रोस्टर और OMR घोटाले के नाम पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ जिस बेरहमी से खिलवाड़ किया जा रहा है, उसके खिलाफ बाड़मेर में आयोजित धरने में शामिल होकर बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ को पूरी मजबूती से बुलंद किया।
यह सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया की खामी नहीं, बल्कि ईमानदार मेहनत, वर्षों की तैयारी और सपनों पर किया गया सीधा प्रहार है। रोस्टर व्यवस्था में जानबूझकर की गई गड़बड़ियाँ, OMR शीट से जुड़े घोटाले और चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का अभाव यह साबित करता है कि व्यवस्था युवाओं के साथ न्याय करने में पूरी तरह विफल रही है।
योग्य युवाओं को हाशिये पर धकेलने वाली किसी भी साज़िश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक दोषियों की जवाबदेही तय नहीं होती, निष्पक्ष जांच नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।
प्रदेश का युवा आज सड़क पर है क्योंकि उसके साथ अन्याय हुआ है। यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या भर्ती की नहीं, बल्कि युवाओं के सम्मान, अधिकार और भविष्य की है और इस लड़ाई को आख़िरी मंज़िल तक पहुँचाया जाएगा।
#OMR_घोटाला
आलोक राज जी जो कंडिडेट फर्जीवाडा करके नोकरी जॉइन किया है और उसके फर्जीवाडे का खुलासा हो गया तो और इन लोगो की वजह से योग्य उम्मीदवार बाहर हो गया तो आपको इनकी जगह उस योग्य उम्मीदवार को तो जॉइनिंग करवाई जानी चाहिए या
फिर वह फर्जी कंडिडेट कोर्ट के माध्यम से फिर जॉइन कर लेगा Reply
गलत काम का गलत नतीजा।
एक न एक दिन सच सामने आ ही जाता है। सभी जिम्मेवार कर्मचारियों को और युवा मित्रों को मेरी सलाह, अपना सुकून गिरवी मत रखो, खुद अपने सिर पर नंगी तलवार मत लटकाओ।
बाकी आपकी मर्जी।
दवाओं की कीमत ना सरकार के लिए मुद्दा है और ना विपक्ष को इससे सरोकार है ।
सिर्फ दवाई का खर्च उठाते उठाते हर साल करोड़ो लोग गरीबी रेखा के नीचे ढकेले जाते हैं ।
एक संसदीय स्थायी कमिटी जिसके अध्यक्ष सांसद श्री @KirtiAzaad जी हैं, उस कमिटी ने अभी एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमें उन्होंने सरकार से सवाल पूछा है की 450 की दवा की कीमत बाजार में 3500 रुपये क्यों हो जाती है ।
ये तो कुछ भी नहीं है, कुछ कुछ दवाईयों में 2000% तक का मार्जिन है ।
कैंसर की दवाईयों को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों को काफ़ी कड़े नियम बनाने चाहिए ।
ये दवा Methylcobalamin Tablets (SWAS MECO-1500) मुझे ₹30 में मिली, जबकि पैक पर MRP ₹110 छपी है—और मेडिकल स्टोर इसे पूरा MRP लेकर बेच रहे हैं।
और यह सिर्फ एक दवा नहीं, लगभग हर दवाई पर यही खेल चल रहा है।
अब सवाल बिना घुमाए हैं 👇
1. Methylcobalamin की असल कीमत ₹30 और MRP ₹110—बाकी ₹80 किसकी जेब में जा रहे हैं?
2. क्या फार्मा कंपनी–डिस्ट्रीब्यूटर–मेडिकल स्टोर मिलकर फर्जी MRP सेट कर रहे हैं?
3. ड्रग प्राइस कंट्रोल (NPPA) इस खुली लूट पर चुप क्यों है?
4. दवाइयों पर 300–400% मार्जिन किस कानून के तहत वैध है?
5. अगर असली कीमत इतनी कम है, तो जनता से चार गुना वसूली क्या साफ-साफ धोखाधड़ी नहीं?
यह कोई सामान्य गड़बड़ी नहीं यह Methylcobalamin समेत अधिकांश दवाइयों पर चल रहा मेडिसिन माफिया का संगठित स्कैम है , जहाँ मरीज की मजबूरी को ही कमाई का हथियार बना दिया गया है।
सही डॉक्टर का चुनाव कैसे करें:
1.अगर किसी भी क्लिनिक या अस्पताल का प्रचार कोई social media influencer कर रहा हो तो वहाँ कभी न जाएँ।
याद रखें, मार्केटिंग के एक-एक पैसे का बोझ मरीजों पर ही पड़ता है।
अगर किसी भी क्लिनिक को प्रचार के लिए influencer की ज़रूरत पड़ रही है तो वहाँ डॉक्टरों का स्तर न्यूनतम होगा।
2.ज़्यादातर Google रिव्यू फेक रहते हैं। उस पर आँख बंद कर भरोसा न करें।
3.मरीज को क्या बीमारी है, वो बीमारी क्यों हुई, इलाज के क्या-क्या उपाय हैं, इलाज न कराने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं —
ये सारी जानकारी अगर डॉक्टर न दें या न दे पाएँ तो second opinion लीजिए।
4.किसी भी डॉक्टर का अगर अपना फार्मेसी है तो वो चाहेंगे कि आप वहाँ से दवाई लें।
ये चाहने में कोई दिक्कत नहीं।
लेकिन “दवाई यहीं मिलेगी” या “दवा यहीं से लेनी पड़ेगी” — अगर वो ये कहते हैं तो इसमें दिक्कत है।
फिर डॉक्टर बदल लीजिए।
इसी तरह अगर कोई डॉक्टर कहे कि बस उनके यहाँ की लैब की रिपोर्ट ही मान्य होगी तो ऐसे डॉक्टर से बचें।
5.इलाज की गारंटी देने वालों से दूर रहिए।
ज़्यादातर वे गड़बड़ निकलते हैं।
6.Second opinion लेने की बात पर अगर कोई डॉक्टर भड़क उठे तो वो डॉक्टर ठीक नहीं।
7.ज़्यादातर समय, ख़ासकर ICU में गंभीर मरीज के बारे में लोग अक्सर डॉक्टर से सवाल करते हैं कि मरीज़ कब तक ठीक हो जाएँगे।
इस सवाल का जवाब किसी डॉक्टर के पास नहीं होता। वो भविष्यवक्ता नहीं हैं कि भविष्यवाणी करें।
मरीज़ की स्थिति कैसी है और जो इलाज चल रहा है उससे स्थिति में क्या बदलाव आ रहा है —
अगर डॉक्टर ये अच्छे से बता रहे हैं तो ठीक है।
8.डॉक्टर की डिग्री ज़रूर देखें।
डिग्री अच्छे से उनके पर्चे पर लिखी होनी चाहिए।
9.इलाज के खर्च को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।
10.अगर डॉक्टर कोई जाँच या दवा लिखते हैं तो ज़रूर पूछें कि वो जाँच किस लिए लिखी जा रही है।
अच्छे डॉक्टर ज़रूर बताएँगे कि किस जाँच या किस दवा का क्या उद्देश्य है।
ये सारी चीज़ें प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों पर लागू होती हैं।
सरकारी अस्पतालों में समय के अभाव के कारण डॉक्टर ज़्यादा समय नहीं दे पाते,
लेकिन जो बुनियादी चीज़ें हैं वो उन्हें भी देनी चाहिए।
कैंसर एक ऐसी बीमारी ने जिसने करोड़ो घर तबाह किए हैं ।
सिर्फ मरीज ही नहीं बल्कि मरीज के परिवारों को ।
दवाइयों का खर्च वहन करते करते लोग टूट जाते हैं ।
और कैसे नहीं टूटेंगे अगर 600 रुपये की दवाई पर सरकार ने छूट दे रखी है 12000 रुपये MRP रखने की ।
जी हाँ ।
दवाई है Paclitaxel ।
रिटेलर खरीदते हैं 600 में और MRP है 12000.
एक मरीज को कई बार 20-30 vial की ज़रूरत पड़ती है ।
और ये कोई एक दवाई की बात नहीं ।
कीमोथेरेपी की ज़्यादातर दवाइयों का यही हाल है ।
200% मार्जिन भी समझ में आता है लेकिन 1900% margin??
वो कैंसर जैसी बीमारी में , जिसका इलाज वैसे भी काफ़ी लंबा चलता है??
ग़रीब तो मर ही जाएगा ना?
ये तो ठीक नहीं हैं ना साहब ?
@PMOIndia
विश्व शतरंज चैम्पियन डी गुकेश ने 'क्लच चेसः चैम्पियंस शोडाउन' के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल की. यह एक शॉर्ट रैपिड टूर्नामेंट है जिसमें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी गुकेश, मैग्नस कार्लसन, हिकारू नाकामुरा और फैबियानो कारुआना भाग ले रहे हैं
वही खिलाड़ी है, जिसने पिछली जीत के बाद गुकेश का किंग उठाकर फेंक दिया था।
लेकिन आज जब हार मिली, तो बस हल्की-सी मुस्कान, सिर हिलाया, हाथ मिलाया… और चुपचाप बोर्ड से उठा चला गया।
सबसे अच्छा तरीका है - अपने खेल से जवाब देना।
जैकी यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 🎉🎉
जैकी यादव बनना सबके बस की बात नहीं हैं
हजारों युवा इनको देख कर ही आज 𝕏 से कुछ कमा पा रहे हैं , और अपने विचार साझा कर पा रहे हैं!
जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई @JaikyYadav16 भाई
#Jaiky_yadav
शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के मनोहरपुर में दिल दहला देने वाला हादसा...
ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की शक्ति प्रदान करें।
जयपुर-अजमेर हाईवे से बेहद भयावह हादसे की खबर सामने आ रही है।
गैस सिलेंडरों से भरा एक ट्रक पलटने के बाद धमाके के सतह भीषण आग की चपेट में आ गया। हादसे में ट्रक के साथ-साथ आसपास की कई गाड़ियाँ भी आग की लपटों में घिर गईं।
ईश्वर से प्राथना है कि सभी को सुरक्षित रखें।
"इस बार हम वह संयम नहीं दिखाएँगे जो हमने ऑपरेशन सिंदूर 1.0 में दिखाया था... इस बार हम ऐसा करेंगे कि पाकिस्तान को सोचना पड़े कि क्या वह भूगोल में बने रहना भी चाहता है या नहीं...
भारतीय सेना प्रमुख ने यह बात हिंदी में इसलिए भी कही है ताकि फील्ड मार्शल को समझने में कोई दिक्कत न हो।