आज हम जिस कंप्यूटर माउस का रोज़ इस्तेमाल करते हैं, उसका पहला संस्करण 1964 में बनाया गया था।
हैरानी की बात यह है कि वह माउस प्लास्टिक का नहीं, बल्कि लकड़ी (Wood) का बना हुआ था। इसे अमेरिकी इंजीनियर Douglas Engelbart और उनकी टीम ने विकसित किया था। उस माउस में सिर्फ एक बटन था और नीचे दो धातु के पहिए लगे थे, जिनकी मदद से स्क्रीन पर कर्सर को नियंत्रित किया जाता था।
उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि लकड़ी के इस छोटे से उपकरण का आविष्कार एक दिन पूरी दुनिया में कंप्यूटर चलाने का सबसे आम तरीका बन जाएगा।
तकनीक की दुनिया में बड़े बदलाव अक्सर छोटे आविष्कारों से ही शुरू होते हैं।
#TechFacts #ComputerMouse
15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी का टैलेंट दुनिया देख रही है, लेकिन पूर्व दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ डैरिल कलिनन ने एक अहम चेतावनी दी है।
उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में भारी बैट को बार-बार पूरी ताकत से घुमाने से कलाई, कोहनी और जोड़ों पर दबाव बढ़ सकता है।
कलिनन ने याद दिलाया कि सचिन तेंदुलकर जैसा महान खिलाड़ी भी एल्बो इंजरी से जूझा था। प्रतिभा जितनी जरूरी है,
उतना ही जरूरी है सही वर्कलोड मैनेजमेंट और फिटनेस।
#VaibhavSooryavanshi #SachinTendulkar
Welcome To The Jungle को CBFC ने U/A 16+ सर्टिफिकेट देते हुए 14 बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई डायलॉग बदले गए, "Paani of Kashmir" जैसे संदर्भ हटाए गए
और Disha Patani व Jacqueline Fernandez के कुछ sensual bikini visuals भी डिलीट कराए गए।
दिलचस्प बात यह है कि OTT और सोशल मीडिया के दौर में भी फिल्मों पर सेंसर बोर्ड की कैंची लगातार चल रही है।
सवाल यह है कि क्या ऐसे कट्स वास्तव में दर्शकों की संवेदनशीलता की रक्षा करते हैं, या फिर रचनात्मक स्वतंत्रता पर अनावश्यक हस्तक्षेप हैं?
#WelcomeToTheJungle
'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में समय रैना द्वारा किए गए "तुम दांत क्यों नहीं साफ करते?" वाले मजाक पर कॉमेडियन सुनील पाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सुनील पाल ने कहा, "तुम कहते हो मैं दांत साफ नहीं करता? लेकिन तुम तो दांत साफ करते हो न? फिर तुम्हारे मुंह में इतनी गंदगी क्यों है? पहले अपने मुंह की गंदगी निकालो, फिर दांत साफ करना।"
यह बयान सिर्फ एक जवाब नहीं, बल्कि आज की कॉमेडी में बढ़ती व्यक्तिगत टिप्पणियों और विवादित हास्य शैली पर भी सवाल खड़े करता है। सोशल मीडिया पर लोग इस बयान को लेकर बंटे हुए हैं—कुछ सुनील पाल का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे कॉमेडी का हिस्सा बता रहे हैं।
#SunilPal #SamayRaina
कभी-कभी इंसान इसलिए नहीं हारता कि उसके पास टैलेंट नहीं होता,
वो इसलिए हारता है क्योंकि उसके पास साथ देने वाला कोई नहीं होता।
अगर आप किसी के साथ खड़े हो सकते हैं, तो खड़े रहिए…
किसी की जिंदगी बदल सकती है। ❤️
बुजुर्ग का मुंह काला कर गांव में घुमाया गया।
आरोप है कि वह करीब 30 साल से जिस जमीन पर रह रहे थे, उसे छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था।
यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, इंसानियत और कानून दोनों पर सवाल है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
#Justice#UttarPradesh#ViralVideo
Norway ने बड़ा फैसला लिया है!
अगस्त 2026 से 6 से 13 साल के बच्चों के लिए स्कूलों में Generative AI टूल्स के इस्तेमाल पर लगभग पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि शुरुआती उम्र में AI पर अधिक निर्भरता बच्चों की पढ़ने, लिखने, गणित सीखने और रचनात्मक सोच (Creativity) विकसित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
बड़े छात्रों को AI इस्तेमाल करने की अनुमति होगी, लेकिन कड़ी निगरानी के साथ।
दुनिया जहां AI को तेजी से अपना रही है, वहीं Norway का यह कदम एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्या तकनीक से पहले बुनियादी शिक्षा और रचनात्मकता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए?
#AI #ArtificialIntelligence
Elon Musk का मानना है कि भविष्य में दूसरे स्टार सिस्टम्स तक यात्रा करने के लिए Antimatter बनाने पर "एक ट्रिलियन × एक ट्रिलियन डॉलर" खर्च किए जाएंगे।
Antimatter को ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली ऊर्जा स्रोतों में गिना जाता है। इसकी बेहद छोटी मात्रा भी विशाल ऊर्जा पैदा कर सकती है, लेकिन इसे बनाना और सुरक्षित रखना आज की तकनीक के लिए बेहद महंगा और चुनौतीपूर्ण है।
फिलहाल यह साइंस-फिक्शन जैसा लगता है, लेकिन अंतरिक्ष अन्वेषण का इतिहास बताता है कि आज की कल्पना कल की हकीकत बन सकती है.
#ElonMusk #SpaceX
महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की शिवसेना-UBT के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वसई क्षेत्र में 50 से अधिक शिवसेना-UBT पदाधिकारी और कार्यकर्ता BJP में शामिल हो गए हैं। इनमें शाखा प्रमुख, विभाग प्रमुख और संगठन के कई महत्वपूर्ण चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी के कुछ सांसदों के भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
2022 की बगावत के बाद से लगातार संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही उद्धव सेना के लिए यह एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
Thalapathy Vijay आज 52 साल के हो गए हैं!
तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक विजय ने पिछले तीन दशकों में अपनी मेहनत, अभिनय और जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता है।
'Ghilli' ने उन्हें मास हीरो बनाया, 'Thuppakki' ने एक्शन स्टार के रूप में स्थापित किया, 'Kaththi' और 'Mersal' जैसी फिल्मों ने सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर दमदार तरीके से पेश किया, जबकि 'Master' और 'Leo' ने बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाए।
आज विजय सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले व्यक्तित्व बन चुके हैं। उनकी फिल्मों के डायलॉग, डांस स्टेप्स और एंट्री सीन फैंस के बीच किसी त्योहार से कम नहीं होते।
एक्टर से नेता तक का उनका सफर भी चर्चा का विषय है, और आने वाले वर्षों में उनकी राजनीतिक पारी पर पूरे देश की नजर रहेगी।
जन्मदिन के इस खास मौके पर उनके प्रशंसक उनकी बेहतरीन फिल्मों को फिर से याद कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आई हुई है।
Happy Birthday, Thalapathy Vijay! ❤️🔥
#ThalapathyVijay #HBDThalapathyVijay
गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई नोटबंदी की वजह से आप, अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए।
यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका। 40 फीसदी काम पर जो पैसा खर्च होना था, वह सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च हुआ।
अखिलेश बाबू को लगा था कि सरकार में वापसी के साथ अपनी चोरी छिपा ले जाएंगे। लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था। घोटालेबाजों की सरकार हार गई। सभी घोटाला सामने आ गया।
यह अखिलेश राज के भ्रष्ट काले कारनामों का यह एक नमूना भर है।
एक-एक कर सारे चिट्ठे खोलूंगा। पूरी फ़ाइल लेकर बैठा हूं।
माननीय संस्थाएं और माननीय एजेंसियां गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी हैं और विश्वास है कि करेंगी भी।
धीरज रखें- जेल में न एसी मिलेगी, न ट्विटर होगा और न ही पीसी कर पाएंगे।
अगर गोमती रिवर फ्रंट में घोटाला हुआ था, तो 9 साल से बीजेपी सरकार और उसकी एजेंसियां क्या कर रही थीं?
हर चुनाव से पहले वही आरोप, वही भाषण, लेकिन आज तक कोई ठोस सज़ा नहीं। जनता सवाल पूछ रही है कि अगर सबूत इतने पक्के हैं तो अदालत में फैसला क्यों नहीं आया?
सच्चाई यह है कि गोमती रिवर फ्रंट आज भी लखनऊ की पहचान है और जनता विकास को देखती है, सिर्फ आरोपों को नहीं।
बाकी, लोकतंत्र में फैसला जनता करती है, X की धमकियों से नहीं।