समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने संसद में अयोध्या में भगवान श्री राम के अस्तित्व को नकार दिया था
मुलायम सिंह यादव ने संसद में कहा था कि अयोध्या में भगवान राम पैदा ही नहीं हुए थे अयोध्या में कभी कोई मंदिर था ही नहीं
बल्कि मुलायम सिंह यादव अयोध्या को एक इस्लामी नगरी बताने लगे थे
बॉलीवुड में 'लव जिहाद' का दौर लगभग खत्म हो चुका है, इसलिए अब 'प्लान B' के तौर पर टेलीविज़न पर यह सिलसिला शुरू हो गया है।
टेलीविज़न धारावाहिकों को ज़्यादातर महिलाएं, खासकर हाउसवाइफ देखती हैं - क्योंकि इनमें भावुक और नाटकीय सामग्री होता है। पुरुष आम तौर पर ऐसे अतिनाटक देखने से बचते हैं।
इसलिए एकता कपूर जैसे लोगों ने सीधे हिंदू घरों के बैठक कक्षों में 'लव जिहाद' के बीज बोने का फैसला किया।
नीचे कुछ टीवी धारावाहिक, उनके मुख्य अभिनेता (लगभग हमेशा एक मुस्लिम युवक) और उनके किरदारों के नाम दिए गए हैं।
▪︎ धारावाहिक 1 - दीया और बाती हम।
मुख्य किरदार का नाम : सूरज।
अभिनेता : अनस राशिद।
▪︎ धारावाहिक 2 - साथ निभाना साथिया।
मुख्य किरदार का नाम : अहम मोदी।
अभिनेता : मोहम्मद नाज़िम।
▪︎ धारावाहिक 3 - नव्या।
मुख्य किरदार का नाम : अनंत।
अभिनेता : शहीर शेख।
▪︎ धारावाहिक 4 - पवित्र रिश्ता।
मुख्य किरदार का नाम : दिग्विजय किर्लोस्कर।
अभिनेता : नावेद असलम।
▪︎ धारावाहिक 5 - ये रिश्ता क्या कहलाता है?
मुख्य किरदार 1 का नाम : नक्ष।
अभिनेता : शहज़ाद शेख।
मुख्य किरदार 2 का नाम : अखिलेश।
अभिनेता : अली हसन।
मुख्य किरदार 3 का नाम :
कार्तिक।
अभिनेता : मोहसिन खान।
▪︎ धारावाहिक 6 - ये हैं चाहतें।
मुख्य किरदार का नाम : रुद्र खुराना।
अभिनेता : अबरार काज़ी।
▪︎ आने वाला धारावाहिक 7 - हीरो।
मुख्य किरदार का नाम : अभी तक पता नहीं चला है।
अभिनेता : शोएब इब्राहिम (दीपिका कक्कड़ के पति)।
यहाँ ध्यान देने वाली दिलचस्प बात यह है कि इन सभी धारावाहिकों में मुख्य महिला कलाकार हमेशा हिंदू लड़कियाँ होती हैं।
ऐसा नहीं है कि टीवी व्यवसाय में अच्छे दिखने वाले, प्रतिभाशाली हिंदू पुरुष अभिनेताओं की कमी है - लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें जान-बूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है और भूमिका मुस्लिम पुरुषों को दिए जा रहे हैं।
पहले, लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में वरुण बडोला, राम कपूर, रोनित रॉय, सुशांत सिंह राजपूत, सिद्धार्थ शुक्ला जैसे हिंदू पुरुष प्राथमिक अभिनेता होते थे। मुस्लिम एक्टर्स बहुत कम होते थे।
इसलिए मुस्लिम अभिनेताओं का यह मौजूदा दबदबा जान-बूझकर बनाया गया है, यह अपने आप नहीं हुआ है।
ये सभी लोकप्रिय धारावाहिक हिंदू पृष्ठभूमि पर आधारित होते हैं, लेकिन प्राथमिक पुरुष अभिनेता हमेशा कोई मुस्लिम व्यक्ति ही होता है।
इसके पीछे एक खतरनाक दोहरा मकसद होता है।
पहला, यह अभिनेत्रियों को 'लव जिहाद' के खतरे में डालता है।
दूसरा, यह महिला दर्शकों के मन में यह गलत धारणा बनाता है कि सिर्फ मुस्लिम पुरुष ही अच्छे दिखने वाले और प्रतिभाशाली होते हैं।
लगभग सभी हिंदू टीवी अभिनेत्रियां 'लव जिहाद' के जाल में फंसी हुई हैं।
एक टीवी अभिनेत्री तुनिषा शर्मा ने अपने बॉयफ्रेंड और को-एक्टर शीजान खान के मेकअप रूम में आत्महत्या कर ली थी। उनकी मां ने खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने उनकी बेटी का यौन शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन सबूतों की कमी के कारण उसे बाद में रिहा कर दिया गया।
मुझे ऐसा लगता है कि सभी स्टार चैनल - चाहे स्टार गोल्ड हो, स्टार उत्सव हो या स्टार प्लस - अपने पारिवारिक धारावाहिकों, रोमांटिक ड्रामा, कॉमेडी, रियलिटी शो और क्राइम शो के ज़रिए 'लव जिहाद' को बढ़ावा दे रहे हैं।
इन सीरियल्स का आपके घर की बेटियों, बहनों और बहुओं पर सीधा असर पड़ता है।
ब्राह्मण और क्षत्रिय सनातन धर्म के आधार स्तम्भ है
जो भी राजनीतिक दल ब्राह्मण और क्षत्रियों को दरकिनार कर के चले उनका सुर्यास्त हो चुका है
जैसे : कांग्रेस, बसपा, सपा
भाजपा को भी घमंड हो गया था
ब्राह्मण और क्षत्रियों ने थोड़ा सा झटका दिया
400 का घमंड टूटकर सिर्फ 240 पर आ गया
करणी सेना नेता वीरू सिंह 🚩🚩
700 साल पहले शोषण हुआ, तो अगले 7000 या 700000 साल मेरेको रिजर्वेशन मिलनी चाहिए, मैं पढूंगा नहीं साहब, बग़ैर पढ़े डॉक्टर, इंजीनियर बनना है।
This is nonsense.
- Major General G.D. Bakshi sir 🔥🔥
यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है
काले कानून SC/ST एक्ट ने एक बार फिर यूपी ललितपुर के रिटायर शिक्षक राजाराम गोस्वामी की जान ले ली।
सुसाइड नोट के अनुसार 'राजाराम गोस्वामी को SP द्वारा गोबर का गंदा पानी पिलाया गया, बीच सड़क पर लाठियों से पीटा गया और झूठे मुकदमे में जेल भेज दिया।
अयोध्या हनुमानगढ़ी में नमाज!
“2003 में मुलायम सिंह के शासनकाल के दौरान, नमाज़ के बाद हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर रोज़ा इफ़्तार आयोजित करने की योजना थी, लेकिन SSP ने इसकी अनुमति नहीं दी।
बाद में, मंदिर से सटे महंत ज्ञानदास के घर पर रोज़ा इफ़्तार का आयोजन किया गया।
मुलायम सिंह तुष्टीकरण की राजनीति में सबसे आगे थे”
- बृज लाल, तत्कालीन IG (कानून-व्यवस्था), वर्तमान राज्यसभा सांसद
देख रहे हो विनोद आज जो राम भक्त बने फिर रहे है उसके अब्बा ने हिंदू धर्म स्थल को क्या बना दिया था.....!
फर्जी #scstact से परेशान होकर एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली, लेकिन इसको किसी ने उठाया अगर इनकी जगह कोई दलित होता तो जातिवाद का रोना चालू हो जाता ऐसे ही न जाने कितने लोग फर्जी scstact से आत्महत्याएँ कर रहे हैं लेकिन सरकार को कोई फर्क़ नहीं पड़ रहा !
सुप्रीम कोर्ट के जज लोग मां की गाली खा रहे हैं
जजों को खुद सोचना चाहिए कि आज क्यों उन्हें मां की गालियां दी जा रही है
कैंसर पेशेंट जो एकदम मरने वाली है लास्ट स्टेज का कैंसर है उसने कुल 57 बार याचिका दायर करके कहा कि उसका मामला जल्दी सुन लिया जाए क्योंकि उसे फोर्थ स्टेज का कैंसर है
और अंत में बगैर न्याय के वह कैंसर पेशेंट इस दुनिया से चली गई
लेकिन जज ने उसका मामला नहीं सुना
तीस्ता सेतलवाड़ को दो बार आउट ऑफ द वे जाकर सुप्रीम कोर्ट ने जेल जाने से बचाया एक बार जब उसके दरवाजे पर गुजरात पुलिस थी तब कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के जज को फोन किया और दुनिया में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जज ने डेढ़ मिनट के फोन पर तीस्ता सेतलवाड़ को जमानत दे दिया
और सुप्रीम कोर्ट के उस जज ने कहा मैंने तो फोन पर सुनवाई कर लिया
फिर बाद में पता चला उसे जज की बेटी तो तीस्ता से तलवार के एनजीओ में भागीदारी में थी
दूसरी बार फिर इस तीस्ता सेतलवाड़ को रात को 11:00 बजे एक सुप्रीम कोर्ट के जज ने घर पर सुनवाई करके जमानत दे दिया और जेल जाने से बचा लिया
अब आप समझ गए होंगे कि क्यों जनता कोर्ट रूम में इन जजों को मां की गाली दे रही है
उधर निदा खान को जज ने सिर्फ इसलिए जमानत दे दिया कि उसने कहा कि जेल में उसका बेटा पैदा होकर भगवान श्री कृष्ण की तरह जिंदगी भर का कलंक नहीं ले सकता
तो भाई राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी को यह सुविधा क्यों नहीं दी गई नलिनी की बेटी तो जेल में पैदा हुई तो कानून में ऐसा भेदभाव जज लोग क्यों कर रहे हैं??
हालांकि में गालियों का समर्थन नहीं करता लेकिन जजों को खुद आत्म निरीक्षण करना चाहिए कि आखिर उनका आचरण ऐसा हो कि उन्हें लोग सम्मान करें
बड़ा खुलासा-🚨🚨
सपा अयोध्या “हनुमान गढ़ी में नमाज” कराना चाहती थी!
समाजवादी पार्टी मुस्लिम तुष्टीकरण में इतनी अंधी थी, कि हिन्दुओं के देवस्थान भी मुस्लिमों को देना चाहती थी।
"700 साल पहले शोषण हुआ, तो अगले 7000 या 70,000 साल मुझे रिजर्वेशन दो! मैं पढूंगा नहीं साहब, बग़ैर पढ़े डॉक्टर, इंजीनियर बनना है! This is nonsense!"
-मेजर जनरल G.D बक्शी जी
चलिए अब सबको समझ आ रही है आरक्षण की असलियत!
पढ़ाई में आरक्षण मिल रहा है, नौकरी में आरक्षण मिल रहा है, प्रमोशन में आरक्षण मिल रहा है।
प्राइवेट सेक्टर एक है जो बचा हुआ है, जो इस देश को ढो रहा है, आपको उसमें भी आरक्षण चाहिए।
@ajeetbharti
क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ सकता हैं?
नही पढ़ सकता है ना?
फिर अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर समाजवादी पार्टी द्वारा नमाज क्यों पढ़वाया गया?
क्या आप इसके लिए अखिलेश यादव को माफ करेंगे?
झूठी शिकायत, झूठी जांच, झूठी गवाही, झूठी वसीयत, झूठी विरासत और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
घटिया कानून कब बदलेगा?
@PMOIndia@narendramodi