कौन कहता है देश मे भुखमरी जैसे हालात है।
शराब की लाइन को देखकर लगता है कि हमारे देश से ज़्यादा मालदार कोई है ही नही।
हम बेकार में दिन रात मज़दूरों की फिक्र लिए घूमते है 🙏🤨
क्या 130 करोड़ लोगों में से 10 भी ऐसे हैं जो अपना मोबाइल बेच कर भूख से मरते हुए कुछ लोगों को बचा लें ?
अगर इतना भी जज़्बा नहीं है, तो काहे के हिन्दू काहे के मुसलमान!