@drm_dli@RailwayNorthern अभी भी वही स्थिति है महोदय आप बिना बताए जाइए और वहां के कर्मचारियों से पूछे क्या आपका वेतन क्या है और आपको कितना सैलरी मिलता है क्या महीने में छुट्टी मिलता है कि नहीं उसके बाद आपको सच्चाई का पता चल जाएगा
@drm_dli@RailwayNorthern अभी भी वही स्थिति है महोदय आप बिना बताए जाइए और वहां के कर्मचारियों से पूछे क्या आपका वेतन क्या है और आपको कितना सैलरी मिलता है क्या महीने में छुट्टी मिलता है कि नहीं उसके बाद आपको सच्चाई का पता चल जाएगा
@drm_dli@RailwayNorthern श्रीमान महोदय दिल्ली जंक्शन सफाई कर्मी को 13000 रुपए सैलरी पर काम करवाया जा रहा है और किसी भी अधिकारियों का ध्यान नहीं है सब अपने अपने कमीशन लेने में व्यस्त है आपसे हाथ जोड़कर ब्रह्म निवेदन है कि कृपया करके इसकी जांच कराया जाए और दोषी अधिकारियों के ऊपरकारवाईकियाजाए
@AshwiniVaishnaw@AmitShah@narendramodi@RailwayNorthern दिल्ली जंक्शन रेलवे स्टेशन सभी सफाई कर्मचारियों ने मिलकर किया बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन ना तो सही समय पर सैलरी दिया जाता है और ना ही तो मिनिमम वेजेस दिया जाता है तनककाट के सबके अकाउंट में सैलरी डाला जाता है
@RailMinIndia@DARPG_GoI महोदय एक बार इन सफाई कर्मचारियों के जाकर हालत तो देखिए इनका सही से वेतन नहीं मिल रहा है किसी प्रकार का कोई सुविधा नहीं है टॉर्चर किया जाता है इनका एक तरफ से बंधुआ मजदूर बना करके काम करवाया जाना है किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है सब अपने-अपने कमीशन देने में व्यस्त है न्यू दिल्ली
@drm_dli@RailwayNorthern श्रीमान महोदय दिल्ली जंक्शन सफाई कर्मी को 13000 रुपए सैलरी पर काम करवाया जा रहा है और किसी भी अधिकारियों का ध्यान नहीं है सब अपने अपने कमीशन लेने में व्यस्त है आपसे हाथ जोड़कर ब्रह्म निवेदन है कि कृपया करके इसकी जांच कराया जाए और दोषी अधिकारियों के ऊपरकारवाईकियाजाए
@RailMinIndia@DARPG_GoI महोदय एक बार इन सफाई कर्मचारियों के जाकर हालत तो देखिए इनका सही से वेतन नहीं मिल रहा है किसी प्रकार का कोई सुविधा नहीं है टॉर्चर किया जाता है इनका एक तरफ से बंधुआ मजदूर बना करके काम करवाया जाना है किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है सब अपने-अपने कमीशन देने में व्यस्त है न्यू दिल्ली
"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति बतानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे करू?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
बिहार में आने वाली बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है। यह प्राकृतिक भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कुप्रबंधन (Mismanagement) का घातक मिश्रण है।
इसे बहुत हद तक ठीक किया जा सकता है।
सिस्टम ने बिहार के लोगों को इस तरह जीने के लिए जैसे अभिशप्त बना रखा है। इस दर्द को हेलिकॉप्टर में बैठकर कभी नहीं समझा जा सकता। इसके लिए पाँव ज़मीन पर रखने होंगे। ईमानदारी से काम करना होगा।
बिहार को बाढ़ का स्थायी समाधान चाहिए। सिर्फ घोषणा नहीं।
#BiharFlood