@dm_ghaziabad@CMOfficeUP
जिलाधिकारी गाजियाबाद,
मैं आपका ध्यान गाजियाबाद की एक पोश कॉलोनी कौशाम्बी की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं. कौशांबी के मेन गेट जो पैसिफिक माल के सामने है, पिछले 3-4 दिनों से तेज आवाज में म्यूजिक बजता रहता है जिससे आसपास रहने वाले निवासियों खास तौर पर बुजुर्गों को रात भर परेशानी रहती है.
कृप्या उचित कार्यवाही करें.
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
10 हजार की रिश्वत लेने वाला तो तुरंत पकड़ा जाता है लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में अल्टरनेट प्लॉट के नाम पर करोड़ों कमाने वाले अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती.
इसका जीता-जागता उदाहरण है सेक्टर-57, गुरुग्राम का प्लॉट नंबर 2255. पिछले साढ़े 21 साल से इसकी मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल हैं, फिर भी हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर यह प्लॉट किसी दूसरे को दे दिया दिया गया है. इससे बड़ा भ्रष्टाचार का सबूत और क्या होगा?
@HigherEduUP@myogiadityanath@CMOfficeUP@GovernorofUp@Ccsumeerut@ChiefSecyUP@YogendraUpadhy@IASassociation
https://t.co/GXICjmuhoG
An Advocate has been pulled for attesting a false Affadevit but Gyan Prakash Verma, the then Regional Higher Education Officer, Meerut has been rewarded with a plum posting as Joint Director, Higher Education - UP for filing a false affidavit on oath knowing it to be false. Hon'ble High Court directed the Directorate of Higher Education to take action against Gyan Prakash Verma but Dr Monika Singh, Director, Higher Education damn cares for the High Court.
What a Joke that too in the regime of Respected Yogi whom people like me worship
The Court further Orders as under:
"The Court was inclined to summon both the Regional Higher Education Officer, Meerut Region, Meerut and the Finance Controller, Directorate of Higher Education, U.P., Prayagraj to explain their conduct. But, Mr. Girijesh Kumar Tripathi, learned Additional Chief Standing Counsel comes to their rescue and states that three days' time may be granted to ensure strict compliance with the statement made before this Court on04.03.2024. This means that within this period of time, the petitioner's gratuity and pension ought to be paid.The matter is, accordingly, adjourned to 09.04.2024"
@HigherEduUP@CMOfficeUP@myogiadityanath
श्री एम पी अग्रवाल, आई ए एस, मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा - उत्तर प्रदेश,
जिस ज्ञान प्रकाश वर्मा को कल आपने उच्च शिक्षा निदेशालय - उत्तर प्रदेश का संयुक्त निदेशक बनाया है, उसे माननीय उच्च न्यायालय ने बुरी तरह से लताड़ा था, उसके विरुद्ध कार्यवाही को कहा था और आपने उसे अधिक दायित्व दे दिए. क्या ऐसा करके न्यायालय का उपहास नहीं उड़ाया जा रहा?
In the Hearing on 3rd April 2024, Hon'ble High Court Judge Orders as under:
"Prima facie, Gyan Prakash Verma, Regional Higher Education Officer, Meerut Region, Meerut appears to be guilty of making a false statement on oath in his affidavit before the Court on 04.03.2024 knowing it to be false. The consequences ought to follow"
@AMRUTCityGzb
सार्वजनिक सूचना
*****************
कौशाम्बी वार्ड 72 की निगम पार्षद श्रीमती कुसुम गोयल जी स्वयं जिस आयोजन में शामिल नहीं होती हैं और उन्हें उपस्थिति के रूप में दिखाया जाता है ये गैर कानूनी, गैर जिम्मेदाराना कार्य है। ऐसे गैर कानूनी कार्य को कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन के मंच पर प्रोत्साहन नहीं दिया जायेगा। कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन इसकी शिकायत भी दर्ज करा सकती है
कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन के समूह में साझा किया जाता है तो ऐसे तथ्य एडमिन हटाने के लिए बाध्य होंगे!
श्री विनय माहेश्वरी जी कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और उन्हें किसी अन्य संस्था के महासचिव से संबोधित किया जाता है कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन इसे गैर जिम्मेदाराना कार्य समझती है और ऐसे सदस्य को कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन से स्वतंत्र होने का आग्रह करती है!
निवेदक:-*🇮🇳🙏🏻👩🏻
कौशाम्बी वेलफेयर एसोसिएशन गाजियाबाद उत्तर प्रदेश
@PMOIndia@narendramodi@myogiadityanath@CBIHeadquarters
भ्रष्टाचार के आरोपों में चारों ओर से लिप्त भ्रष्टाचारी नेताओं को कई कई पेंशन पर देश की सीमाओं पर जान हथेली पर रखकर 15 वर्षों तक ड्यूटी करने वाले शॉर्ट सर्विस कमीशन्ड ऑफिसर्स को एक रुपए की पेंशन नहीं !!
अरे वाह रे देश !!!
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters
माननीय भूपिंदर हुड्डा जी,
भूतपूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा
विषय: प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल पर हुए अत्याचार और इस प्रकरण में हुआ भयंकर भ्रष्टाचार
मान्यवर,
कृप्या उपरोक्त संदर्भ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर चंद्र शेखर खरे, आई ए एस से सख्ती से पूछा जाए कि:
1. जब एस्टेट ऑफिस - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम के श्री धरमबीर ने गुरुग्राम कोर्ट में सितंबर 2024 में लिख कर दे दिया था कि प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को शीघ्र ही अल्टरनेट प्लॉट दे दिया जाएगा तो डॉ अनुपमा मलिक, एस्टेट ऑफिसर - II, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, गुरुग्राम अगले 11 महीने तक यानी कि अगस्त 2025 तक क्या करती रहीं ?
2. क्या इस दौरान सारे अच्छे प्लॉट डॉ अनुपमा ने दूसरों को दे दिए? चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछ जाए कि डॉ अनुपमा मालिक ने इन 11 महीनों में किस किस को कौन कौन से अल्टरनेट प्लॉट दिए और क्यों दिए?
3. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने अपने 28 अगस्त 2025 के पत्र में (मेमो नंबर 7809) जानबूझकर सेक्टर 43 के चार प्लॉट क्यों छुपाए? क्या श्री चंद्र शेखर खरे डॉ अनुपमा मलिक के 16 अक्टूबर 2025 के हास्यास्पद पत्र पर विश्वास करते हैं कि टाइपिस्ट की गलती के कारण ऐसा हुआ? जिस पेपर पर 18 कर्मचारियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर थे, क्या उनमें से कोई भी इतनी बड़ी गलती को नहीं पकड़ सका? क्या यह कोई फुल स्टॉप/कोमे की गलती थी?
4. चंद्र शेखर खरे बताएं कि डॉ अनुपमा ने 28 अगस्त 2025 में मेमो नंबर 7809 में सेक्टर 50 के 11 प्लॉट क्यों छुपा रखे थे? पूरा विश्व जानता है कि एच एस वी पी, गुरुग्राम की ईमानदार एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमति वैशाली सिंह ने इस भयंकर व जानबूझकर कर की गई गलती को पकड़ा था. मुझे संदेह है कि सेक्टर - 50, जो सेक्टर - 57 के सबसे अधिक निकट है और सेक्टर - 57 से जुड़ा हुआ है, के इन प्लॉटों को अलॉट करने में प्रति प्लॉट कम से कम एक करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार किया जाता.
5. डॉ अनुपमा से सख्ती से पूछा जाए कि प्लॉट नंबर 2255, सैक्टर - 57 की पिछले साढ़े 21वर्षों से मूल आवंटी डॉ मीनू अग्रवाल को टेढ़ा मेढ़ा प्लॉट देने की साजिश क्यों रची जा रही है?28 अगस्त 2025 के मेमो में 8 टेढ़े मेढ़े प्लॉटों का जिक्र क्यों किया गया है?
6. डॉ अनुपमा मलिक से पूछा जाए कि एचएसवीपी मुख्यालय, पंचकूला के पत्र संख्या 38653 दिनांक 5 फरवरी 2026 के पत्र जो उन्हें एडमिनिस्ट्रेटर, एच एस वी पी, गुरुग्राम के माध्यम से 6 फरवरी 2026 को मिला था, का उत्तर अगले डेढ़ महीने तक क्यों नहीं दिया जबकि यह केवल 5 मिनट का कार्य था?
7. चंद्र शेखर खरे से सख्ती से पूछा जाए कि माननीय उच्च न्यायालय के 3 जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश के बाद उन्होंने मेरा प्लाट नंबर 2255, सैक्टर - 57, गुरुग्राम अदालत की अनुमति के बिना किसी दूसरे को कैसे दे दिया? क्या चंद्र शेखर खरे देश में जंगल राज लाना चाहते हैं?
8. चंद्र शेखर खरे बताएं कि वो माननीय उच्च न्यायालय से अधिक शक्तिशाली हैं? क्या चंद्र शेखर खरे, आई ए एस माननीय उच्च न्यायालय की परवाह नहीं करते हैं? क्या चंद्र शेखर खरे को मालूम नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करने से उन्हें जेल भी हो सकती है?
9. क्या चंद्र शेखर खरे को ज्ञात नहीं कि मैं और मेरे पति (दोनों ही सेवानिवृत वरिष्ट नागरिक) पिछले 5 वर्षों में एक मिनट भी चैन से नहीं सो सके हैं?
मान्यवर, एक बात ध्यान रहे कि माननीय प्रधानमंत्री/माननीय प्रधान न्यायाधीश की सहमति से अपने जीवन का अंत करने से पहले मैं न्याय पाने और भ्रष्टाचारियों को दंड दिलाने के लिए हर दरवाजा खटखटाना चाहती हूं.
धन्यवाद
प्रोफेसर मीनू अग्रवाल
प्लॉट नंबर 2255, सेक्टर - 57, गुरुग्राम की पिछले साढ़े 21 वर्षों से मूल आवंटी
@csharyana@cm_window@cmohry@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@HsvpHaryana@anilvijminister@police_haryana@rtsharyana@CBIHeadquarters