Impressions of a foreign journalist I spoke to this week who is currently in Tel Aviv:
Tel Aviv has become a ghost town
She is filled with a feeling of defeat and frustration
Its streets are empty and its residents do not leave their homes
Sirens sound day and night
The Iron Dome is useless and has confirmed its failure
Extreme fear of an upcoming battle with Hezbollah
The video is from the Israeli army but I am open to hearing the other side why they are revolting against their government? Maybe they are sick of the war?
काश______उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग मुसलमान हुक्मरान होता.?
जो सिर्फ जंग से खेलना जानता है कोई बयान बाजी नही करता है!
उन्होंने कहा फलिस्तीन पर इजराइल कब्जा कर रखा है जिसे वो मुकद्दस समझते है और 56 मुसलमान हुक्मरान सिर्फ मजम्मत करते हैं
अगर हम होते तो हम इजराइल पर अपने तमाम मिसाइल दाग देते
क्योंकि इजराइल की दहशतगर्दी हमे भी बर्दास्त नही हो रही है पर मजबूर हूं की हमारा फलिस्तीन से कोई रिश्ता नहीं है!
Prophet Muhammad’s Rules of War:
• Do not kill women, children, or babies
• Do not kill trees
• Do not destroy holy spaces
• Do not mutilate bodies
• Do not mistreat prisoners
• Do not force people to believe
• Do not spoil gardens
These rules are more important than ever.
@CraigCons
रब्बी एल्हानान बेक ज़ियोनिज़्म के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वाले प्रमुख यहूदी नेता हैं। वह कह रहे हैं
पवित्र भूमि में शांति का एक ही उपाय है. वह यह है कि 1948 से पहले की स्थिति में जाना और समुद्र से ज़मीन तक सभी कब्ज़ा की गई ज़मीनों को फ़िलिस्तीनी समाज को वापस लौटाना।
दुनिया में एकमात्र समाज जो दूसरे लोगों की ज़मीनों पर कब्ज़ा करके पीड़ित होने का दावा करता है, वह इज़रायली समाज है।
जो लोग फलस्तीन और इजरायल के बीच जारी लड़ाई में हमास के हमले को आतंक से जोड़ रहे हैं उनको कई देशों में भारत के राजदूत रहे सकंद रंजन तायल की यह गुफ्तगू जरूर सुननी चाहिए।
#Palestine#FreePalastine
जैसे आज पूरी दुनिया इजरायल 🇦🇷 हमले से दुखी हैं क्योंकि इसमें बेकसूरों की जाने गयी है
काश हर व्यक्ति हर देश तब उतनी ही सवेंदनाए प्रकट करता दुख जाहिर करता जब 2008से अब तलक इजरायल 🇦🇷 द्वारा फिलीस्तीन के 150,000 व्यक्ति जिनमें 33-34 हजार बच्चे मारे गये थे। क्या वो किसी के बच्चे या परिवार नहीं थे।
इजरायल के किये गये कर्म आज उसके आगे आ रहे हैं मैं शांति का पक्षधर हूं। दोनों देशों में शांति होनी चाहिए । #Israel #Palestine #Hamas #savas #IsraelUnderAttack #طوفان_الأقصى #جوري_المغربيه
हरियाणा के नूंह हिंसा मामले में 45 एफआईआर दर्ज़ हुई है जिनमें बजरंग दल और वीएचपी से जुड़े किसी व्यक्ति का नाम नहीं है और ना ही इन दोनों संगठनों का किसी हिंसा के मामले में नामज़द किया गया है !!
आपको धमकाया जायेगा आपको उकसाया जायेगा दंगो में आपका घर आपकी दुकान को जलाया जायेगा और आपको जेल में भी डाला जायेगा लम्बी लड़ाई के बाद अदालत से बाइज्जत बरी भी होंगे मगर तब तक आपकी ज़िन्दगी के कई साल बर्बाद हो चुके होंगे ये पैटर्न सदियों से चला आ रहा है और चलता रहेगा !!
अपने बच्चों को अच्छी तालीम दिलवाइये उन्हें उनके बेहतर मुस्तकबिल के लिये पढ़ाइये कम्पटीशन के दौर में जब आपके बच्चें आगे आयेंगे तब सदियों से चली आ रही परम्परा टूट जायेगी दीन के साथ दुनियावी तालीम बहुत जरूरी है !!
हरियाणा के उस मुस्लिम परिवार को मेरा सलाम पहुंचे जिसने करण सिंह और विवेक नाम के पिता पुत्र और एक महिला पुलिसकर्मी को पनाह देकर उनकी की रक्षा की।
सोहना के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर करण सिंह अपने बेटे विवेक के साथ नूंह गये थे प्लॉट देखने। वहां दोनो अपनी फरचूनर के साथ बृज मंडल यात्रा में शामिल हो गये। यात्रा के कुछ किलोमीटर चलने के बाद दंगा भड़क गया। भीड़ ने पिता-पुत्र को गाड़ी से बाहर खींच लिया और उनकी पिटाई की।
जान बचाने के लिए दोनों भागकर एक घर में घुस गये। यह घर 15 सदस्यों वाला संयुक्त मुस्लिम परिवार था। परिवार ने आश्वासन दिया कि घबराओ मत, आप यहाँ सुरक्षित हो।
थोड़ी देर बाद बाहर शोर हुआ और फिर दरवाजे पर दस्तक हुई। परिवार ने दरवाजा खोला। एक महिला पुलिसकर्मी थी। उसे भी अंदर बुला लिया गया।
करण सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया है कि हम तीनों को घर के अंदर पनाह देकर वह परिवार बाहर पहरा देता रहा ताकि कोई खतरा न हो। वे हमारे लिए उस दिन देवदूत थे। उन्होंने हमें खाना खिलाया और जो चोट लगी थी उसका प्राथमिक उपचार किया। ये तीनों लगभग पांच घंटे उस घर में रहे।
जब थोड़ी शांति हुई तो परिवार के लोगों ने इन तीनों का हुलिया बदला, लड़के को एक मुस्लिम प्रतीक वाली टीशर्ट पहनाई। महिला पुलिस कर्मी को बुरखा पहनाया और सुरक्षित वहां से उनके घर भेजा।
करण सिंह बाद में अपनी गाड़ी खोजने गये जिसे शैतानों ने जला कर राख कर दिया था। लेकिन जहां उन्होंने पनाह ली, वहां इंसानियत बसती थी। इंसानियत बच गई।
सिर्फ यह परिवार ही नहीं, वह हर व्यक्ति जो मारने वालों में नहीं बल्कि बचाने वालों में शामिल है, वही हिंदुस्तान की उम्मीद है। वही असली हीरो है।
दंगाइयों ने दुनिया को बर्बाद किया है। लेकिन इंसानों ने इंसानियत में यकीन रखते हुए हमेशा इसे खूबसूरत बनाया है।
आप क्या बनना चाहते हैं? इंसान या दंगाई शैतान?
राजपूत और जाट समाज ने मेवात हिंसा पर जिस तरीके से विरोध जताया है वह सराहनीय है, उन्होंने जिस तरीके से अपने बच्चों को हिंदुत्व के नाम पर हो रहे बवाल से दूर रहने को कहा है वह दर्शाता है कि वह कायर नही है.
@igopalgoswami FAKE NEWS!
2017 video of political murder from Bangladesh shared with false and communal claim linking it with Mewat, Haryana. This misleading tweet has close to 9000 RTs.
C'C : @police_haryana
https://t.co/CwfC0a7ysN