आज शहीद स्मारक जयपुर में संविदा का रैला...
अबतक का ऐतिहासिक जनसैलाब!
1.बजट घोषणा 2026 के तहत संविदा रूल्स 2022 में नियमितीकरण हेतु अनुभव मे 2 वर्ष छूट का आदेश जारी करो
2. नियमित पद स्वीकृत कर नियुक्ति प्रदान करे
#CHO_कार्मिक#संविदा#नियमितीकरण@RajCMO@BhajanlalBjp
#CHO
राजस्थान के हजारों संविदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन....! CHO की मांग है की सरकार उनकी जल्द स्क्रीनिंग करके उनको नियमित करें ...! क्योंकि राजस्थान सरकार के संविदा सेवा नियम 2022 की नियमितिकरण की पात्रता यह हजारों संविदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पूरी कर चुके हैं...! लेकिन चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते यह अभ्यर्थी आंदोलन करने को मजबूर है ..!
गौरतलब है कि गहलोत सरकार के समय वर्ष 2022 में संविदा सेवा नियम सरकार लेकर के आई थी उन नियमों के तहत 5 वर्ष की सेवा के बाद नियमित किए जाने का प्रावधान किया गया था...! (2 वर्ष की छूट) के बाद यह प्रावधान सिर्फ तीन वर्ष का रह जाता है..!
राजस्थान सरकार @RajCMO मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी @BhajanlalBjp एवं चिकित्सा मंत्री @GajendraKhimsar जी निवेदन है कि इन अभ्यर्थियों की मांग जल्द पूरी करके इनको नियमितीकरण का तोहफा दें....! ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मजबूती के लिए इनका नियमितीकरण आवश्यक है..!
उम्मीद है सरकार जल्द संज्ञान लेगी!
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पिछले चार वर्षों से अधिक समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी इन अधिकारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संगठन ने मांग की है कि तीन वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके CHO का स्क्रीनिंग के माध्यम से नियमितीकरण किया जाए, जिससे उन्हें सेवा सुरक्षा और कैरियर उन्नति का अवसर मिल सके।
इसके अलावा, संगठन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के नियमों के अनुसार अनुभव और सेवाओं के आधार पर लॉयल्टी बोनस एवं अन्य सुविधाएं देने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों को उचित सम्मान और स्थायित्व मिलना चाहिए।
संगठन का मानना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा। अब स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेशभर से करीब 3000 से अधिक CHO जयपुर में एकत्र होकर नियमितीकरण, स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने और मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 मानने की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे पिछले चार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे CHO का आरोप है कि उनकी मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 थी, लेकिन विभाग द्वारा इसे बदलकर जुलाई 2023 कर दिया गया, जिससे उनके करीब दो वर्षों की सेवा अवधि प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि सरकार ने तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो नियमितीकरण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई और न ही स्क्रीनिंग को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ।
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक CHO ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं और लाखों लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
CHO ने नियमितीकरण के साथ-साथ NHM नियमों के अनुसार लॉयल्टी बोनस और सेवा सुरक्षा की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और कैरियर सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे न केवल हजारों स्वास्थ्यकर्मियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी और अधिक मजबूत होंगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
बड़ी संख्या में राजस्थान के cho आज जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदर्शन कर रहे हैं सरकार को उन्हें संविदा के जंजाल से बाहर निकालकर सम्मानजनक पे ग्रेड 4800 पर स्थाई करना चाहिए पिछले पांच वर्षों से लगातार cho संविदा के दंश को झेल रहे
#permanentCHOs@RACHO_Rajasthan@RajCMO@MoHFW_INDIA
🚨 एक NHM — एक नियम!
MD @nhm_up के आदेश अनुसार #AMS सभी कर्मियों पर लागू करो या पूरी तरह हटाओ।
❌ सिर्फ #CHOs पर AMS थोपना अन्याय और भेदभाव है।
✊ दोहरा रवैया बंद करो, वरना प्रदेश के समस्त CHOs लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए मजबूर होंगे।
@PMOIndia@JPNadda@myogioffice@DyCMofficeBP
आज जयपुर में CHO अधिकारों की निर्णायक लड़ाई!
वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले CHO आज भी संविदा की असुरक्षा झेल रहे हैं।
हमारी मांग:
✅ नियमितीकरण
✅ 3 वर्ष सेवा पर 10% लॉयल्टी बोनस
आओ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
#PermanentCHOs#RACHO#Jaipur