पता नहीं क्यों भारत अमेरिका के लिए इतना सॉफ्ट है अमेरिका हमारे साथ गलत करते जा रहा है और हम बस इग्नोर कर रहे हैं इससे भारत की साख गिरेगी?
अमेरिका हमारे तीन लोगों को मार दिया है और हम बस राजनयिक विरोध कर रहे हैं?
अमेरिका को उसकी औकात बताना चाहिए।
@narendramodi@PMOIndia
विचित्र, किंतु 100% सत्य 🫡
केरल वाले भी भाजपा को जिताएंगे…
पंजाब वाले भी भाजपा को जिताएंगे…
तमिलनाडु वाले भी भाजपा को जिताएंगे…
तेलंगाना वाले भी भाजपा को जिताएंगे…
लेकिन, बंगाल जैसे हालात होने के बाद जिताएंगे।
हारने के बाद उन पार्टियों का क्या होगा, यह TMC को देखकर आप समझ सकते हैं🫡
प्रश्न :- अगर श्री राम का मंदिर तोड़ा गया तो इसका जिक्र तुलसीदास ने क्यो नही किया..??
प्रश्न वाजिब था..
खैर तलाश, रिसर्च प्रारम्भ हुआ और मिल भी गया....
पढ़ें तुलसीदास जी ने भी बाबरी मस्जिद का उल्लेख किया है!
सच ये है कि कई लोग तुलसीदास जी की सभी रचनाओं से अनभिज्ञ है और अज्ञानतावश ऐसी बातें करते हैं l
वस्तुतः रामचरित मानस के अलावा तुलसीदास जी ने कई अन्य ग्रंथो की भी रचना की है . तुलसीदास जी ने *तुलसी शतक* में इस घंटना का विस्तार से विवरण भी दिया है .
हमारे वामपंथी विचारको तथा इतिहासकारो ने ये भ्रम की स्थति उत्पन्न की, कि रामचरितमानस में ऐसी कोई घटना का वर्णन नही है .
*"तुलसी दोहा शतक "* का अर्थ इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रस्तुत किया है |
प्रत्येक दोहे का अर्थ उनके नीचे दिया गया है , ध्यान से पढ़ें |
*(1) मन्त्र उपनिषद ब्राह्मनहुँ बहु पुरान इतिहास ।*
*जवन जराये रोष भरि करि तुलसी परिहास ॥*
श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि क्रोध से ओतप्रोत यवनों ने बहुत सारे मन्त्र (संहिता), उपनिषद, ब्राह्मणग्रन्थों (जो वेद के अंग होते हैं) तथा पुराण और इतिहास सम्बन्धी ग्रन्थों का उपहास करते हुये उन्हें जला दिया ।
*(2) सिखा सूत्र से हीन करि बल ते हिन्दू लोग ।*
*भमरि भगाये देश ते तुलसी कठिन कुजोग ॥*
श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि ताकत से हिंदुओं की शिखा (चोटी) और यग्योपवीत से रहित करके उनको गृहविहीन कर अपने पैतृक देश से भगा दिया ।
*(3) बाबर बर्बर आइके कर लीन्हे करवाल ।*
*हने पचारि पचारि जन तुलसी काल कराल ॥*
श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि हाँथ में तलवार लिये हुये बर्बर बाबर आया और लोगों को ललकार ललकार कर हत्या की । यह समय अत्यन्त भीषण था ।
*(4) सम्बत सर वसु बान नभ ग्रीष्म ऋतु अनुमानि ।*
*तुलसी अवधहिं जड़ जवन अनरथ किये अनखानि ॥*
(इस दोहा में ज्योतिषीय काल गणना में अंक दायें से बाईं ओर लिखे जाते थे, सर (शर) = 5, वसु = 8, बान (बाण) = 5, नभ = 1 अर्थात विक्रम सम्वत 1585 और विक्रम सम्वत में से 57 वर्ष घटा देने से ईस्वी सन 1528 आता है ।)
श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि सम्वत् 1585 विक्रमी (सन 1528 ई) अनुमानतः ग्रीष्मकाल में जड़ यवनों अवध में वर्णनातीत अनर्थ किये । (वर्णन न करने योग्य) ।
*(5) राम जनम महि मंदरहिं, तोरि मसीत बनाय ।*
*जवहिं बहुत हिन्दू हते, तुलसी कीन्ही हाय ॥*
जन्मभूमि का मन्दिर नष्ट करके, उन्होंने एक मस्जिद बनाई । साथ ही तेज गति उन्होंने बहुत से हिंदुओं की हत्या की । इसे सोचकर तुलसीदास शोकाकुल हुये ।
*(6) दल्यो मीरबाकी अवध मन्दिर रामसमाज ।*
*तुलसी रोवत ह्रदय हति त्राहि त्राहि रघुराज॥*
मीर बाकी ने मन्दिर तथा रामसमाज (राम दरबार की मूर्तियों) को नष्ट किया । राम से रक्षा की याचना करते हुए विदीर्ण ह्रदय तुलसी रोये ।
*(7) राम जनम मन्दिर जहाँ तसत अवध के बीच ।*
*तुलसी रची मसीत तहँ मीरबाकी खाल नीच ॥*
तुलसीदास जी कहते हैं कि अयोध्या के मध्य जहाँ राममन्दिर था वहाँ नीच मीर बाकी ने मस्जिद बनाई ।
*(8)रामायन घरि घट जँह, श्रुति पुरान उपखान ।*
*तुलसी जवन अजान तँह, कइयों कुरान अज़ान ॥*
श्री तुलसीदास जी कहते है कि जहाँ रामायण, श्रुति, वेद, पुराण से सम्बंधित प्रवचन होते थे, घण्टे, घड़ियाल बजते थे, वहाँ अज्ञानी यवनों की कुरआन और अज़ान होने लगे।
गोस्वामी तुलसीदास जी की इस रचना में जन्मभूमि विध्वंस का विस्तृत रूप से वर्णन किया किया
है!
सभी से विनम्र निवेदन है कि सभी देशवासियों को अपने सभ्यता के स्वर्णिम युग के गौरवशाली अतीत के बारे में बताइये....Read News
बिल्कुल सही बात है।
पंडित नेहरू का मुकाबला मोदी जी नहीं कर सकते।
रंग बिरंगा कश्मीर का नक्शा देखिए। यह नेहरू जी की ही देन है।
हरा हिस्सा पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया और लाल हिस्सा चीन ने कब्जा कर लिया।
गहरा नीला रंग शख़्सगाम वैली को नेहरू के जीते जी पाकिस्तान ने चीन को बेच दिया।
अगर पीओके, गिलगित बाल्टिस्तान भारत के हिस्से में होता तो सेंट्रल एशिया में व्यापार करने के लिए भारत को चाबहार पोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती।
नेहरू जैसा प्रधानमंत्री भारत क्या, पूरी दुनिया में ढूंढने से भी नहीं मिलेगा।
दिल्ली की जनता पूछ रही है
आ. @DMCentralNorth शालीमार बाग में अतिक्रमण पर चल रहा आप का पीला पंजा
अवैध मदीना मस्जिद 9 नंबर गली खसरा नंबर - 13 गाँव- हैदरपुर सरकारी ज़मीन पर जाकर क्यों रुक गया?
@gupta_rekha क्यों चाहिए आपको ये अवैध मस्जिद जब इसके बाजू का घर आप ने गिराया ही है?
@ashishsood_bjp@AmitShah@HMOIndia@PMOIndia@hdmalhotra
उत्तराखंड के मोहम्मद दीपक की जिम बंद हुई तो हमारे देश के तथाकथित बुद्धिजीवी,
किसी ने 50000 रुपए दिया, किसी ने 10000 रुपए दिया, कोई पत्रकार तो मिलने भी चला गया।
लेकिन गाजियाबाद में सूर्या चौहान का कत्ल हुआ तो किसी का एक ट्वीट भी नहीं आया ,
ऐसा क्यों?
अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार ..
जनहित के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध की राह पर है सम्राट चौधरी की सरकार l पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी को आवास से बेदखल करने का तुगलकी फरमान और आवास पर पुलिस भेजना लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार एवं बेजा दबंगई की निशानी है। अफसोसजनक है कि बेरोज़गारी, महंगाई , भ्रष्टाचार , बढ़ते अपराध के फ्रंट पर पूरी तरह से निष्क्रिय साबित होती सम्राट चौधरी की सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने में पूरी सक्रिय हैl ये शासन का कौन सा मॉडल है ? बेशक शासन का " प्रतिशोध मॉडल " l
Shame on you @MahuaMoitra.
Where were you and your party when BJP workers were murdered and hung from trees in Bengal, that you're remembering them now? If the attacks on ED and BJP leaders were a source of public anger, why isn't it now?
Shame on @BJP4Bengal - dirty politics, dirty attacks - you have dragged our state into the gutter in 3 weeks. Condemn the dastardly attack on @abhishekaitc today.
आप पूरी सच्चाई जानिये कि अभिषेक बैनर्जी गांव की महिलाओं ने हमला क्यों किया
अभिषेक बनर्जी के आने से पहले ही सभी महिलाएं अंडा लेकर खड़ी थी और उन्होंने मीडिया से कहा कि अगर अभिषेक यहां से गुजरेगी तो हम उसको छोड़ेंगे नहीं
दरअसल अभिषेक बैनर्जी जिस व्यक्ति के मरने पर शोक प्रकट करने गए थे वह इलाके का बहुत बड़ा गुंडा था 20 से ज्यादा महिलाओं के साथ छेड़खानी कर चुका था और महिलाएं खुद बता रही थी कि वह गांव की एक लड़की को लेकर भाग गया था उसे अपने साथ रखा था उससे शादी भी नहीं कर रहा था
इस हमले में कोई राजनीति नहीं है
गांव वालों का गुस्सा तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी पर था की वह क्यों गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रहे हैं
जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थी उस समय बीजेपी के कार्यकर्ता को मार कर पेड़ पर लटका दिया जाता था उस समय पुलिस कहां थी? प्रशासन कहां था? किसी ने तुम्हारे पिछवाड़े के नीचे बम रख दिया था क्या?
पिट रहा व्यक्ति एक सांसद है...
पुलिस कहाँ थी? प्रशासन कहाँ था?
सब कुछ खुलेआम मीडिया के कैमरों के सामने हुआ।
क्या अब भाजपा के संरक्षण में विपक्षी नेताओं की सरेआम हत्या होगी...?
बहुत राज्यों से घुसपैठियों को भगाया जा रहा है लेकिन बिहार से कितने को भगाया गया?
क्या इस पर सम्राट चौधरी और बीजेपी सरकार गंभीर हैं जबकि सीमांचल का इलाका बंगाल से लगता है?
क्या गारंटी है कि घुमपैठिए बंगाल से भागकर बिहार नहीं आए होंगे?
@samrat4bjp@BJP4Bihar@sanjay_saraogi
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुतामिक बंगाल सरकार हर दिन सत्तर से अस्सी घुसपैठियों को बांग्लादेश भेज रही है |
इन घुसपैठियों को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने डिटेंशन सेंटर भी बना लिए है |
सब बड़ी बात है कि इनके हिमायती टीएमसी नेता कही दिख नहीं रहे क्योंकि दिखे तो रगड़ दिए जाएंगे | 😡
मैं पहले भी पोस्ट किया हूं रोजाना दरभंगा रूट पर हजारों लोग बेटिकट यात्रा करते हैं या फिर जनरल की टिकट लेकर स्लीपर में सफर करते हैं और जिनकी रिजर्व्ड सीट होते हैं उनको तंग करते हैं।
मैं खुद भुक्तभोगी हूं।
मजे की बात यह है कि ये पढ़े लिखे होते हैं।
@AshwiniVaishnaw
हांथ में मोबाइल है तो कुछ भी!
TTE बिल्कुल सही है।
रे भाई टिकट है नहीं और ये मूविंग ट्रेन, मूविंग ट्रेन क्या है?
जनरल कोच का टिकट है तो जनरल कोच में ही सफ़र करेगा न बावड़ी पूँछ? TTE कह रहा है कि स्लीपर का टिकट बनाओ या जाओ।
इस प्रकार के थेथरई से बचें!
ये भी कांड है? एक स्त्री ने अपना दूसरा विकल्प चुन लिया तो इतना हंगामा। रिश्ते टूटते हैं। उनके बीच सौ कारण हो सकते हैं। पति को छोड़ा जैसे वाक्यों से स्त्री को ही संदिग्ध बना रहे हैं। जैसे उसका दूसरा विकल्प चुनना कोई अपराध हो। किसी रिश्ते का टूटना दुखद ख़बर है लेकिन इस तरह की हेडलाइन से लगता है कि पति को छोड़ना कोई अपराध है। पति को भी स्वीकार कर आगे बढ़ जाना चाहिए। चली गई तो चली गई। आप भी चले जाइये। ज़मीन बेचा, मकान बेचा ये सब मत कीजिए। जब रिश्ते अच्छे थे तो पति ने किया। अब उसे अहसान की तरह गिनवा रहे हैं। अहसान कोई बैंक का निवेश नहीं है कि रिर्टन फिक्स होगा। अफसर बनने और बनाने की सनक का इलाज खोजिए। घूस और किसी को फर्ज़ी फंसाने का सुख न हो तो सरकार दरवाज़ा खोल कर बैठी रह जाएगी कोई अफसर बनने नहीं जाएगा। सामंती सुख के लिए ज़मीन बेच रहे थे। सामंती सुख को डबल करने के लिए किसी ने नया रिश्ता चुन लिया। CBSE जैसा कांड हो गया उससे तो फर्क ही नहीं पड़ रहा इस देश को।