This guy is playing with our portfolio !!
First announced that he'll strike on IRAN
> Oil pumped but crypto dumped
Now announcing that he'll not strike on IRAN
> Oil dumped but crypto pumped
He's the president of USA and his words hold world level influence yet he's doing these things.
i'm out of words as of now.
आज हुई बोर्ड मीटिंग में बोर्ड ने L1 संस्कृत, L2 संस्कृत और L2 साइंस के प्री डीवी रिजल्ट का अनुमोदन किया।
सभी सफल हुए कैंडिडेट्स को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं!
We launched a suite of onchain FX liquidity pools with @fraxfinance, @CurveFinance, and @DFB_DeFi.
Six global stablecoin pairs live on Polygon with frxUSD as the base dollar pairing.
The world's currencies are moving onchain, with deep liquidity built for cross-border payments.
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी एक जांच ये भी करवा दो बहुत गड़बड़ियां मिलेगी।।
REET 2016 और 2018 की भर्ती प्रक्रियाओं में 70:30 (REET स्कोर : स्नातक अंक) के अनुपात ने वास्तव में एक ऐसा "लूपहोल" तैयार किया था, जिसका फायदा उठाकर कई लोगों ने बाहरी राज्यों या संदिग्ध विश्वविद्यालयों से फर्जी डिग्रियां हासिल कीं।70/30 का वेटेज था उस समय चयन प्रक्रिया में स्नातक (Graduation) के अंकों को 30% वेटेज दिया गया था। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि जिन अभ्यर्थियों के REET में कम अंक थे, उन्होंने फर्जी तरीके से स्नातक में 90% से अधिक अंक वाली डिग्रियां बनवाईं और वास्तविक रूप से योग्य उम्मीदवारों को मेरिट से बाहर कर दिया।
सरकार और शिक्षा विभाग को इस दिशा में निम्नलिखित कड़े कदम उठाने चाहिए।
सभी चयनित अभ्यर्थियों की स्नातक की अंकतालिकाएं और विश्वविद्यालय का नाम एक सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। इससे 'सोशल ऑडिट' संभव हो सकेगा।
बाहरी राज्यों की डिग्रियों का गहन सत्यापन: राजस्थान से बाहर की यूनिवर्सिटीज, विशेषकर जो 'ब्लैकलिस्टेड' या संदिग्ध रही हैं, उनकी डिग्रियों की जांच के लिए विशेष टीमों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाए।
DEO स्तर पर सख्त निर्देश देकर प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पाबंद किया जाए कि वे अपने जिले में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों की पुनः जांच करें और संदिग्ध पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज कराएं।
जब तक डिग्रियां सार्वजनिक नहीं होंगी, तब तक फर्जीवाड़ा पकड़ना मुश्किल है। यदि सरकार इन आंकड़ों को सार्वजनिक करती है, तो स्थानीय स्तर पर लोग पहचान पाएंगे कि किस व्यक्ति ने कभी कॉलेज देखे बिना ही डिग्री हासिल कर ली।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता केवल एक सिस्टम नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं का हक है जो दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व वाली सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि वे "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए इन पुरानी भर्तियों की भी जांच कराएंगे या इन सबकी डिग्रियां सार्वजनिक करवा दो सब समझ में आ जाएंगे।
फर्जी डिग्री धारकों को सेवा से बाहर करना न केवल न्याय होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी जालसाजी करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश भी होगा।
@BhajanlalBjp
@Digvijay_Crypto Bhai start me jo msg dikha rhe ho vo apne 12 bje k bad kiya h or subh jo post ki thi usme trade btai thi fir hme loss hua apne delete kr di ??