पोकरण के बोनाडा गाँव निवासी एवं राजपूताना राइफल्स, दिल्ली में प्रशिक्षणरत अग्निवीर श्री गोपाल सिंह पुत्र श्री चुतरसिंह जी भाटी के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक एवं हृदयविदारक है।
माँ भारती की सेवा का संकल्प लेकर निकले वीर सपूत का यूँ असमय चले जाना हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुःख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
|| जय श्री ॐ बन्ना सा ||
जन-जन के आराध्य, राजस्थान के पाली जिले के चोटिला गांव के सुप्रसिद्ध देवस्वरूप श्री ओम बन्ना सा जी की जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
श्री ओम बन्ना सा जी का आशीर्वाद एवं कृपादृष्टि हम सभी पर सदैव बनी रहें।
अद्भुत, शानदार, जबरदस्त, जिंदाबाद! 🇮🇳
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के महामुकाबले में पाकिस्तान को पराजित कर ऐतिहासिक विजय प्राप्त करते हुए एक और गौरवशाली अध्याय रच दिया है।
इस अद्भुत जीत के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं आगामी मैचों के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।
#T20WorldCup
वर्ष 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद मां भारती के वीर जवानों को तथा उनके शौर्य और बलिदान को कोटि-कोटि नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
#PulwamaAttack#पुलवामा
"सिर सांठे रूंख रहे, तो भी सस्तो जाण"
कल बीकानेर की पावन धरा पर प्रकृति के सजग प्रहरीयों द्वारा आयोजित “खेजड़ी बचाओ महापड़ाव” में उपस्थित रहूंगा।
#खेजड़ी_बचाओ
"विकास के नाम पर विनाश का रास्ता"
भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली आज अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश के बाद 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को “पहाड़” न मानने की व्याख्या सामने आई है, जिसने अरावली के विशाल भूभाग को कानूनी संरक्षण से बाहर करने का खतरा पैदा कर दिया है। यह केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के पर्यावरणीय भविष्य को सीधे प्रभावित करने वाले हैं।
अरावली पर्वतमाला लगभग 692 किलोमीटर तक गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैली है और इसे लगभग तीन अरब वर्ष पुरानी पर्वत श्रृंखला माना जाता है। इसका दो-तिहाई हिस्सा राजस्थान में स्थित है, जहाँ यह जलवायु संतुलन, वर्षा चक्र और भूजल रिचार्ज की रीढ़ के रूप में कार्य करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि अरावली न होती, तो पश्चिमी, मध्य और दक्षिण भारत का बड़ा भूभाग रेगिस्तान में बदल चुका होता। ऐसे में इस प्राकृतिक ढाल को कमजोर करना दीर्घकालिक पर्यावरणीय आत्मघात से कम नहीं है।
फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आँकड़े इस संकट की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। देश में मैप की गई 12,081 पहाड़ियों में से केवल 1,048 यानी महज 8.7 प्रतिशत ही 100 मीटर की ऊँचाई के मानक पर खरी उतरती हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इस नई व्याख्या के बाद कानूनी सुरक्षा खो सकता है। यह स्थिति खनन, रियल एस्टेट और निजी परियोजनाओं के लिए रास्ता खोलती है, जबकि पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के लिए यह विनाश का संकेत है।
अरावली केवल पहाड़ियों की श्रृंखला नहीं है। यह 300 से अधिक जीव-जंतुओं और पक्षियों का प्राकृतिक आवास है, लाखों पशुपालकों के लिए चारागाह है और बनास, साबरमती तथा लूणी जैसी नदियों का उद्गम स्थल भी है। इसकी चट्टानी संरचना वर्षा जल को रोककर उसे जमीन के भीतर पहुँचाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में भूजल रिचार्ज होता है। पहले से ही जल संकट से जूझ रहे पश्चिमी राजस्थान के लिए अरावली का कमजोर होना सूखे को स्थायी बना देने जैसा होगा।
सरकार की पर्यावरण नीति की वास्तविक तस्वीर जोजरी नदी की उपेक्षा और खेजड़ी वृक्षों के साथ हो रहे व्यवहार से भी साफ होती है। खेजड़ी, जिसे राजस्थान का राज्य वृक्ष माना जाता है और जो रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र की जीवनरेखा है, आज योजनाबद्ध कटाई का शिकार बन रहा है। सरकारी आँकड़ों और जमीनी आकलनों के अनुसार, सोलर परियोजनाओं और औद्योगिक लीज़ के नाम पर अब तक लगभग 26 लाख खेजड़ी पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि आने वाले समय में करीब 50 लाख और खेजड़ी पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि एक पूर्ण विकसित खेजड़ी पेड़ के साथ अन्य पेड़ो को तैयार होने में लगभग 100 वर्ष लगते हैं, जिससे मरुस्थल के इस अनमोल पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
एक पेड़ औसतन 1,200 किलोलीटर ऑक्सीजन प्रतिवर्ष देता है। इस आधार पर, जो 26 लाख पेड़ काटे गए, वे हर साल लगभग 25 करोड़ किलोलीटर ऑक्सीजन प्रदान करते थे जो अब पूरी तरह बंद हो चुकी है। पेड़ों के कटने और बड़े पैमाने पर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री तक वृद्धि दर्ज की गई है। पर्यावरणविदों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में बारिश कम होने का यह एक प्रमुख कारण बन गया है। तापमान बढ़ने और आवास नष्ट होने के चलते रेगिस्तान के कई छोटे जीव भी विलुप्ति के कगार पर पहुँच गए हैं। जबकि यही पारिस्थितिकी तंत्र है जो न्यूनतम पानी में पनपता है, मिट्टी को बाँधकर मरुस्थलीकरण को रोकता है, पशुओं के लिए चारा देता है और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है।
विडंबना यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अतीत में अरावली की रक्षा के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। 1990 के दशक से लेकर एम.सी. मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया जैसे मामलों में कोर्ट ने राजस्थान और हरियाणा में अनियंत्रित खनन पर रोक लगाई और यह स्वीकार किया कि इससे होने वाला पर्यावरणीय नुकसान अपूरणीय है। ऐसे में आज उसी अरावली को कमजोर करने वाली व्याख्या सामने आना न केवल चिंताजनक है, बल्कि न्यायिक परंपरा के भी विपरीत प्रतीत होता है।
शानदार! ज़बरदस्त! ज़िंदाबाद! 🇮🇳
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन और अटूट जज़्बे से वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया है। यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि देश की हर बेटी के आत्मविश्वास, मेहनत और दृढ़ संकल्प की जीत है।
मैदान पर हमारे खिलाड़ियों ने जो हौसला, संयम और टीम भावना दिखाई, उसने हर भारतीय का दिल जीत लिया। आज पूरा देश गर्व से झूम उठा है, क्योंकि हमारी बेटियों ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई मंज़िल दूर नहीं होती।
यह जीत भारत के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगी। हमारी महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से नई पीढ़ी की बेटियों को यह प्रेरणा दी है कि सपने देखना और उन्हें पूरा करना अब सिर्फ बातों तक सीमित नहीं, अब यह हकीकत है।
टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे देश की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! आपने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
जय हिंद! 🇮🇳
#IndianCricket #Champions
महिला क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर फाइनल में प्रवेश करने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
यह विजय केवल एक खेल की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, अटूट आत्मविश्वास और अडिग संकल्प का जीवंत प्रतीक है। टीम की प्रत्येक खिलाड़ी ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी शिखर असंभव नहीं रहता।
पूरा राष्ट्र इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर गर्वित है। हमें पूर्ण विश्वास है कि फाइनल में भी तिरंगा विश्व विजेता के रूप में पुनः गर्व से लहराएगा।
जय हिंद! 🇮🇳
इस दीवाली पर शिव विधानसभा परिवारजनों के लिए एक विशेष तोहफा.....
अगली दीवाली तक पूरे शिव विधानसभा क्षेत्र का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण।
हर घर में उजियारा, हर दिल में खुशहाली, यही हमारा संकल्प है।
शुभ दीपावली!🪔
विजयादशमी के पावन अवसर पर आज बाड़मेर में आयोजित "पथ प्रेरणा यात्रा" एवं "शस्त्र पूजन" कार्यक्रम में सहभागिता की।
यह यात्रा हमारी गौरवशाली विरासत और संस्कृति का प्रतीक है, जो समाज को सत्य, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करती है।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए। - भगत सिंह। भारत मां सपूत महान क्रांतिकारी को उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन 🇮🇳
#BhagatSingh#BREMUN