बाड़मेर में गिरल धरने पर बैठे श्रमिक जैसाराम मेघवाल की मृत्यु के बाद मोर्चरी पहुंचे चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा - कहा सरकार की हठधर्मिता के चलते गई श्रमिक की जान, वर्षों में नहीं देखी ऐसी निकम्मी सरकार। @RajCMO@8PMnoCM
बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइंस में मजदूर 38 दिन से धरने पर हैं। 14 दिन से शिव विधायक @RavindraBhati_ भी साथ बैठे हैं, फिर भी सरकार मौन है!
हालात यहाँ तक पहुँच गए कि न्याय के लिए एक जनप्रतिनिधि विधायक को कलेक्ट्रेट के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर ध्यानाकर्षक करना पड़ रहा है। यह सरकार की घोर संवेदनहीनता का प्रमाण है।
बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में 38 दिन से मजदूर धरने पर, 14 दिन से शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी भी साथ बैठे…
फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
हालात यहां तक पहुंच गए कि एक जनप्रतिनिधि को कलेक्ट्रेट के आगे खुद पर पेट्रोल छिड़काव जैसा कदम उठाना पड़ा।
ये सिर्फ चिंता नहीं, सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।
बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइंस में मजदूर 38 दिन से धरने पर हैं। 14 दिन से शिव विधायक @RavindraBhati__ भी साथ बैठे हैं, फिर भी सरकार मौन है!
हालात यहाँ तक पहुँच गए कि न्याय के लिए एक विधायक को कलेक्ट्रेट के सामने खुदपर पेट्रोल छिड़कना पड़ा। यह सरकार की घोर संवेदनहीनता का प्रमाण है!
राजस्थान की जनता इसे माफ़ नहीं करेगी।
बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में 38 दिन से मजदूर धरने पर, 14 दिन से शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी भी साथ बैठे…
फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
हालात यहां तक पहुंच गए कि एक जनप्रतिनिधि को कलेक्ट्रेट के आगे खुद पर पेट्रोल छिड़काव जैसा कदम उठाना पड़ा।
ये सिर्फ चिंता नहीं, सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। @RavindraBhati__
बाड़मेर में विधायक रविंद्र सिंह जी भाटी मजदूरों के हक के लिए पिछले २ हफ़्ते से धरने पर बैठे है,लेकिन भाजपा की पर्ची सरकार ने विधायक से न कोई वार्ता की न कोई संज्ञान लिया ।
विधायक रविंद्र जी व मजदूरों का इतना अपमान किया भाजपा सरकार ने की कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल डालने पर मजबूर हो गए ।
भाजपा सरकार को अविलंब विधायक व मजदूरों से बात करनी चाहिए, विधायक पद की गरिमा सरकार को ध्यान रखनी चाहिए ।
अगर विधायक या मजदूरों के साथ कुछ भी ग़लत हुआ तो भाजपा सरकार गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे ।।
@RavindraBhati__
बाड़मेर के गिरल में लिग्नाइट माइंस के मजदूरों द्वारा पिछले क़रीब 40 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा है। परंतु दुर्भाग्य कि राज्य सरकार की तरफ से श्रमिकों की मांगों पर समुचित ध्यान नहीं दिया गया, कार्रवाई नहीं की गई।
मजदूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए आज शिव विधायक श्री रविंद्र सिंह भाटी को अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने जैसा घातक कदम तक उठाना पड़ा।
इस घटना से राजस्थान में पसरी अराजकता और अव्यवस्था की स्थिति साफ़ दिखाई देती है कि एक जनप्रतिनिधि को जनता की मांगों को सरकार के सामने लाने के लिए आत्मदाह का प्रयास करना पड़ा। आमजन की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
राज्य सरकार से मेरी अपील है कि आकंठ संवेदनहीनता के चक्र से बाहर निकलें; जिस जनता ने राज दिया है, उनके प्रति संवेदनशील बने, उनकी मांगों को सुनें, सकारात्मक कार्यवाही करें।
मैं शिव विधायक श्री @RavindraBhati__ जी से भी कहना चाहूंगा कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने का परिचय देते हुए अपना और क्षेत्रवासियों का ध्यान रखें।
बाड़मेर के शिव क्षेत्र स्थित गिरल लिग्नाइट माइंस में मजदूरों के हक की लड़ाई पिछले 38 दिनों से जारी है, लेकिन राजस्थान सरकार पूरी तरह मौन है। मजदूरों के समर्थन में 15 दिनों से धरने पर बैठे शिव विधायक रविंद्र सिंह जी भाटी की आवाज को भी प्रशासन ने लगातार अनसुना किया। इसी प्रशासनिक तानाशाही और अनदेखी के चलते अंततः एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को आत्मदाह के प्रयास जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
यह घटना प्रदेश सरकार की घोर विफलता है। यदि सरकार अब भी नहीं जागी और मजदूरों की मांगों का तुरंत समाधान नहीं किया, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या माना जाएगा। लोकतंत्र में जनता और उनके प्रतिनिधियों की आवाज को इस तरह तानाशाही से दबाया नहीं जा सकता। सरकार तुरंत होश में आए और मजदूरों को उनका हक दे।
@RavindraBhati__@BJP4Rajasthan@BhajanlalBjp@BJP4India
बाड़मेर की गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के हक की लड़ाई में पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे शिव विधायक श्री रविन्द्र सिंह भाटी जी को भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण कलेक्ट्रेट कूच करना पड़ा और वहां अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा, यह लोकतंत्र पर कलंक है।
भाजपा शासन में जब एक विधायक की ही यह दुर्दशा है, तो आम जनता की स्थिति कितनी दयनीय होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
मैं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूँ कि तत्काल इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों और विधायक से तुरंत वार्ता करें और उनकी मांगों का ठोस एवं सकारात्मक समाधान निकाला जाए l
@RavindraBhati__
बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों का 38 दिन से धरना प्रदर्शन जारी है। शिव विधायक श्री @RavindraBhati__ भी 15 दिन से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं परन्तु न तो सरकार ने कोई वार्ता की और न ही प्रशासन ने ध्यान दिया। इस उदासीनता के कारण वे मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने तक को मजबूर हुए।
भाजपा के शासन में एक विधायक को अपनी मांगों पर ध्यानाकर्षण के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। राज्य सरकार को अविलंब इनकी मांगों पर ध्यान देकर सकारात्मक हल निकालना चाहिए।
न्याय तभी सार्थक माना जा सकता है, जब वह सभी नागरिकों के लिए समान, निष्पक्ष और संतुलित रूप से लागू हो। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी नई इक्विटी रेगुलेशन्स में संतुलन के अभाव के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में चिंता, भ्रम और असुरक्षा का वातावरण बन रहा है।
यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि भेदभाव की परिभाषा को सीमित दायरे में क्यों रखा गया है, तथा झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में उत्तरदायित्व तय करने और दंड देने का स्पष्ट प्रावधान क्यों नहीं है। संतुलित और समावेशी प्रतिनिधित्व के बिना गठित समितियाँ न्याय के वास्तविक उद्देश्य को पूर्ण नहीं कर पातीं और उनके निर्णय कई बार केवल औपचारिक बनकर रह जाते हैं।
इन नियमों को संविधान के समानता, निष्पक्षता और गरिमा के सिद्धांतों के अनुरूप जाति-निरपेक्ष, पारदर्शी और सभी के लिए सुरक्षित बनाया जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों और सम्मान को क्षति न पहुँचे।
सरकार से विनम्र आग्रह है कि वह विधि के शासन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करे, जिससे शिक्षा संस्थानों का वातावरण विश्वासपूर्ण, न्यायसंगत और भयमुक्त बना रहे।
@narendramodi@dpradhanbjp@ugc_india@BhajanlalBjp #UGCRegulations
जैसलमेर की पावन धरा का कण-कण हमारे पूर्वजों के त्याग, तपस्या और शौर्य की गवाही देता है। जैसलमेर के संस्थापक महारावल जैसलसिंह जी की प्रतिमा की स्थापना केवल एक मांग नहीं, बल्कि हर जैसलमेर वासी की भावना और श्रद्धा का विषय रही है।
मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि लंबे समय से जारी हमारे प्रयास अब फलीभूत हो रहे हैं। संभाग स्तर पर लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सहमति मिल चुकी है और शीघ्र ही अष्टधातु की भव्य अश्वरूढ़ प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का पुंज बनेगी। जब भी कोई नागरिक या पर्यटक इस प्रतिमा को देखेगा, उन्हें हमारे पूर्वजों के अदम्य साहस, स्वाभिमान और उनके महान कृतित्व का बोध होगा। पूर्वजों के सम्मान को अक्षुण्ण रखना मेरा संकल्प है और ऐसे ईश्वरीय कार्यों के लिए मैं सदैव प्रतिबद्ध हूँ।
इस उपलब्धि के लिए मैं प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यथोचित सहयोग दिया।
सभी जैसाण वासियों को इस साझा संकल्प की सिद्धि पर बहुत-बहुत बधाई। हमारे पूर्वजों के गौरवशाली कृतित्व और उनके महान आदर्शों से हर नागरिक का साक्षात्कार हो, इस दिशा में हमारे प्रयास अनवरत जारी रहेंगे।