इस मां का बच्चा भी इसी आग में खत्म हुआ है। थर थर कांपती, पुलिस से गुहार लगाती, कभी अपने बच्चे को फोन कॉल करती..... हालत देख कर सोचिये ऐसी 15 माओं ने अपनी औलाद खोई है लखनऊ की आग में
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सुरक्षा नियम सिर्फ हादसों के बाद ही याद आते हैं? जब हजारों छात्र रोजाना इन भवनों में पढ़ाई कर रहे थे, तब फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा उपकरणों की जांच क्यों नहीं हुई? यदि पहले नियमित निरीक्षण होते तो शायद आज इतनी बड़ी कार्रवाई की जरूरत ही नहीं पड़ती।
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जयपुर प्रशासन अचानक अलर्ट मोड में आ गया है। नगर निगम और पुलिस ने फायर सेफ्टी अभियान चलाते हुए 14 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया, जबकि 24 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। लेकिन प्रशासन की कार्रवाई केवल हादसे के बाद शुरू हो, तो इसे लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। जरूरत इस बात की है कि ऐसी जांच और निगरानी केवल औपचारिकता न बनकर नियमित व्यवस्था का हिस्सा बने, ताकि किसी दुर्घटना से पहले ही खतरे को रोका जा सके।
लखनऊ, में कोचिंग सेंटर लगी भीषण आग्निकांड में 14बच्चे की जान चली गयी. इसका जिम्मेदार कौन? समय समय पर सरकार दुकानोँ, मल्टिस्टोरी बिल्डिंग, काम्प्लेक्स की सुरक्षा जांच क्यों नहीं की गयी. इसतरह की घटना बार बार क्यो हो रही है? जिम्मेदारों पर कब कार्यवाही होगी.
मोदी जी @narendramodi क्या आप ये सब देख पा रहे हो?
या ये सब PMO के डाक में डाला जाये जिससे कि आप तक ये पहुँच सके @PMOIndia !
एक ठेला चलाकर अपने परिवार को पालने वाली महिला पर इतना अत्याचार! 💔
जनता के नौकर है वो VIP बन गए ।। माना कि VIP की सुरक्षा करनी है लेकिन ये क्यों भूल जाते हो कि आम जनता की सुरक्षा करना भी प्राथमिकता है @RajPoliceHelp क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही होगी ।
@RajCMO@BhajanlalBjp
एक तरफ तो मुख्यमंत्री जी स्वयं ट्रैफिक व्यवस्था के दौरान आमजन को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने और नियमों का पालन करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर इस तरह की संवेदनहीनता पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर गरीब और मेहनतकश लोगों की आजीविका को नुकसान पहुंचाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल से मानवीय और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आमजन का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।
@RajCMO@INCIndia@INCRajasthan
जगतपुरा जयपुर में VIP मूवमेंट के नाम पर पुलिस द्वारा ठेला पलटने से एक युवती का गंभीर रूप से झुलस जाना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।
क्या आम लोगों की जान और रोज़ी-रोटी की कोई कीमत नहीं?
सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर गरीबों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।
सरकार एवं प्रशासन से माँग है कि इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पीड़िता को तत्काल न्याय व समुचित सहायता मिले।
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan
#NirmalChoudhary
लखनऊ अग्निकांड मे अपना बेटा खोने वाली महिला :- योगी जी हम भाजपा सपोर्टर है बलरामपुर से है!
योगी आदित्यनाथ :- ज्यादा भाषण मत दो
महिला :- सर सर सर और इसके बाद @PTI_News ने ऑडियो म्यूट करदिया संभवतः उसके बाद धमकाया ही गया होगा उस महिला को!
ऐसी पत्रकारिता की वजह से पत्रकारिता पर आये दिन कलंक लग रहे है और सत्ता मे बैठे हुए लोगो के अहंकार और घमंड का तो अंदाजा लगाना ही मुश्किल है जहां गद्दी पर बैठा हुआ आदमी जनता के दुख दर्द को भाषण बता रहा है!
एक तरफ़ सरकार “जनता के बीच” होने का दावा करती है, दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp के काफिले के रास्ते में आम लोगों की रोज़ी-रोटी और सुरक्षा कुचल जाती है।
जयपुर में एक युवती का ठेला हटाने की कार्रवाई के दौरान उसके ऊपर खौलता पानी गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री का काफिला निकले, इसलिए आमजन का ठेला पलट जाए और एक बेटी खौलते पानी से झुलस जाए, यह किसी भी संवेदनशील शासन के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए लेकिन राजस्थान की बीजेपी सरकार की संवेदना शून्य हो चुकी है |
क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री बतायेंगे कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और पीड़िता को सरकार क्या मदद करेगी ?
क्या सरकार ऐसे गैर जिम्मेदार पुलिस अफसर और पुलिस कार्मिकों के खिलाफ कार्यवाही करेगी जिन्होंने ऐसी ओछी हरकत की ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
क्या अब पेट भरने के लिए जलना होगा?
जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले के लिए सड़क खाली करवाई जा रही थी।
आरोप है कि पुलिस ने एक महिला का ठेला पलट दिया, जबकि वह बार-बार कह रही थी कि बर्तन में खौलता पानी है।
उसी खौलते पानी से उसका आधा शरीर झुलस गया।
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, VIP मानसिकता की असली तस्वीर है।
जिस सड़क पर गरीब अपनी रोजी कमाता है, वही सड़क सत्ता के काफिले के लिए “खतरा” बन जाती है।
नेताओं के लिए रास्ते साफ किए जाते हैं, लेकिन आम आदमी की जिंदगी, मेहनत और इज्जत कुचल दी जाती है।
काफिला 2 मिनट लेट हो जाता तो क्या आसमान टूट पड़ता?
फोटो : AI जेनरेटेड
ये ग़लत है और सरासर रिस्की है.
किसी तरह से जस्टिफाई नहीं किया जा सकता.
हम फोर्कलिफ्ट या पुली का उपयोग क्यों नहीं कर रहे?
कंपनियों-शोरूमों के पास पैसा नहीं है? या मन नहीं है?
अमीर क़ादरी का भातीजा भोपाल में आज NEET का एक्जाम देने घर से 2 घंटा पहले निकला।
रास्ते में उसका एसिडेंट हो गया। घर वालों को फ़ोन कर बुलाया और किसी तरह सेंटर पहुँचा।
वह एक मिनट लेट था।
अब वह अगले साल ही शायद एक्जाम दे पाए। उसका पिछला एक्जाम अच्छा था।
दूसरी विडियो 2
18 साल की कुलसुम बानो को अजमेर में NEET एग्जाम सेंटर के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा क्योंकि उसने बुर्क़ा और दुपट्टा पहना हुआ है
कुलसुम का कहना है कि NTA ने हमें ऐसे पहनावे की इजाज़त दी है तो ये लोग मुझे क्यों रोक रहें हैं जबकि 3 मई को भी इसी पहनावे में मैंने पेपर दिया था
कुलसुम ने कहा अगर मेरे पहनावे की वजह से मुझे सेंटर के अंदर जाने नहीं दिया जाएगा तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी, क्योंकि परीक्षा मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती। जो महत्वपूर्ण है, वो है मेरा बुर्का हिजाब एवं मेरी पहचान।✊🧕
NTA की बड़ी लापरवाही? 😱
RE-NEET 2026 Exam से ठीक 10 मिनट पहले सेंटर चेंज
धर्मेंद्र प्रधान Resign तो करना ही पड़ेगा !
मान भी लो कि तुम Exam ठीक से नहीं करवा सकते l
बेंगलुरु में NEET UG re-exam देने आई बच्चियाँ फूट-फूटकर रोने लगीं। थोड़ी देर से पहुँचने पर उन्हें परीक्षा नहीं देने दी गई।
सरकार बच्चों को और कितनी यातनाएँ देगी? पहले आपके भ्रष्टाचार के कारण उनकी परीक्षा रद्द हुई, फिर उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर किया गया। अब थोड़ी सी देरी होने पर उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश तक नहीं मिला।
क्या सरकार में बैठे लोगों में ज़रा सी भी मानवता बची है?
वाह NTA, वाह!
पहले एक साल की तैयारी, लाखों उम्मीदें, और सेंटर बदलने में सिर्फ़ 10 मिनट!
लगता है छात्रों के भविष्य को भी अब “लास्ट मिनट अपडेट” का हिस्सा बना दिया गया है।
बच्चे परीक्षा की तैयारी करें या हर बार सिस्टम की नई नाकामी का सामना करें?
#neet#NEET2027
बेटी NEET परीक्षा से चूकी गई पिता फूट-फूट कर रो पड़े क्या आप इनकी मज़बूरी का अंदाजा लगा सकते हैं..?
अब इस बच्ची का पूरा साल बर्बाद हो जायेगा क्या सारे कानून छत्रों के लिए ही हैं कुछ मिनट लेट होने पर एंट्री नहीं दी..?
🚨 बड़ी खबर! 💥
विजय सरकार ने DMK के 46 पुराने प्रोजेक्ट्स रद्द कर दिए, जिन पर ₹246 करोड़ मंदिरों के फंड से खर्च होने वाले थे 🤯
अब सरकारी घोषणा — मंदिरों की सारी संपत्ति और आय सिर्फ धार्मिक कार्यों के लिए ही इस्तेमाल होगी!
पुजाओं, मंदिर रखरखाव, अन्नदान और धार्मिक गतिविधियों पर ही खर्च — हिंदू आस्था की जीत 🙏
मंदिर के पैसे मंदिर के काम में — ये सही दिशा है!
🇮🇳 जय श्री राम मंदिरों का सम्मान, हिंदू हितों की रक्षा
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