ठगों की पार्टी: भारतीय जनता पार्टी !
अलीगढ़ में एएमयू में नौकरी के नाम पर 45 लाख की ठगी करने वाला भाजपा नेता गिरफ्तार।
भाजपा सरकार में सबसे ज़्यादा अपराधी भरे पड़े हैं, क्यूंकि मुख्यमंत्री ख़ुद मुकदमे वापस लेने वाले हैं।
भाजपा हटेगी तभी अपराध रुकेगा।
*सपा लोहिया वाहिनी ने पंचायती राज मंत्री को ज्ञापन सौंपा:* पंचायतों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, कहा- आज भी लोग मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे
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लो अब वृक्षारोपण का ही एनकाउंटर कर दिया!
शुक्र तो ये मनाइये कि 1 पेड़ तो लगा, भले वो मंच पर लगा दिया है बाक़ी 34,99,99,999 तो काग़ज़ी फ़ाइल में लगेंगे।
ये वृक्षारोपण नहीं, भ्रष्टारोपण है जिसके बहाने चुनावी-फ़ंड की समानांतर व्यवस्था की जा रही है। इसके पीछे भी डबल इंजन की टकराहट ही मुख्य कारण है।
‘भाषण न सुनने के मूड’ वाले सार्वजनिक बयान के बाद जो 1-2% छवि बची भी थी, उस पर भी ऐसे दिखावटी कृत्यों से इन्होंने ख़ुद ही बुलडोज़र चला दिया है।
@yadavakhilesh
*सपा लोहिया वाहिनी ने पंचायती राज मंत्री को ज्ञापन सौंपा:* पंचायतों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, कहा- आज भी लोग मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे
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श्री अखिलेश यादव जी के खिलाफ टिन्नू यादव को 980 कॉल वाली फर्जी बात, फर्जी खबरें फैलाने वाले भाजपाई कानूनी कार्यवाही शुरू होते ही हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे हैं
लेकिन भाजपाइयों के हर फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित है
“शिक्षा के बिना लोकतंत्र, असीमित पाखंड हैं।”
यहीं कारण हैं कि आज शिक्षा और मानव विकास पर निवेश घटता जा रहा हैं।
कहीं विद्यालय बंद हों रहें हैं, तो कहीं आर्थिक मजबूरियों के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़कर परिवार का सहारा बनने को विवश हैं।
ब्राह्मण विरोधी भाजपा सरकार!
गोरखपुर में ज़मीन पर बैठे दिखाई दे रहे युवा स्वर्गीय उपेंद्र शुक्ल जी के पुत्र अरविंद शुक्ल हैं। आरोप है कि अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर व्यंग्यात्मक बैनर लगाने के बाद पुलिस ने उनके साथ सख्ती की और उन्हें कारागार भेज दिया गया।
स्वर्गीय उपेंद्र शुक्ल जी ने गोरखपुर मंडल में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज उसी परिवार को अपमान, उत्पीड़न और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उत्तर प्रदेश में मुखर ब्राह्मण नेतृत्व और असहमति की आवाज़ को योजनाबद्ध तरीके से दबाया जा रहा है?
लोकतंत्र में किसी भी नागरिक के विरुद्ध कार्रवाई संविधान, कानून और न्याय के दायरे में होनी चाहिए, न कि राजनीतिक पूर्वाग्रह अथवा सत्ता के दबाव में। शांतिपूर्ण विरोध, सवाल पूछना और असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है—यह कोई अपराध नहीं है।
समाजवादी पार्टी संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। हम इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि अरविंद शुक्ल जी के साथ न्याय हो, उन्हें तत्काल जेल से रिहा किया जाए तथा कानून का प्रयोग निष्पक्षता और संविधान की भावना के अनुरूप किया जाए।
लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, दमन नहीं।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
दलित, पिछड़ो की हत्यारी,
भाजपा सरकार है अत्याचारी !
बलिया में थाने में पुलिस की पिटाई से हुई दलित युवक की मौत, अत्यंत शर्मनाक।
मुख्यमंत्री बिष्ट की सरकार में पुलिस PDA समाज पर लगातार अत्याचार कर रही है।
आरोपी ��ुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो, मृतक के परिजनों को मिले न्याय व मुआवज़ा।
बहुत बुरी लग गई, जब बात ख़ुद पर आई
पर जब औरों पर कही, तो न हुई कार्रवाई
काश उनके साथ भी ऐसा ही होता जो विपक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और सरासर झूठे आरोप लगाते हैं।
पक्षपात अन्याय का ही एक रूप है।
राम के नाम पर राजनीति करने वालों की असली परीक्षा तब होती है, जब राम मंदिर से जुड़ा कोई गंभीर मामला सामने आता है। ऐसे समय में सबसे पहले सामने आकर सच बताना, निष्पक्ष जाँच कराना और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना सत्ता की जिम्मेदारी होती है।
श्रद्धा केवल मंचों से दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही से साबित होती है।
दोषियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई। आस्था का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उसकी गरिमा की रक्षा के लिए होना चाहिए। राम के नाम पर वोट माँगने वाले, राम के नाम पर उठे सवालों का सामना करने का साहस भी दिखाएँ।
भाजपा की ‘धर्म’ और ‘धन’ दोनों राजन���ति का अंत हो गया है।
दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम गिरने से पेट्रोल-डीज़ल के दामों में भारी कमी आई है और दूसरे देशों की पब्लिक को तेल के घटे दामों के रूप में लाभ मिला है लेकिन इसके विपरीत भारत में भाजपा सरकार दाम नहीं घटा रही है, कंपनियों को लगातार फ़ायदा पहुँचाने में लगी है। भाजपा सरकार कंपनियों की सगी है जनता की नहीं।
भारत में तेल या किसी भी चीज़ के दाम का अपना अनोखा ‘भ्रष्ट अर्थशास्त्र’ है जो माँग-आपूर्ति से नहीं बल्कि भाजपाई कमीशनख़ोरी से चलता है, जो कंपनियों के मुनाफ़े से जुड़ा है। सामान्य शब्दों में कहें तो कंपनियों का प्रॉफिट-लाभ जितनी ज़्यादा होगा, भाजपा को कमीशन भी उतना ज़्यादा मिलेगा। इसीलिए हमारे यहाँ हर चीज़ के दाम बढ़ने या कुल मिलाकर कहें कि महंगाई बढ़ने का कारण भाजपा की कमीशनख़ोरी है, जिस���ा ख़ामियाज़ा आम जनता को महंगे तेल, परिवहन, यातायात, खाद्य पदार्थ व अन्य सभी सामान ख़रीद कर भुगतना पड़ रहा है।
भाजपा के जिन अनभिज्ञ, भोले-भाले समर्थकों को लगता था कि भाजपा ऐसा निकृष्ट कार्य नहीं कर सकती है, मंदिर-चोरी के बाद उनको भी समझ आ गया है कि भाजपाइयों के लिए ‘धन’ ही ‘धर्म’ है। अब तो भाजपा और उनके संगी-साथियों को देखकर लोग दरवाज़ा बंद कर ले रहे हैं।
भाजपा की धर्म की राजनीति का अंत हो गया है, इसीलिए वो अब केवल ‘धन’ की राजनीति करेगी, इससे भ्रष्टाचार भी बेतहाशा बढ़ेगा और महंगाई भी क्योंकि भाजपा के जिन करोड़ों वोटों में कमी आई है, उन वोटों की कमी को भाजपा पैसे से ख़रीद कर पूरा करना चाहेगी लेकिन धर्म के नाम पर की गई चोरी के पैसों को कोई नहीं लेना चाहेगा। यही ‘अधर्मी भाजपा’ की सबसे बड़ी चिंता है। भारत की धर्मभीरू जनता पाप के पैसों की हिस्सेदार नहीं बनेगी।
‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के खुलने की वजह से भाजपा की ‘धर्म’ और ‘धन’ दोनों राजनीति का अंत हो गया है। भाजपा अब कहीं की नहीं रही।
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती!