मत छीनो सहारा उस हाथ से‚
जो सदियों से दबा रहा है।
आरक्षण भीख नहीं‚ हक है‚
जो बराबरी तक ले जा रहा है।
जिसने झेली है सदियों की मार‚
जिसे मिला ना कभी अधिकार।
उसे अगर आज मौका मिला‚
तो क्यों तुम्हें होने लगी तकरार?
ये कुर्सी नहीं‚सम्मान की लड़ाई है‚
ये पिछड़ेपन से उठने की दुहाई है।
जब तक जाति का भेद मिटा नहीं‚
तब तक आरक्षण का काम घटा नहीं।
कहते हो योग्यता घटती है इससे‚
सोचो योग्यता को रोका किसने ?
मंदिर में‚ नौकरी में‚ सत्ता में‚
पहले कब मौका दिया था जिसने ?
गरीबी देखकर नहीं‚
भेदभाव देखकर बना‚
ये कानून किसी को
रुलाने को नहीं बना।
जब सबको एक लाठी से हाँका जाएगा‚
तब कैसे सबका साथ निभाया जाएगा?
आरक्षण हटाना हल नहीं‚
‘जातिवाद’ मिटाना हल है।
जब ‘सबको’ एक समान समझोगे‚
तभी तो देश सफल है।। 🥀
✍️ अज्ञात
नमोबुद्धाये जय भीम 🌿
जय संविधान ✨
आरक्षण
आरक्षण का सिद्धांत कोई दान नहीं है‚
स्विस बैंक से लूटा कोई माल नहीं है।
सदियों से चली आ रही तुम्हारी
नीचता का प्रतिकार है ये ।
सर उठाकर माँगा जा रहा
कानूनी अधिकार है ये ।
हज़ार वर्षों की गुलामी‚
सैकड़ों लोगों की कुर्बानी‚
तुम्हारे ज़ुल्मों की निशानी–
शोषितों‚वंचितों‚पीड़ितों की ज़ुबानी
आग उगल रही कहानी सारी।
बद से बदतर की दास्तान है ये
टूटे सपने‚पीढ़ी-दर-पीढ़ी की पीड़ा‚
बंधी हुई ज़ंजीरों से निकलने का
गुलिस्ताँ है ये ।
दलितों-पिछड़ों का संवैधानिक अधिकार है ये‚
‘संघर्ष’ और घोर ‘तपस्या’ का परिणाम है ये।
बहुजनों का अभियान‚
महिलाओं का स्वाभिमान
और
Symbol of Knowledge,
Dr. Babasaheb Ambedkar
की जुबान है ये।
हज़ारों सालों के ज़ख्मों की भरपाई है ये
समाज की मुख्यधारा में जगह पाने का
एक मुकाम है ये।
एक दलित‚आदिवासी‚पिछड़े की
रोटी‚ कपड़ा और मकान है ये।
मुख्यधारा में आने का छोटा-सा ज़रिया है ये‚
और तुम्हारे पास आने का कानूनी प्रयास है ये।
अब मैं अपनी अंतिम बात कहना चाहता हूँ‚
इस पर गौर करें:
ज़हर पिया हमने सदियों तक‚
फिर भी हम ज़िंदा हैं।
रीढ़ की हड्डी तोड़ डाली तुमने‚
फिर भी नहीं तुम शर्मिंदा ।
सब कुछ तो छीन लिया तुमने‚
अब बचा थोड़ा-बहुत आरक्षण है‚
उस पर भी फन फैलाकर बैठे हो।
उसके बाद भी प्रश्न है
“आरक्षण कब तक?”
तो मैं बताता हूँ:
आरक्षण कब तक?
आरक्षण तब तक–
जब तक जाति व्यवस्था है‚
जब तक हम न पहुँचें तुम तक।
• मंदिर में मनुवादी व्यवस्था जब तक‚
• सर्वोच्च न्यायालय में कॉलेजियम जब तक‚
• छुआछूत मिट न जाए देश के हर कोने-कोने तक‚
• मैला ढोना बंद न हो तब तक‚
• बराबरी की भागीदारी न हो तब तक ।।
चलो आज एक सौदा करते हैं‚
वक़्त के पहियों को हज़ारों
साल पीछे ले जाते हैं।।
आरक्षण की अदला-बदली करते हैं
और बात यहीं पर ख़त्म करते हैं।
एक बात तो तय है‚मेरे दोस्त !
तुम एक दिन भी उस असहनीय
दर्द को झेल नहीं पाओगे।
एक ठोकर लगते ही
पल भर में ढेर हो जाओगे‚
परंतु आरक्षण को
क्षण भर में समझ जाओगे।।
जयभीम 🌿 जय संविधान
✍️ अज्ञात
#Reservation #bsp
“मन शुद्ध हो तो हर जगह पवित्रता है ”
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सतगुरु संत शिरोमणी गुरु रविदास जी महाराज 648 वें पावन प्रकाश पर्व पर
#लख_लख_बधाईयां ।।
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जय गुरु रविदास जी 🧡 🙏
@AnandAkash_BSP जी
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ!
"जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात।
रैदास मनुष ना जुड़ सके, जब तक जाति न जात।"
संत गुरु रविदास जी ने अपने समय में व्याप्त पाखंड, अंधविश्वास और जात-पात के भेदभाव के खिलाफ क्रांति की मशाल जलाई। उनकी वाणी ने समाज को यह सिखाया कि ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग जाति या जन्म से नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम, करुणा और निष्कपट भक्ति से तय होता है।
आज उनकी जयंती पर हमें उनके विचारों को आत्मसात कर सामाजिक समानता, भाईचारे और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लेना चाहिए।
गुरु रविदास जी के दिखाए समता और न्याय के मार्ग पर चलें, और एक समतामूलक समाज की नींव रखें!
जय गुरु देव!
दिल्ली के हर विकास के मुद्दे पर LG साहब ने दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दिया लेकिन एलजी साहब ने सरकारी बंगले को शीश महल में तब्दील करने से नहीं रोका इन्हें?
बहुत ही विचित्र बात है।
भारत में सबसे पहले महिलाओं का स्कूल खोलने वाली प्रथम महिला शिक्षिका व समाज सुधारिका एवं मराठी कवियत्री माता #सावित्रीबाईफुले जी के जन्मदिवस पर उन्हें शत शत नमन ...!
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नव वर्ष 2025 ‘बुद्धमय’ हो !
हर तरफ ‘संविधान’ का साया हो...!
नववर्ष 2025 की सभी साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
नमोबुद्धाये जय भीम 💖🌹🎉🎇
#happy_New_Year