आज का लाइव ऐसा होगा
फिर कभी नहीं जैसा होगा
एट्रोसिटी एक्ट के खोलेंगे धागे
रख कर दलितों को ही आगे
चुन-चुन कर वीडियो लाएँगे
सब तथ्य दिखाए जाएँगे
मंचों के बोल भी आएँगे
हर इमेज सजाए जाएँगे
सवर्णों की भी बेटी होती है
उसकी भी इज्जत होती है
वो राह चलती वेश्या नहीं
मैं चुप सुनने वाला प्रेश्या नहीं
हर रंग दिखाऊँगा तुमको
धो-धो के सुखाऊँगा सबको
—
मित्रों, आप सबके स्नेह और समर्थन का आभार! मेरी बहन आपकी भी बहन है, और आपकी बहन मेरी भी बहन है। मेरे वचन तब कटु हुए जब किसी ने उसे राह चलती किसी वस्तु की तरह देखा। मेरी बहन का ऑब्जेक्टिफिकेशन किसी नारीवादी को नहीं दिखा, पर जब एक कथित रावण समर्थक को मैंने लक्षित करके कुछ कहा तो तुम्हें ध्यान आया कि मेरी मानसिकता सड़ी हुई है।
मैं जहाँ से आता हूँ, यदि यह बात मुझे कोई सामने से कहता तो मेरे ऊपर यह धाराएँ नहीं लगती, वो कोई और धारा होती। मैं आत्मनियंत्रण वाला व्यक्ति हूँ और ट्रोल की ट्रोलिंग को उसी तरह से थामना जानता हूँ।
बाकी, जो भी होगा वह प्रारब्ध है। पर हाँ, सवर्णों की बेटियाँ किसी भी शोषित-वंचित के डिजिटल उपभोग या विकृत यौन मानसिकता के प्रयोग की वस्तु नहीं।
2006 की 11 जुलाई को हुए मुंबई ट्रेन विस्फोटों में 189 लोग मरे थे। 2015 में MCOCA कोर्ट ने 12 आरोपितों को दोषी मानते हुए मृत्युदंड एवम् आजीवन कारावास का दंड दिया।
19 वर्ष बीचने के उपरांत, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सारे ही आरोपितों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। कोर्ट का कहना था कि इतने वर्षों में पुलिस यह तक सिद्ध नहीं कर पाई कि किस तरह का बन प्रयुक्त हुआ।
189 लोग मरे और पुलिस न तो ठीक गवाह ला पाई, न साक्ष्य दिखा सकी, न उनकी पहचान करा सकी। पुलिस जाँच में तकनीकी कमियों के कारण सारे ही आरोपितों को छोड़ दिया गया।
19 वर्ष तक केस चला और एक भी व्यक्ति इन 189 लोगों की हत्या का दोषी सिद्ध नहीं हो सका।
19 years of trial to prove that bombs planted itself, triggered itself and killed 189, injuring hundreds more! Same old Indian democracy, showcasing its multiple organ failure.
इस ब्यक्ति को नही, इसके दूरदर्शी विज़न को ध्यान में रख कर, इनको इस बार सत्ता में लानी चाहिए। समान्यतः मत का चुनाब ब्यक्तिगत होता है, परन्तु इस ब्यक्ति का विज़न आने वाले पीढ़ी के लिए शायद कुछ भलाई का काम कर सके। इस बार वोट बिहार नही वहाँ के निवासियों के लिए करे।
#Bihar को अपनी राजनीति पर बेहद गर्व है। पर इसकी हकीकत जानिए,
1. मोहनदास को नेता बनाया देश बंटा
2. जयप्रकाश के साथ खड़ा हुआ, जंगलराज वाला लालू पैदा हुआ
3. आज हिंदुत्व में सारी जाति समा गई है तो जाति गिनने चला है
खुद सोचिए उस मिट्टी की राजनीति कितनी दूषित है
#CasteCensus
आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
काजल अग्रवाल और रत्ना तिवारी सुना रहीं हैं ये गीत, जिसे सुनकर आप भी मिथिला नगरिया पहुंच जाएंगे
सुनते रहिए #GaonRadio
सिर्फ https://t.co/oH977dNdW8 पर
#Mithila#Maithli#FolkSong
Yaayyyy…Happyyy Deepawali
What an amazing game.High on emotions, but this is
probably the most brilliant T20 Innings i have ever seen, take a bow Virat Kohli . Chak De India
#IndvsPak