hanuman beniwal77 कल 20 अक्टूबर को जयपुर जिले में पंचायती राज चुनावों के संबंध में आपके बीच उपस्थित होकर जनसंपर्क करने के लिए मेरे कई कार्यक्रम प्रस्तावित थे, लेकिन अत्यधिक देरी हो जाने के कारण मैं उन कार्यक्रमों में उपस्थित नहीं हो सका। इसके लिए मुझे खेद है।
सोचिए ANM कर्मचारी लखनऊ में इतना बड़ा धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
इसीलिए दिल्ली में जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल के रूप में हटा दिया गया है ताकि आप अन्य जगह प्रदर्शन तो करेंगे लेकिन कोई ध्यान नहीं देगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों संविदा कर्मचारियों का लखनऊ के इको गार्डेन में आंदोलन के पांचवें दिन भी धरने पर बैठे रहना गंभीर चिंता का विषय है।
करीब 20 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाले ये कर्मचारी आज भी नौकरी की अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा के अभाव से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारियों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चिंताजनक है।
NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा नियमितीकरण, EPF, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान शामिल है।
@UPGovt से मांग है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल वार्ता कर ठोस निर्णय लिया जाए और उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायी भविष्य की गारंटी दी जाए।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)-भीम आर्मी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का पूर्ण समर्थन करती है और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
@CMOfficeUP@brajeshpathakup@nhm_up
#UPNHM
#NHM #NHMprotest #NationHealthmission
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
कहीं बाहर दान-पुण्य मत करो। जब दान करने का मन हो, तो जो माता-पिता को पसंद हो, बाज़ार से लाकर उन्हें दो अच्छे वस्त्र पहनाओ और हाथ जोड़कर प्रेम से बात करो। माता-पिता का हृदय ऐसा होता है कि वे कभी अपने बच्चे का अहित नहीं सोच सकते। उनका अंतःकरण से निकला आशीर्वाद आपका जीवन बदल दे🌺🌺
इसलिए हनुमान बेनीवाल को पसंद करता हूं 🫡❤️
कई फर्जी नेताओ ने और उनके लड़के लड़कियो ने 5-5 शादियां कर रखी है, शहरों मे अलग गांवों में अलग गांव वाली बेसहारी को अंधेरे मे रखकर शहरों में नगां नाच कर रहे हैं 😳
जो अपने पत्नियों एवं परिवार को धोखा दे सकते है उनके लिए जनता क्या है 😲
The most expensive part of a hospital bill may never touch the hospital at all.
A patient admitted for care has no way of knowing whether the price on a medical consumable reflects its actual cost or a markup fixed long before it ever reached the ward. That gap in information is, at its core, a public health issue.
A survey of hospital consumables in Maharashtra found an IV infusion set with a trade price of ₹11.05 carrying a printed MRP of ₹325 ; a markup of 2,841%. A syringe procured at ₹6.75 carried an MRP of ₹57.20. A catheter procured at ₹29.41 carried an MRP of ₹310.
These are not elective purchases. Patients cannot compare prices, seek alternatives, or question a number printed on a box while receiving care and the MRP itself is often fixed upstream by manufacturers and distributors, disconnected from the trade price by a wide, unexplained margin. The result is a system where the party bearing the cost has the least information to evaluate it.
The regulatory gap is structural: scheduled medicines are capped under the Drugs (Prices Control) Order, 2013. Most medical devices and consumables are not leaving both the pricing and the information around it almost entirely unmonitored.
A review of these findings and clear guidelines on the permissible gap between trade procurement price and declared MRP have been recommended to the Department of Pharmaceuticals and the NPPA ; a step toward closing not just a pricing gap, but the information gap patients are left to bear alone.
#PublicHealth #GoodGovernance #Leadership #TukaramMundhe
https://t.co/Ye9CVzr8qU
UPI को चलाने के लिए हर साल ₹20,700 करोड़ रुपये चाहिए। ऐसे में कई भक्त कह रहे हैं कि UPI को चलाने के लिए पैसा नहीं है।
लेकिन FY 2025-26 में 👇
• RBI ने मोदी सरकार को ₹3 लाख करोड़ सरप्लस transfer किए
• देश के लिस्टेड बैंकों का मुनाफा ₹4.11 लाख करोड़ से ऊपर है
• UPI को चलाने वाली NPCI का Pre tax ₹1,888 करोड़ है
✅ यानी- RBI जो पैसा सरकार को दे रहा है, उसके महज़ 7.2% हिस्से से पूरा UPI चल जाएगा
मगर दिक्कत वाली बात ये है कि मोदी सरकार ने संसद में झूठ बोला 👇
मोदी सरकार अगस्त में Taxation and Other Laws Amendment Bill, 2026 लाई, जिसके चलते मुफ्त UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का रास्ता खुल गया, लेकिन ...
• 6 अगस्त को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा "MDR पर कोई निर्णय नहीं लिया गया"
• 10 अगस्त को वित्त मंत्री ने सदन में कहा "MDR का कोई फ्रेमवर्क फाइनल नहीं किया गया है"
• 14 सितंबर को नोटिफिकेशन निकाल कर MDR चार्ज लगा दिया गया
✅ UPI से वसूली का मतलब है- UPI को कमज़ोर करना
साफ है- नरेंद्र मोदी ने अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में UPI को कमजोर किया और डिजिटल payments से कमाई करने का रास्ता अमेरिकी कंपनियों के लिए खोल दिया है।
UPI above ₹2,000 now has MDR. Govt says "consumer won't pay". Jio said the same before the bill came. RBI gave govt ₹2.87 lakh crore. Banks made ₹4 lakh crore. NPCI is in profit. Nobody is losing money except the small merchant who now becomes your tax collector.
#UPICharges #MDR #CryptoWala