राजस्थान लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में SC/ST वर्ग के आरक्षण में भारी घोटाला किया है।
88 सीट SC वर्ग को दी जबकि 147 सीट बनती है।
55 सीट ST वर्ग को दी जबकि 110 सीट बनती है।
176 सीट EWS को दी जबकि 92 सीट बनती है।
178 सीट OBC को दी जबकि 193 सीट बनती है।
113 सीट MBC को दी जबकि 46 सीट बनती है।
Note:- SC/ST वर्ग की कुल आरक्षित 257 सीट में 114 सीट पर सीधा डाका डाला गया है।
EWS वर्ग को 84 सीट ज्यादा दी गई।
MBC वर्ग को 67 सीट ज्यादा दी गई।
@DrPremBairwa@DrKirodilalBJP@TikaRamJullyINC@VinodJakharIN@RPSC1
दिल्ली के जनगणनाकर्मी (Enumerator) ध्यान दें !!
साथियों, 16 मई 2026 से शुरू हो रही House Listing & House Census की ट्रेनिंग में बेहद गंभीर और चिंताजनक बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में रहने वाले ST (अनुसूचित जनजाति) परिवारों की गणना “सामान्य/अन्य” वर्ग में की जाए और उनसे धर्म संबंधी प्रश्न न पूछा जाए।
यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व, पहचान और संवैधानिक अधिकारों को मिटाने की कोशिश है।
दिल्ली में रहने वाला कोई भी व्यक्ति यदि अपने मूल राज्य में ST प्रमाणित है, तो उसकी गणना ST के रूप में ही होनी चाहिए।
जनगणनाकर्मी साथियों से अपील है:
• ट्रेनिंग में इस मुद्दे पर सवाल उठाइए।
• लिखित निर्देश माँगिए।
• गलत मौखिक आदेशों का विरोध कीजिए।
• गणना के दौरान ST परिवारों को “ST” में ही दर्ज कीजिए।
आज सवाल सिर्फ एक कॉलम का नहीं है, सवाल संविधान, पहचान और अस्तित्व का है।जनगणना से ही गायब हो गए तो फिर संवैधानिक अधिकार “ST” से भी वंचित कर दिए जाएँगे। इसलिए आदिवासी पहचान और अस्तित्व को बचाएँ। बाक़ी गणनाकर्मियों से भी अपील करें।
जय आदिवासी
प्रो. जितेंद्र मीणा
राष्ट्रीय प्रवक्ता
भारत आदिवासी पार्टी
"जश्न-ए-मीणा बारात"
ट्रोली मे भर तूड़ा सरसो का, उस पर तरपाल बिछाते थे !
देकर नील गहरी धोती कुर्ते मे,बणठण बारात मे जाते थे !
लटका अगल-बगल मे पैर, सब गीत राग मे गाते थे !
ट्रेक्टर-ट्रोली दो-चार, आगे-पिछे खूब दौड लगाते थे !
दिन छिपते-छिपते बाराती, समधी घर पहुच जाते थे !
पटेल ससम्मान के साथ सबको जनमासे मे बैठाते थे !
बणा ठन्ड्याई गुलाबी रंग की,बारातियो का अमृतपान कराते थे !
हुक्का बीडी की रस्म अदाकर, नमटाधोई का आदेश सुनाते थे !
तोरण मार दे बल्लेया सासू कू, दूल्हे राजा भीतर जाते थे !
जनमासे मे बिठा बरात, बीच मे पटेल खडे हो जाते थे !
खाणा-दाणा खा सब शयनकक्ष की खोज मे झुट जाते थे !
गाँव वाले भूखे मेहमानवाजी के सबको प्यार से सुलाते थे !
"मस्तराम" चल अब, थोडी मौज फेरा प उडाल्या !
कोशिश कर देख, आपा भी एक भायेली बणाल्या !
पटेल-पटेल मल आपस म, करछा ग्यान की बाता !
फेरा म बैठ्या भायेला, हसी मजाक म रात बिताता !
सुबह पूडी सब्जी ओर, शाम की मिठाई नास्ते मे आती थी !
कुआ कोठी नदी पे, नहाने धोने मे ही दोपहर हो जाती थी !
तीसरा पेरा की दाल बाटी, को फटकारो उडाव छा !
पाछ गोतणी ओर गाँव की कू, कपडा देर आव छा !
अब आगी टेम विदाई की सब हाजिर हो जाते थे !
अपनी सडदा सारू बारात को विदाई दे खन्दाते थे !
एक गिलास काँच या स्टील का ,एक बीडी या सिगरेट !
साथ मे पान ओर एक रूपये की होती थी अंतिम भेट !
"मस्त" कलम लिखती जाये, वो दिन कर-कर याद !
मिल जाये वापिस वो दिन, कहा करू ये फरियाद !
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी कुल 7 बार सांसद रही हैं।
वो सांसद के तौर पर मिलने वाली पेंशन का एक रुपया भी नहीं लेती हैं।
ममता बैनर्जी मुख्यमंत्री और विधायक के तौर पर मिलने वाला वेतन का एक रुपया भी नहीं लेती हैं।
उनका जीवन यापन कैसे होता है?
किताबों और संगीत की रॉयल्टी से।
मेडिसिन या लूट?
>23 रुपए की दवा पर MRP 104 रुपए में ,
>28 रुपए की दवा पर MRP 132 रुपए में ,
>18 रुपए की दवा पर MRP 65 रुपए में ,
>14.60 रुपए की दवा पर MRP 28 रुपए में ,
>19 रुपए की दवा पर MRP 157 रुपए में ,
>42 रुपए की दवा 156 रुपए में बिक रही है।
आखिर यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?
सरकार बताए कि दवाओं की कीमतों पर लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही?
MRP और असली लागत के बीच इतना बड़ा अंतर किसकी मेहरबानी से है?
क्या मरीजों की जेब से खुली लूट पर जानबूझकर आंखें बंद की जा रही हैं?
या फिर इस पूरे खेल में ऊपर तक सबकी चुप्पी की कोई कीमत तय है?
कौनसा वो मुसलमान है जिसने आपके आरक्षण का विरोध किया? कौनसा वो मुसलमान है जिसने यह कहा हो कि SC-ST के लोग हमारे बगल में बैठकर खाना नहीं खा सकते हैं? बताइए!
- संजय सिंह, राज्यसभा सांसद, AAP
सरकारी स्कूल क्यों लगातार बंद हो रहे है?
क्यों इन स्कूलों के बंद होने से किसी को फर्क नही पड़ रहा, कैसे नेताओं की इतनी हिम्मत है कि वो ये कर रहे है? 🤔
सुनिए नीतू मैडम और विजेंद्र चौहान की इस विषय पर महत्वपूर्ण बात। 👇🏻👇🏻
"नव्या मीणा ने सरकारी स्कूलों को कमतर आंकने वालों को करारा जवाब दिया है ..!!
आज राजस्थान के 12वीं बोर्ड के नतीजों ने उन लोगों की बोलती बंद कर दी है जो शिक्षा को केवल 'पैसों का खेल' समझते थे। जयपुर के लूनियावास की बेटी नव्या मीणा ने सरकारी स्कूल की टाट-पट्टी पर बैठकर 99.60% के साथ कला संकाय में प्रदेश भर में प्रथम स्थान लाकर जो इतिहास रचा है, वह किसी क्रांति से कम नहीं है!
बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर 'गारंटीड सिलेक्शन' का दावा करने वाले कोचिंग सेंटरों और लाखों की फीस वसूलने वाले 'एसी' स्कूलों के लिए नव्या की यह सफलता एक सीधा संदेश है-"काबिलियत महँगी फीस की मोहताज नहीं होती!"
लूनियावास के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ने साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ़ हो और शिक्षक (जैसे बीरबल सिंह जी) समर्पित हों, तो सरकारी स्कूल किसी भी फाइव-स्टार प्राइवेट स्कूल को धूल चटा सकते है
जहाँ प्राइवेट स्कूल सुविधाओं के नाम पर भारी वसूली करते हैं, वहीं नव्या ने बिना किसी तामझाम के, केवल अपनी मेहनत और सरकारी किताबों के दम पर 99.60% का जादुई आंकड़ा छुआ।
यह जीत उन हज़ारों माता-पिता की उम्मीद है जो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की फीस न भर पाने के कारण खुद को कमतर समझते थे। नव्या ने दिखा दिया कि सरकारी स्कूल के टाट पट्टी से भी प्रदेश का सिरमौर निकला जा सकता है।
साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है नव्या मीणा! हमारी बेटी ने महँगी कोचिंगों के अहंकार को ज़मींदोज़ कर दिया है। सरकारी तंत्र की इस जीत और नव्या के संघर्ष को सलाम !
अमेरिका का राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प भारत का हितैषी न कभी रहा है, न है और नाही रहेगा। वो नहीं चाहता कि भारत को कहीं से भी कोई लाभ हो।
ऐसे मित्र से मित्रता तोड़ देनी चाहिए जो फायदे के बजाय नुकसान की तरफ धकेले।
आनंद सिंह कर्नाटक से हैं और उन्होंने एक बड़े भूभाग में खड़े जंगल को कटवा कर बेच दिया कार्रवाई होने की नौबत आई तो भाजपा ज्वाइन कर लिया और वह फॉरेस्ट मिनिस्टर बन गया भ्रष्टाचार की भी हद है... 😄😂
मीणा इतिहास का एक छोटा सा पहलू ये भी है हमे सिर्फ इसलिए अपराधी माना गया क्योकि हमने अंग्रेजों की सेना को मारा खुलकर विरोध किया और वो बात अंग्रेजों और जयपुर के राजाओं को पसन्द नही आयी,
बस इसी बात की वजह से 1871 से 1952 तक हमे जयराम पेशा एक्ट के तहत बंदिशों में रखा गया और यातनाएं दी गई।
हमारे घरों में जन्म लेने वाली हमारी सन्तानों को जन्म लेते ही अपराधी माना जाने लगा यानी मीणा के घर मे जन्म लिया है तो ये अपराधी है शायद मीणा जनजाति ही इस देश की प्रथम जनजाति है जिस पर इस तरह की बंदिशें लगाई गई फिर भी पूर्वजो ने अपने स्वभिमान से समझौता नही किया
आप सोचिए देश 1947 मे आजाद हुआ और हमें इस कानून से 1952 में मुक्ति मिली आजादी के 5 साल बाद तक भी हमे सिर्फ इसलिए परेशान किया गया क्योकि हमने अंग्रेजों को मारा था और जयपुर के राजाओं ने हमसे धोखे से यहां का राज छीना था वो भी नही चाहते थे कि मीनाओ को इससे मुक्ति मिलें शायद इसीलिए उन्होंने जयराम पेशा एक्ट के विरोध में कभी अंग्रेजों की खिलाफत नही की
इतिहासकारों को यदि इस संबध में विस्तृत और स्पष्ट जानकारी है तो आवश्य शेयर करनी चाहिए।
बाबा रामदेव 2014 में:
अगर कांग्रेस हारती है और BJP जीतती है, तो आपको पेट्रोल ₹35 और LPG ₹200 में मिलेगा 😂
2026 में असलियत:
आपको पेट्रोल ₹105 और LPG ₹1100 और उससे भी ज़्यादा में मिल रहा है 😭
क्या कोई उनका इंटरव्यू लेगा और पूछेगा कि उनके अंदाज़ों का क्या हुआ?
🚨 मोदी पर Khan Sir का करारा तंज!
“अफगानिस्तान ईरान के रास्ते ही जा सकते हैं…
POK इस जन्म में भूल जाओ, मोदी जी से होता नहीं दिख रहा” 😏
“मौका मिला था… ऑपरेशन सिंदूर लाकर ढप्पा आइस स्पाइस खेल लिया”
“पानी रोकने की बात… पहले बिहार और कोसी संभालो”
नाम बड़े, दर्शन छोटे 🎯💥