कलम किसी के बाप की जागीर नहीं है, इसे खामोश होने मत दो। ✍️🔥
जहाँ गलत हो, वहाँ खुलकर विरोध करो—चाहे बात राजनीति की हो या समाज की। किसी व्यक्ति, पद या सत्ता के दबाव में सच बोलना मत छोड़ो।
क्योंकि चुप्पी अन्याय को ताकत देती है और सवाल बदलाव की शुरुआत करते हैं।
जो कलम सच लिखने से डरती है, वह सिर्फ कागज भरती है, और जो कलम अन्याय के खिलाफ उठती है, वही इतिहास बदलने की ताकत रखती है।
हम किसी के तलवे चाटने के लिए नहीं, सच के साथ खड़े होने के लिए हैं।
आज अगर गलत के सामने खामोश रहेंगे, तो कल वही गलत हमारे खिलाफ खड़ा होगा।
याद रखो—
इतिहास टकराने वालों का लिखा जाता है, तलवे चाटने वालों का नहीं। 🔥
इसलिए लिखो, सवाल करो, आवाज उठाओ और गलत का विरोध करो।
कलम जिंदा रहेगी तो व्यवस्था से सवाल भी जिंदा रहेंगे। ✊📖
अजमेर के कडैल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पर छात्रा द्वारा वीडियो में बताए गए अशोभनीय व्यवहार के आरोप पर कुछ कहने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। इससे पहले भी छात्राओं और अध्यापिकाओं को आपत्तिजनक शब्द कहने और अश्लील तस्वीरें दिखाने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं।
एक तरफ राजस्थान सरकार खुद को “In Loco Parentis” यानी अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली बताकर बच्चों की सुरक्षा, निजता और गरिमा के नाम पर स्कूलों में बिना अनुमति फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाती है, वहीं दूसरी तरफ विद्यालयों के भीतर ही छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े ऐसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
कैमरे और वीडियो पर रोक लगाने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। इसके लिए स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसा सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना होगा, जहां हर बच्चा सम्मान और सुरक्षा के साथ शिक्षा प्राप्त कर सके।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, यदि आपके संरक्षण में पढ़ने वाली बेटियां विद्यालय में ही असुरक्षित महसूस करेंगी, तो अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली सरकार की इस जिम्मेदारी का आखिर क्या अर्थ रह जाता है?
@RajGovOfficial तत्काल दोषी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बहिन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस के शासनकाल में भी सरकारी विद्यालयों की स्थिति कोई बेहतर नहीं थी। आज भाजपा सरकार में भी वही समस्याएँ बदस्तूर जारी हैं। अफसोस यह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर समाधान की राजनीति करने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करते हैं।
सरकारी स्कूलों में टूटी छतें, जर्जर भवन, शिक्षकों के रिक्त पद, संसाधनों की कमी और विद्यार्थियों की सुविधाओं का अभाव—ये किसी एक सरकार की नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही नीतिगत विफलता का परिणाम हैं।
राजनीतिक दल सत्ता में आते-जाते रहेंगे, लेकिन सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्ग के बच्चों का भविष्य वापस नहीं आएगा।
जरूरत आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की है। पर्याप्त शिक्षक, सुरक्षित भवन, मूलभूत सुविधाएँ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था हर बच्चे का अधिकार है।
कांग्रेस हो या भाजपा—जो भी सरकार सत्ता में हो, उसे शिक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही तय करनी होगी। बच्चों की शिक्षा को राजनीति का मुद्दा नहीं, प्राथमिकता का मुद्दा बनाइए।
भाजपा शासन में राजस्थान के सरकारी स्कूलों की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। राजकीय विद्यालयों में टूटी छतें, टपकती कक्षाएं और शिक्षकों के हजारों रिक्त पद इस सरकार की हकीकत हैं।
समाधान इन कमियों को दूर करना था, लेकिन भाजपा सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया। अब बिना प्रधानाचार्य की अनुमति के कोई बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकेगा, न फोटो खींच सकेगा, न वीडियो बना सकेगा, न मीडिया रिपोर्टिंग हो सकेगी।
जो सरकार अपने ही स्कूलों की हकीकत से डरकर, उनमें सुधार करने की बजाय पारदर्शिता न रखने के लिए दरवाजे बंद करा रही है, वह शिक्षा का भला कभी नहीं कर सकती।
भाजपा सरकार तुरंत यह आदेश वापस ले और पारदर्शिता से भागना बंद करे। अगर यह तानाशाही आदेश वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में जनता स्वयं आगे आकर स्कूलों की सच्चाई दिखाने वाला अभियान चलाकर इस आदेश की धज्जियां उड़ा देगी।
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने ऐसे लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहाँ हर नागरिक को अपनी बात रखने, अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।
संविधान की भावना हमें सिखाती है कि असहमति को दुश्मनी नहीं, बल्कि लोकतंत्र का हिस्सा समझना चाहिए। #जयभीम_जयभारत
भीम आर्मी के सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के 11 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
जय भीम, नीला सलाम, जय संविधान।
#भीम_आर्मी_स्थापना_दिवस
भीम आर्मी के सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के 11 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
जय भीम, नीला सलाम, जय संविधान।
#भीम_आर्मी_स्थापना_दिवस
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
मैं देश के हर युवा साथी को भरोसा दिलाता हूँ कि न यह मुद्दा खत्म हुआ है और न ही यह आंदोलन।
आपका भाई हर कीमत पर आपके साथ खड़ा है। संसद से लेकर सड़क तक, इस लड़ाई को पूरी जिम्मेदारी, पूरी मजबूती और पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहले भी लड़ी है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ूँगा। मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपका भाई हूँ। आपके अधिकार, सम्मान और भविष्य की इस लड़ाई में आख़िरी दम तक आपके साथ रहूँगा।
साथ ही मैं दिल्ली पुलिस से भी अपील करता हूँ कि इन मासूम, पढ़ने-लिखने वाले युवाओं पर लाठियाँ चलाकर अपनी वर्दी को दागदार न करें। ये बच्चे भी इसी देश के भविष्य हैं और किसी न किसी पुलिसकर्मी, किसान, मजदूर या आम परिवार के घर से ही निकले हैं। स्थिति को संवेदनशीलता, धैर्य और कानून के दायरे में रहकर संभालिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
वार्ता के बजाय दमन का रास्ता अपनाने से बात बनती नहीं, बल्कि बिगड़ती है।
मैं सभी युवा साथियों से भी अपील करता हूँ कि हर परिस्थिति में शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखें। किसी भी उकसावे या अफवाह में न आएँ। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता, हमारा लोकतांत्रिक संघर्ष और संविधान पर हमारा विश्वास है।
हम लड़ेंगे, डटकर लड़ेंगे, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर अपने अधिकार लेकर रहेंगे।
जय भीम! जय संविधान!
बांसवाड़ा जिले के पालोदा निवासी वीरेंद्र बुनकर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को आज 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन @BanswaraPolice अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को उपलब्ध नहीं करा रही है। @RajPoliceHelp@BhimArmyChief
सामाजिक क्रांति के योद्धा, आरक्षण के जनक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज, कोल्हापुर के शासक बहुजन कुल के गौरव छत्रपति शाहूजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
बांसवाड़ा जिले के पालोदा निवासी वीरेंद्र बुनकर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार घटना से एक दिन पहले उन्हें धमकियां दी गई और अगले दिन उनका शव मिला। ऐसे में मामले की निष्पक्ष, गहन एवं पारदर्शी जांच जरूरी है। @RajPoliceHelp
बांसवाड़ा पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो शायद आज एक बेटी ज़िंदा होती। लेकिन शर्म की बात यह है कि न्याय देने की जगह रेप पीड़िता और उसके परिवार पर “भांजगढ़ा” करने का दबाव बनाया गया। यह लापरवाही नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था पर कलंक है। @BanswaraPolice@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रयागराज में सड़कों पर उतरे युवाओं की लड़ाई अपने भविष्य और अपनी मेहनत को बचाने की लड़ाई है।
इस संघर्ष में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरी मजबूती के साथ छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है।
#Prayagraj #StudentProtest #PaperLeak
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का “दुरुपयोग” हो रहा है, यह बात आए दिन कोई न कोई कहता दिखाई देता है। अभी @richaanirudh जी भी यही कह रही हैं।
दरअसल, यह शोषित-वंचित समाज को मिले कानूनी सुरक्षा कवच को बदनाम कर उसे कमजोर करने की साजिश है।
हमारा सवाल है रिचा अनिरुद्ध जी से कि ऐसा कौन सा कानून है, जिसके दुरुपयोग की शिकायतें नहीं हुई हैं?
सबसे बड़ा दुरुपयोग तो जाति, ऊँच-नीच और सामाजिक वर्चस्व का हुआ है, जिसने करोड़ों शोषित-वंचितों को हजारों साल अपमान, हिंसा और भेदभाव में जीने पर मजबूर किया। उस “दुरुपयोग” पर इतनी बेचैनी क्यों नहीं दिखाई देती?
दुरुपयोग तो राज्य की शक्ति का भी होता है, झूठे मुकदमे भी लगते हैं, निर्दोष लोग भी फँसते हैं। फिर क्या सारे कानून खत्म कर दिए जाएँ? क्या राज्य की व्यवस्था खत्म कर अराजकता को स्वीकार कर लिया जाए?
और वैसे भी, अगर किसी कानून का दुरुपयोग होता है, तो उसके खिलाफ मुकदमा करने और न्याय पाने का अधिकार हर व्यक्ति को है।
सच यह है कि समस्या कानून नहीं, बल्कि वह मानसिकता है, जिसने दलितों, आदिवासियों और वंचितों का बराबरी से जीना आज भी स्वीकार नहीं किया। इसलिए बार-बार SC/ST Act को निशाना बनाया जाता है, ताकि समाज में नफरत और भ्रम फैलाकर इसे कमजोर किया जा सके।
जय भीम! SC/ST Act जिंदाबाद!
बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी की 4 माह पूर्व गुमशुदगी की रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस द्वारा आज तक कार्रवाई नहीं करना बेहद शर्मनाक व गंभीर मामला है। परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है लेकिन आज तक बच्ची का कोई पता नहीं लगाया गया। @RajPoliceHelp@RajCMO
माननीय राजस्थान सरकार एवं प्रशासन कृपया संज्ञान लें। @JanSamadhaan
बांसवाड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के बावजूद महिलाएं आज भी 500 मीटर दूर कुओं से गंदा पानी लाने को मजबूर हैं और उसे छानकर पी रही हैं। @RajCMO@narendramodi@Dmbanswara
विजय थलपति जी को मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
आशा है कि आप बहुजन महापुरुषों की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु को समानता, न्याय और विकास के पथ पर अग्रसर करेंगे।
@TVKVijayHQ@actorvijay
बांसवाड़ा में निजी स्कूल हॉस्टल में 8 वर्षीय मासूम छात्र के साथ हुई मारपीट बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। वार्डन ने बच्चे को बंद कमरे में उल्टा लिटाकर तब तक पीटा जब तक बेंत टूट नहीं गई। @BanswaraPolice प्रशासन से मांग है कि आरोपी वार्डन पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। @RajPoliceHelp
बांसवाड़ा जिले के गांव मादलदा में हुई दुखद घटना को लेकर भीम आर्मी बांसवाड़ा के जिलाध्यक्ष विकिल जी सुनार्थी द्वारा मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए। @RajCMO@BhimArmyChief@anil_aazad