@akshaykumar@SonyTV@SonyLIV अक्षय कुमार
भारत के एकमात्र ऐसे अभिनेता हैं
जो फिल्म नहीं
साप्ताहिक न्यूज़ बुलेटिन रिलीज़ करते हैं।
सोमवार – शूटिंग
मंगलवार – देशभक्ति
बुधवार – बायोपिक
गुरुवार – सोशल मैसेज
शुक्रवार – ट्रेलर
शनिवार – अगली फिल्म की घोषणा
रविवार – “देश पहले” वाला इंटरव्यू
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
@Khurpenchinfra भारत की पहली बुलेट ट्रेन चलने जा रही है बहुत बड़ी बात है
पर रूट देखकर ऐसा लग रहा है कि ये बुलेट ट्रेन नहीं
बल्कि अहमदाबाद दर्शन exp है
पहला चरण: अहमदाबाद के आस-पास
दूसरा : अहमदाबाद की तरफ
तीसरा: अहमदाबाद से अहमदाबाद
चौथा : अहमदाबाद के और करीब
अंतिम: ओह! बीच में कहीं मुंबई भी है
डियर @fssaiindia,
एक छोटा सा सवाल और —
अगर नेशन-वाइड जांच इतनी गंभीर थी,
तो उसका
राज्य-वार डेटा
आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं?
Food Safety कोई सीक्रेट मिशन नहीं है।
ये जनता से जुड़ा मुद्दा है।
या फिर transparency
भी sample testing की तरह
selective हो गई है?
See more…
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
एक छोटा सा सवाल और —
अगर नेशन-वाइड जांच इतनी गंभीर थी,
तो उसका
राज्य-वार डेटा
आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं?
Food Safety कोई सीक्रेट मिशन नहीं है।
ये जनता से जुड़ा मुद्दा है।
या फिर transparency
भी sample testing की तरह
selective हो गई है?
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आख़िरी सवाल —
अगर कार्रवाई हुई है,
तो डेटा दिखाइए।
और अगर कार्रवाई नहीं हुई,
तो ईमानदारी से बताइए
कि नेशन-वाइड जांच
सिर्फ हेडलाइन-वाइड थी।
क्योंकि
मिलावट से ज़्यादा खतरनाक
संस्था की चुप्पी होती है।
डियर @fssaiindia,
एक छोटा सा सवाल और —
अगर नेशन-वाइड जांच इतनी गंभीर थी,
तो उसका
राज्य-वार डेटा
आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं?
Food Safety कोई सीक्रेट मिशन नहीं है।
ये जनता से जुड़ा मुद्दा है।
या फिर transparency
भी sample testing की तरह
selective हो गई है?
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आप कहते हैं
“जनता की सेहत सबसे ऊपर है।”
लेकिन जब जनता पूछती है —
कितने दोषी पकड़े गए?
कितनों पर FIR हुई?
कितनों को सज़ा मिली?
तो जवाब
फाइलों में खो जाता है।
Food Safety
अगर सवालों से डरने लगे,
तो भरोसा कैसे बचेगा?
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
डियर @fssaiindia,
आपकी “नेशन-वाइड जांच” वाली घोषणा सुनकर
लगा था अब मिलावट वाले
घर छोड़कर भागेंगे।
नकली घी पिघल जाएगा,
नकली पनीर शर्म से गल जाएगा,
और मिलावटी दूध खुद ही उबलकर
सच उगल देगा।
और सबसे अहम सवाल —
इस पूरी मुहिम की
public report कब आएगी?
क्योंकि
Food Safety अगर सच में priority है,
तो transparency optional नहीं हो सकती।
वरना डर यही है कि
कहीं ये “नेशन-वाइड जांच”
सिर्फ प्रेस रिलीज़-वाइड
एक्सरसाइज़ न बन जाए।