सपा ने पिछले दिनों ब्राह्मण सम्मेलन किया था, फिर ये कैसे छूट जाति इनको तो आदेश ही ऊपर से यही हुआ हैं कि सपा को रोकना आपकी जिम्मेदारी हैं, ये जो दावा कर रही हैं कि ब्राह्मण समाज को उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया हैं, मैं गारंटी के साथ कह रहा हूं, बसपा के पास बलिया वाले विधायक को छोड़कर एक प्रत्याशी क्लियर नहीं हैं, इनके सभी प्रत्याशियों के लिस्ट सपा के उम्मीदवार घोषित होने के बाद घोषित होंगे, जिस समुदाय/जाति का प्रत्याशी सपा से होगा बसपा का भी प्रत्याशी उसी समुदाय/जाति से उतारा जाएगा, प्रत्याशी नहीं मिलेगा तो A टीम वाले ढूंढ कर देंगे, सपा से नाराज नेताओं से संपर्क साधा जाएगा, उनको लालच दिया जाएगा, सपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही बसपा का प्रत्याशी घोषित होगा इसकी मैं घोषणा कर दे रहा हूं, अगर ये बात गलत हुआ तो मैं बसपा को बी टीम बोलना छोड़ दूंगा, हा एक बात और बता दे रहा हूं, मुझे नहीं पता मायावती टिकट के बदले पैसा लेती हैं या नहीं लेकिन जो बसपा का प्रत्याशी उतारा जा रहा हैं उसको चुनाव लड़ने के लिए A टीम के तरफ से ढेर सारा मदद दिया जा रहा हैं...
समाजवादी पार्टी की लड़ाई भाजपा गठबंधन दल से तो हैं ही साथ ही साथ भाजपा के बहुत से अघोषित टीम हैं उनके साथ भी लड़ना हैं....
@yadavakhilesh@Mayawati@JyotiDevSpeaks@chandan_stp
बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र जब से अपरकास्ट समाज और उसमें से ख़ासकर ब्राह्मण समाज को, उनके बी.एस.पी. में जुड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में व ख़ासकर समाजवादी पार्टी में उनकी नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है, जो कि सन् 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बी.एस.पी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत् स्वाभाविक ही प्रतीत होता है।
वैसे भी यह सर्वविदित है कि यूपी जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से ख़ासकर ’ब्राह्मण समाज का हित बी.एस.पी. में ही सुरक्षित है’, जिस अपनी इस ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी देकर यह साबित भी कर दिया है, जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग पिछले काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं।
इतना ही नहीं बल्कि ’ब्राह्मण समाज द्वारा सामाजिक भाईचारा के आधार पर बी.एस.पी. से जुड़ने की इनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर इन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है तथा इन्हें बी.एस.पी. की आयरन लेडी नेतृत्व पर पूरा यह यक़ीन भी है कि बी.एस.पी. की सरकार बनने पर उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान ज़रूर दिया जायेगा, जो कि इनकी वास्तविक चिन्ता व दूसरी पार्टियों से मुँह मोड़ने का कारण है।
इसके साथ ही, अपरकास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बी.एस.पी. से जुड़ने की तैयारी अर्थात् ’जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी’ के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार भी ज़रूर बनाया जायेगा, जिसकी तैयारी हर स्तर पर लगातार जारी है।
बी.एस.पी., दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को ’लॉलीपाप’ थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है और इसीलिये बी.एस.पी. की नीति व कार्यक्रम जनहित व जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।
मुख्यमंत्री योगी जी के सजातियों का वाराणसी में ये आतंक..
"सिंह सरनेम लगाने से ठाकुर थोड़े ही हो जाओगे!" ये कहकर 15-20 लोगों के साथ शिवपुर विधानसभा 386 के अईली ग्रामसभा के अनिल पटेल के घर पर चढ़कर जमकर मारपीट की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। न्याय की आस में पटेल परिवार का ये मार्मिक अपील फिलहाल सोशल मीडिया पर..
#Varanasi #Patel #Aily
मुख्यमंत्री योगी जी के सजातियों का वाराणसी में ये आतंक..
"सिंह सरनेम लगाने से ठाकुर थोड़े ही हो जाओगे!" ये कहकर 15-20 लोगों के साथ शिवपुर विधानसभा 386 के अईली ग्रामसभा के अनिल पटेल के घर पर चढ़कर जमकर मारपीट की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। न्याय की आस में पटेल परिवार का ये मार्मिक अपील फिलहाल सोशल मीडिया पर..
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A trending example of how easily false propaganda can spread. An AI-generated photo was shared to create an impression that Jamui case accused Nandan Yadav had Akhilesh Yadav’s backing.
सकता हैं या पुलिस वालो ने बोल दिया है कि मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देना हैं तो एकदम पूरा का पूरा सांस रोककर पुलिस वालो के कंधे पर ही लटक जाना हैं...!!!
उमेश भाई ऐसा कुछ सोच रहे हैं तो मत सोचिए नया नया कांड हुआ हैं तो सोच रहे हैं अभी दो चार दिन बाद भूल जाएंगे...
उमाशंकर भाई के दिमाग में चल रहा हैं कि जो मेन एक्यूज्ड हैं ओ बिहार के बगल वाले राज्य झाडखंड में जाकर छिप गया हैं, पुलिस तो गमछे वाले अपराधी के बारे में बोलने में भी आय बाय साय कर रही थी ठीक से बाईट भी नहीं दिया जा रहा था,वीडियो वायरल होने के बाद लगातार दबाव को देखकर स्क्रिप्ट...
तैयार किया गया लग रहा हैं नया गमछा, मिलता जुलता टी शर्ट चड्डी पहना कर हॉफ एनकाउंटर दिखाया गया हैं, उमा भाई के दिमाग में ये भी चल रहा हैं कि चलो मान लेते हैं गंदा काम किया हैं इसीलिए पत्रकारों के सवाल का जवाब नहीं दे रहा हैं, लेकिन जिसके पैर में गोली लगी हैं ओ दर्द से कराह तो...
ये प्रतीक त्रिपाठी है,
गोरखपुर का रहने वाला है।
कई महीनों तक एक नाबालिग से दुष्कर्म करता रहा, उसके साथ ही अपने साथ सोने का दबाव बनाता रहा।
शायद प्रतीक “त्रिपाठी” की जगह प्रतीक “यादव” होता,
तो इसका भी एनकाउंटर होता।
समाजवादियों इमरान मसूद के बयान को लेकर गठबंधन और कांग्रेस के खिलाफ कोई टिप्पणी ना करे..आपको याद होगा ऐसे ही अजय राय बक बक कर रहा था, गठबंधन हुआ और अजय राय को माफी भी मांगनी पड़ी अखिलेश भैया अपने शर्तो पर गठबंधन करते है, इस बार इमरान मसूद माफी मांगेगा और गठबंधन होगा...!!
यादव भाइयों से मेरा अपील हैं जिस तरह आप घटना सामने आने पर आग बबूला होकर पुलिस कार्रवाई की मांग करते हैं उसी तरह अपराधी की जाति आने पर भी आग बबूला होकर सजा की मांग कीजिए..कोई भी अरांतू परन्तु किए ये दिमाग से निकाल दीजिए कि हमारी जाति का था तो एनकाउंटर कर दिया और उसकी जाति का था.
मानो इनके शरीर से बदबू आ रही हो, जमुई वाले अपराधी तो राह चलते कितनी महिलाओं , लड़कियों के साथ ऐसे किए होंगे, इज्जत बचाने के लिए खामोश रहती होंगी , ये अपराधी आज इसीलिए पकड़ में आये हैं कि इनका वीडियो वायरल हो गया हैं, वीडियो देखने के बाद इतना गुस्सा था कि कल से कुछ लिखने का मन