माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी
माननीय ACS @BiharEducation_ जी सुने है अब बिहार में AI की पढ़ाई होगी और @Google पढ़ाएगा आज उसी google के AI से शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले के बारे में सवाल किया
जबाब स्पष्ट है
🪔 अंशकालिक के रूप में खेल गतिविधि असंभव है
🪔विशाल छात्र संख्या एवं नियंत्रण असंभव
🪔सुरक्षा का बड़ा जोखिम
🪔संसाधनो और जगह का अभाव
पता नहीं क्यों शिक्षा मंत्री जी
🙏छात्रों का नहीं सुनते हैं
🙏अभिभावक का नहीं सुनते है
🙏शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक का नहीं सुनते है
🙏 सबसे बड़ी बात जिस AI को लेकर सभी लोग उत्साहित हैं उस Google AI का भी नहीं सुन रहे हैं
🙏टोक्यो को बिहार मॉडल पढ़ना चाहिए! 2 दिन ट्रेनिंग = सभी खेल एक्सपर्ट! और 4 साल की http://B.P.Ed डिग्री वाला ₹16000 में चेतना सत्र कराए! वाह रे शिक्षा विभाग! #समान_काम_समान_वेतन
ये है अभय मिश्रा भागलपुर के शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 वाले के जिला अध्यक्ष इनको लग रहा है स्कूल में जितना ज्यादा खेलें के क्षेत्र में अच्छा काम करेंगे
सरकार उतना जल्दी सुन लेगी और पूर्णकालिक कर देगी
शायद मिश्रा जी भूल गए कि किसकी सरकार है बिहार में योग्यता की नहीं वोट की पूजा होती है
आपके पास वोट बैंक है योग्यता शून्य भी है
सरकार आपकी सुनेगी
अगर वोट बैंक कम है फिर सरकार भगवान का भी नहीं सुनेगी तभी तो सिर्फ मैट्रिक पास टोला सेवक की सैलरी 25000 नौकरी अपने पंचायत में लेकिन MATRIC+INTER+BA+BPED+STET उत्तीर्ण शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की सैलरी सिर्फ 16000 और नौकरी घर से 300-400 किमी दूर
हमें लगता है माननीय मुख्यमंत्री जी एवं शिक्षा मंत्री जी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लगातार भुख हडताल पर बैठना होगा
बिहार के शिक्षा विभाग और खेल विभाग @BiharSportsDept का नाम गिनीज बुक में दर्ज होना चाहिए और 8वां अजूबा कि सुची में शामिल होना चाहिए
@narendramodi@samrat4bjp@officecmbihar@mkrtiwari_bjp@DGBSSA
क्योकी बिहार ऐसा राज्य है जहाँ MATRIC+INTER+BA+BPED+STET उत्तीर्ण शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक वेतन सिर्फ 16000 के कारण चेतना सत्र करवा कर घर चले जाते हैं
और दूसरे विषय के शिक्षक जिनके पास खेल का कोई डिग्री नहीं है लेकिन सिर्फ 2 या 3 दिन के प्रशिक्षण के बाद मशाल में होने वाले सभी खेल के विशेषज्ञ हो जाते हैं और कक्षा 6-12 तक के बच्चे की मशाल खेल में भाग लेने के लिए तैयार कर देते हैं
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी आज आपका दो काम शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय है
@officecmbihar@BiharEducation_
1. आप खुद PTM मे शामिल हुए
2. आप मुख्यमंत्री होते हुए भी HM कि कुर्सी पर नहीं बैठे
लेकिन अफसोस कहे या बिहार का दुर्भाग्य जिस स्कूल में मुख्यमंत्री खुद समस्या को सुने लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय से समस्या समाधान के लिए पत्र जारी नहीं होना काफी दुखद है
मुख्यमंत्री जी आपकी भी अपनी मजबूरी है आप इतना ज्यादा प्रोटोकॉल के घेरे में रहते हैं की अधिकारी असली समस्या को आप तक पहुँचने ही नहीं देते है
आखिर आज एक अभिभावक द्वारा बच्चों के लिए खेल का महत्व बता दी गई
लेकिन सरकार में बैठे IAS/IPS रैंक के अधिकारी को खेल का महत्व पता नहीं है
माननीय मुख्यमंत्री जी हकीकत ये है कि
40% स्कूल में शारीरिक शिक्षक नियुक्त ही नहीं है
लगभग 3000 स्कूल में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक नियुक्त है जो सिर्फ चेतना सत्र करवा कर घर चले जाते हैं क्योकी उनकी सैलरी सिर्फ 16000 है जबकी आपके द्वारा करोडो का खेल सामग्री स्कूल में उपलब्ध करा दी गई है
एक आम आदमी भी सोच सकता है कैसे कोई शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक सिर्फ एक घंटे में PT भी करवा देगा और खेल भी सिखा देगा
क्या धरातल पर संभव है नहीं ये सिर्फ कागज़ पर ही संभव है
माननीय मुख्यमंत्री जी वैसे भी आप शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को सिर्फ चेतना सत्र करवाने का 16000 दे ही रहे हैं सिर्फ वेतनमान देकर पूरे दिन स्कूल में काम लिया जाए
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक भी खुश और विद्यार्थी भी खुश
लगभग माध्यमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक का पद खाली है लेकिन TRE4.0 में शारीरिक शिक्षक की रिक्ति सिर्फ 47
अत: माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है जब आप खेल गतिविधि को लेकर समस्या खुद सुने है
तो समस्या समाधान के लिए यथा शीघ्र पत्र जारी करने की कृपा करेंगे
अन्यथा एक मुख्यमंत्री जी का विद्यालय निरीक्षण
और एक वार्ड सदस्य के स्कूल निरीक्षण में क्या अंतर होगा ?
🙏🙏🙏🙏