नाम बदलनेवाले अब ‘प���रेस वार्ता’ का नाम बदलकर *‘प्रेस एकालाप’* कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं
‘गाँव’ गोद लेने की बात करनेवालों के बुरे दिन आ गये हैं, वो अब अपने ही ख़िलाफ़ हो रहे प्रोटेस्ट के ‘आंदोलनकारियों’ को गोद लेने पर मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री जी के सूचनार्थ-ज्ञानार्थ : *P से Protest भी होता है।*
देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले समस्त स्वतंत्रता सेनानियों को कोटि- कोटि नमन। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। आइए आज इस मौके पर स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने और देश की एकता, अखंडता एवं प्रगति के लिए मिलकर संकल्प लें। जय हिंद। 🇮🇳
महान योद्धा, मारवाड़ के वीर सपूत दुर्गादास राठौड़ जी की जयंती पर उन्हें कोटि- कोटि नमन। दायित्व निर्वहन को प्राथमिकता देने वाले वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौड़ जी के शौर्य एवं त्याग की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
राजस्थान में कमजोर मानसून की स्थिति अब चिंताजनक बन गई है। प्रदेश के 693 में से 246 बांध पूरी तरह सूखे पड़े हैं, सिर्फ 15 बांध ही भर पाए हैं। जयपुर-अजमेर सहित 4 जिलों की करीब 1.16 करोड़ आबादी की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में इस बार एक इंच भी पानी नहीं आया है।
31 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई, 23 जिलों में सूखे जैसे हालात बन चुके हैं, और मौसम विभाग ने अगस्त-सितंबर में भी राहत के कोई संकेत नहीं दिए। ऐसे संकट में सरकार को अभी से वैकल्पिक जल प्रबंधन, चारे, रोजगार और आपातकालीन इंतजामों की ठ��स तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
अगर आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो पीने के पानी और सिंचाई दोनों का संकट विकराल रूप ले सकता है। इससे फसलों की उपज पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा जिसके इंतजाम अभी से करने आवश्यक हैं।
पद्मपुर में झूला झूलने घर से निकली 8 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की खबर रूह ��ंपा देने वाली है। पार्क में अचेत मिली बच्ची को नशीला पदा��्थ देकर शिकार बनाया गया। यह घटना बताती है कि भाजपा राज में प्रदेश में बेटियां और मासूम बच्चे कितने असुरक्षित हैं।
पिछले ढाई साल में महिला और बाल सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। ऐसी घटनाएं उदाहरण हैं कि "नहीं सहेगा राजस्थान" जैसे नारे देने वाली भाजपा के शासन में कानून के राज की धज्जियां उड़ रही हैं।
न स्कूल, न शिक्षक, न पढ़ाई
"शिक्षा मंत्री मुर्दाबाद" से वाह-वाही
भाजपा ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को गर्त में धकेल दिया है.. तस्वीरें भले ही बाड़मेर, जैसलमेर और जालोर जिलों की हों, लेकिन पूरे राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था की यही दुर्दशा है।
गुरु पूर्णिमा के पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु के मार्गदर्शन और उनकी महिमा को सिद्ध करने वाले अनेक उदाहरण हमारे इतिहास में दर्ज हैं। आज इस मौके पर हमें गुरुजन के प्रति कृतज्ञता अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
Paper leaks are a nationwide problem, and Rajasthan has not remained untouched by it. In Rajasthan, 12 paper leaks occurred during the BJP government's tenure between 2013 and 2018, but strict action was never taken. Instead of punishing the culprits, the BJP government turned a blind eye, due to which the paper leak mafia became increasingly fearless.
During the Congress government, whenever an incident of a paper leak came to light, we got to the bottom of it and found a concrete solution. We enacted the strictest law in the country in Rajasthan, which included provisions for life imprisonment, a fine of 10 crore rupees, and confiscation of property. Even a member of the Public Service Commission was arrested and sent to jail. The illegal properties of the paper mafia were demolished using bulldozers and completely destroyed; only then was this problem brought under control.
During the Congress government, when the youth of the state took to the streets seeking a solution to this problem, we listened to them and found a solution, but did not resort to lathi charges (baton charges) and pellet guns like the BJP governments. @INCIndia
पेपर लीक पूरे देश की समस्या है जिससे राजस्थान भी अछूता नहीं रहा। राजस्थान में 2013 से 2018 के बीच भाजपा सरकार के कार्यकाल में 12 पेपर लीक हुए, पर कभी कठोर कार्रव���ई नहीं हुई। सजा देने की बजाय भाजपा सरकार आंखें मूंदती रही, इसी से पेपर लीक माफिया निड़र होता चला गया।
कांग्रेस सरकार के दौरान जब भी पेपर लीक की घटना सामने आई, हमने उसकी तह तक जाकर पक्का समाधान निकाला। राजस्थान में देश का सबसे कठोर कानून बनाया, जिसमें आजीवन कारावास, 10 करोड़ जुर्माने और संपत्ति जब्ती का प्रावधान था। लोक सेवा आयोग के सदस्य तक को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पेपर माफिया की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाकर नेस्तनाबूद कर दिया तब जाकर यह समस्या काबू में आई।
कांग्रेस सरकार के दौरान जब प्रदेश का युवा इस समस्या के समाधान के लिए सड़क पर उतरा, तो हमने उसकी बात सुनी, समाधान निकाला पर भाजपा सरकारों की तरह लाठी और पैलेट गन नहीं चलाई।
दिल्ली के जंतर मंतर पर बैठे युवाओं ने पूरे देश को दिखा दिया है कि लोकतंत्र में असहमति कैसे व्यक्त की जाती है। लाठीचार्ज सहा, आंसू गैस झेली, बारिश में रातें गुजारीं, फिर भी शांति और अनुशासन का दामन नहीं छोड़ा। यही गांधी जी के सत्याग्रह ��ी सच्ची परंपरा है।
मैंने इस आंदोलन में शामिल कई बेटे-बेटियों के इंटरव्यू देखे। जिस ज्ञान, तथ्यों की गहरी समझ और मर्यादा के साथ ये बच्चे अपनी बात रख रहे हैं, उस पर पूरे देश को गर्व है।
ये युवा अराजकता नहीं फैला रहे, अपने भविष्य की रक्षा मांग रहे हैं। श्री @RahulGandhi वर्षों से संसद से सड़क तक युवाओं और छात्रों की यही आवाज उठाते रहे हैं, आज पूरे देश का युवा उसी सच्चाई को दोहरा रहा है।
मैं इन युवाओं के ���ैर्य और साहस को सलाम करता हूं। जो सरकार अपने ही बच्चों की आवाज लाठियों से दबाना चाहती है, इतिहास गवाह है कि ऐसे अहंकारी सत्ताधीशों को जनता ने कभी माफ नहीं किया।