चिराग पासवान जैसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए जो 50 लाख का अंगुठी पहन कर चलते हैं, अरबों की संपत्ति है फिर भी इनको आरक्षण चाहिए ! जिस दिन आरक्षण आर्थिक होगा उसी दिन सच मे आरक्षण सही लोगों तक पहुंचेगा! @iChiragPaswan#ReservationReformआंदोलन
भाई, ये कौन सा सामाजिक न्याय है कि चमार-पासवान-पासी-धोबी 95% आरक्षण ले रहे हैं, बाकी जातियों को कुछ नहीं।
इसीलिए पासवान-चमार आदि को उस 15% में से 5% देना उचित है। मुसहर और डोम का नंबर कब आएगा आरक्षित सीट के सासंद जी?
संविधान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण केवल अवसर का प्रावधान नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के विरुद्ध सामाजिक न्याय का सुरक्षा कवच है।
ऐसे में SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ या उप-वर्गीकरण (Sub-classification) की मांग सामाजिक न्याय के मूल उद्देश्य को कमजोर करने वाली है। जो लोग इसका समर्थन करते हैं, उन्हें पहले स्वयं आरक्षण का लाभ छोड़कर एक नैतिक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
जब तक समाज में भेदभाव और असमानता कायम है, तब तक वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा की हमारी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी : @iChiragPaswan
आर्य समाज कहीं बाहर से नहीं आया। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 10 अप्रैल 1875 को मुंबई में इसकी स्थापना की। यह वैदिक धर्म पर आधारित हिंदू सुधार आंदोलन है।
वैदिक काल के आर्य वेद मानने वाले लोग थे। वर्ण व्यवस्था तब गुण-कर्म पर थी। आज आर्य समाज के अनुयायी हिंदू हैं, विभिन्न जातियों से। दयानंद जी जन्म आधारित जाति के विरोधी थे।
अब इसे आरक्षण नहीं चाहिए ,
एक कहावत है. हम तो डूबे सनम तुम्हे लेडुबे.
ऐसे कुछ इनका सोच है
खुद का पूरा फेमली से लेकर रिश्तेदा तक
खूब मलाई खाया हैं.
अब उल्टी करने का मन हुआ तो उन लोगों के ऊपर कर रहा है, जो लोग यहां तक पहुंचना चाहते है
आरक्षण हमारे संवैधानिक अधिकारों का हिस्सा है।
अगर आरक्षण से छेड़छाड़ की गई, तो बहुजन समाज पूरे भारत में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा।
हम अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए तैयार हैं। ✊
जो लोग कहते है एलपीजी गैस shortage एक अफवाह है. में दावे के साथ बोल सकता हूँ ये अफवाह नहीं है, क्योंकि में restaurant में काम करता हू तो में restaurant की बात करूंगा
पिछले 4 दिन से बंद है restaurant जिसमें में काम कर्ता हू 18 साल से !
कोई मादरचो** न बोले। चमार, कुर्मी, पासवान..
सब भीतर जाएंगे। अब केवल यादव का राज चलेगा।
इस बार तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन यादव समाज के लोग गाने और वीडियो के जरिए जिस तरह से अन्य जातियों को धमकियां दे रहे हैं, इससे बाकी जातियां खुद ही डरकर RJD को वोट नहीं करेंगी।
आदरणीय गुजराती महोदय कह रहे है कि बिहार में फैक्ट्री नहीं लग सकता है!
मतलब गुजरात में फैक्ट्री लगेगी और बिहार से मजदुर सप्लाई होगा!
बिहार से इतनी नफरत कहां से लाते है?