#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
कबीर साहेब जी को नवजात शिशु रूप में देखकर जुलाहा कॉलोनी के लोग कह रहे थे कि, आंखें जैसे कमल का फूल हों, घुँघराले बाल, लंबे हाथ, गोरा वर्ण।
शरीर से मानो नूर झलक रहा हो।
पूरी काशी नगरी में ऐसा अद्भुत बालक नहीं था।
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
कबीर परमेश्वर जी संवत् 1455 (सन् 1398) ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में काशी के लहरतारा तालाब में कमल के पुष्प पर बालक रूप में प्रकट हुए। निःसंतान नीरू-नीमा जुलाहे दम्पति को मिले।
ना मेरा जन्म
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#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
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स्वामी रामानंद जी को कबीर साहेब जी बताते है कि मेरा शरीर ना तो पांच तत्व का बना है और ना ही मेरा जन्म हुआ है, मैं तो जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट हुआ हूँ।
627th Kabir Prakat Diwas
sᴀᴅʜɴᴀ ᴛᴠ-7:30ᴘᴍ🤗
कबीर #परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
स्वामी रामानन्द जी ने पाँच वर्षीय बालक कबीर जी से प्रश्न किया। हे बालक! आपका क्या नाम है, क्या जाति है और भवति पंथ (मार्ग) क्या है?
जाति हमारी जगतगुरु, परमेश्वर है पंथ।
गरीबदास लिखित पढे, मेरा नाम निरंजन कंत।।
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
627th Kabir Prakat Diwas⚡️कबीर प���मेश्वर सशरीर प्रकट हुए
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में परमेश्वर कबीर जी तेजोमय रूप में आकर काशी के लहरतारा तालाब में बालक रूप में कमल के फूल पर प्रकट हुए,
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Manifestation of God Kabir in Kalyug
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There is an evidence in Rigved- Mandal 9, Sukt 1, Mantra 9, that Supreme God Himself appears in the form of an infant and does a divine play.
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#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
गरीब, दुनी कहै योह देव है, देव कहत हैं ईश।
ईश कहै परब्रह्म है, पूरण बीसवे बीस।।
संत गरीबदास जी कहते हैं कि शिशु रूप में कबीर परमेश्वर जी को देखकर काशी के लोग कह रहे थे कि यह तो कोई देवता का अवतार है
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
627th Kabir Prakat Diwas⚡️जब कबीर परमेश्वर को नीरू नीमा घर लेकर आये तो उन्हें देखकर कोई कह रहा था कि यह बालक तो कोई देवता का अवतार है। कोई कह रहा था यह तो साक्षात विष्णु जी ही आए लगते हैं।
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
स्वामी रामानन्द जी ने पाँच वर्षीय बालक कबीर जी से प्रश्न किया। हे बालक! आपका क्या ��ाम है, क्या जाति है और भवति पंथ (मार्ग) क्या है?
जाति हमारी जगतगुरु, परमेश्वर है पंथ।
गरीबदास लिखित पढे, मेरा नाम निरंजन कंत।।
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परमपिता परमेश्वर कभी भी माँ से जन्म नहीं लेते।
ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3
पूर्ण परमात्मा जब शिशु रूप धारण करके यहां आते हैं तब उनका जन्म किसी मां के द्वारा नहीं होता।
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#तेजस्वी_युवा_शिविर
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627th Kabir Prakat Diwas⚡️स्वामी रामानंद जी को कबीर साहेब जी बताते है कि मेरा शरीर ना तो पांच तत्व का बना है और ना ही मेरा जन्म हुआ है, मैं तो जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट हुआ हूँ।
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627th Kabir Prakat Diwas⚡️कबीर परमेश्वर जी संवत् 1455 (सन् 1398) ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में काशी के लहरतारा तालाब में कमल के पुष्प पर बालक रूप में प्रकट हुए।