैं।
भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को ‘मंच नहीं अपने कलुषित मन का गंगाजल से शुद्धीकरण’ करना चाहिए।
अब कहाँ हैं तथाकथित समरसता की बात करनेवाले वो विभेदकारी लोग, जिन्हें समानता नहीं सुहाती।
अब इस तरह के हर सामाजिक दुर्व्यवहार व मानसिक उत्पीड़न के लिए पीडीए समाज एकजुट होकर जवाब देगा।
अब पीडीए समाज अपना अपमान सहने के मूड में नहीं है।
#बहराइच में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों और किसानों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम पयागपुर संजय कुमार पाण्डेय को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने पैमाइश, वरासत सहित राजस्व संबंधी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। एसडीएम ने समस्याएं सुनकर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
@OfficialBKU
ये है उप्र में अपराध का सच्चा चेहरा। जब मुख्य नगरी गोरखपुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं तो समझ सकते हैं किसके प्रश्रय में ऐसे दुर्दांत अपराधी पल-पनप रहे हैं।
मैं डेली बाँटता हूं 10 लाख..1984 से...मेरे बाप दादा के पास 32000 भैंस होती थीं मेरे दादा दूध और चूरा रास्ते में लोगों को खिलाते थे..
मेरी दिल्ली वाली कोठी न्याय का मंदिर है मैं और मेरी पत्नी MP हैं एक कोठी मैं हम रहते थे और दूसरी में गरीबों का इलाज करते हैं.. डेली 500 से 600 लोग खाना खाते हैं...
पूर्णियाँ घर पर दो हजार से तीन हजार पटना में 150 से 200 खुर्दा में 300 से 400 डेली 5000 लोगों को खाना खिलाता हूं सेवा आश्रम में लोगों का मुफ़्त इलाज करता हूँ पूरी दुनियां देख चुकी है।
पूर्णियाँ जहां से मैं चुनाव लड़ता हूं वहां मेरी जात के लोग नहीं हैं फिर भी मैं लगातार निर्दलीय चुनाव जीत रहा हूं..!