Spiritual man dedicated to Shrimadrajchandraji and Gandhiji. Writer : ‘महात्मा के महात्मा: श्रीमद् राजचंद्र और महात्मा गांधी. { available at Amazon &FlipKart}
🌈जागो जागो-संविधान बचाओ🌈
🍀जय सद्भावना-जय जगत 🍀
कल तक गणतंत्र ने हमें संभाला था, आज हमें गहरे प्रेम व सक्रियता से अपना गणतंत्र संभालना है। उस प्रेम व सक्रियता को शुभकामना
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‘ सात्विक जीवन ‘
‘ सत्य साधक सत्य शोधक ‘
‘सत्य के पहरुए ‘समूह
॥*आनन्द भवन में स्वस्ति की मस्ती ॥**
*विकल्प का स्वभाव ही दु:ख स्वरूप .*
*संयोगों के बीच रहता हुआ निर्विकल्प : भींतर में आनन्द भवन में स्वस्ति की मस्ती *अस्ति -द्रव्य : मस्ती पर्याय. अस्ति ‘मैं ‘ मस्ति ‘पर’ -भेदज्ञान *॥ भगवान आत्मा : आनन्द का कंद; सत्ता मात्र भगवान आत्मा *॥
॥ ** ज्ञान का ज्ञायक से तादात्म्य **॥
*ज्ञान के निर्मल परिरमण में इन्द्रिय परमाणु नहीं आते ; देखने-जानने वाला परिरमण एक समय का : ज्ञान में ज्ञान का परिरमण*दर्पण की धूल और दर्पण की स्वच्छता.सम्यग्दृष्टि ज्ञान की पर्याय पर बैठता नहीं **
॥